नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के बीच मंगलवार को एक अजीब सर्च देखने को मिली। गूगल ट्रेंड्स पर 'टोरेंस बनाम सुंदरलैंड अंक तालिका' अचानक तेजी से सर्च होने लगा। हजारों लोग यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि इन दोनों टीमों का मैच कब है। लोग दोनों क्लबों के बीच अंक तालिका की स्थिति तलाश रहे थे। हमारी टीम ने इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल की। जांच में सामने आया कि इस नाम का कोई आधिकारिक लीग मैच तय ही नहीं है। यह पूरा मामला इंटरनेट पर फैले फर्जी लिंक और साइबर जालसाजी से जुड़ा निकला।
खेल प्रेमियों को जब यह सर्च दिखी तो कई लोग हैरान रह गए। सुंदरलैंड इंग्लैंड का एक बहुत पुराना और मशहूर फुटबॉल क्लब है। वहीं स्पोर्ट क्लब टोरेंस पुर्तगाल का एक क्लब है। दोनों क्लब दो अलग-अलग देशों की घरेलू लीग में खेलते हैं। ऐसे में दोनों के बीच किसी आधिकारिक लीग तालिका का कोई सीधा मुकाबला नहीं बनता है। इसके बावजूद सर्च इंजन पर यह मुकाबला ट्रेंड करने लगा। इसके पीछे का सच खेल के मैदान से ज्यादा साइबर दुनिया की चालाकी से जुड़ा हुआ है।
दो अलग-अलग देशों के क्लब और वायरल मैच का सच
इंग्लैंड का सुंदरलैंड एएफसी इस समय इंग्लिश फुटबॉल लीग चैंपियनशिप में खेलता है। सुंदरलैंड की टीम प्रीमियर लीग में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। उनका इतिहास काफी बड़ा और गौरवशाली रहा है। दूसरी तरफ टोरेंस पुर्तगाल के दूसरे दर्जे की लीग में खेलता है। दोनों क्लबों का स्तर, देश और महासंघ पूरी तरह अलग हैं। दोनों क्लब किसी भी अंतरराष्ट्रीय आधिकारिक टूर्नामेंट में एक साथ नहीं हैं।
हमारी पड़ताल में पता चला कि किसी बड़े मंच पर इन दोनों का कोई मैच शेड्यूल नहीं है। न तो यूईएफए में और न ही फीफा के किसी टूर्नामेंट में यह भिड़ंत है। कुछ सोशल मीडिया पेज पर इसे दोस्ताना मैच बताकर प्रचारित किया गया। लेकिन दोनों क्लबों की आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसी कोई जानकारी दर्ज नहीं थी। यह केवल ऑनलाइन ट्रैफिक बटोरने के लिए गढ़ा गया एक फर्जी दावा साबित हुआ।
अंक तालिका और मुकाबले को लेकर क्यों फैला भ्रम?
इंटरनेट पर फुटबॉल मैच देखने वाले दर्शक अक्सर लाइव स्कोर खोजते हैं। जब कोई अनजान मैच दिखता है, तो लोग अंक तालिका यानी स्टैंडिंग्स देखने लगते हैं। जालसाज इसी मानवीय आदत का फायदा उठाते हैं। वे दो जाने-माने क्लबों के नाम जोड़कर फर्जी वेब पेज बना देते हैं। उन पेजों पर लिखा होता है कि मैच लाइव देखें और अंक तालिका जानें।
वियतनाम और स्पेन से जुड़े कुछ वेब पोर्टलों पर यह झूठी खबर छापी गई। उसमें लिखा था कि शीर्ष स्थान की दौड़ में यह बहुत बड़ा मुकाबला है। आम पाठक इस बात से अनजान रहते हैं कि दोनों टीमें अलग लीग की हैं। लोगों ने इसे सच मान लिया और गूगल पर तेजी से खोजने लगे। कुछ ही घंटों में यह विषय भारत में टॉप सर्च ट्रेंड में शामिल हो गया।
यूनिवर्सिटी वेबसाइटों पर फर्जी स्ट्रीमिंग लिंक का खेल
हमारी जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। स्पेन की एक नामी यूनिवर्सिटी के डोमेन का इस्तेमाल इस काम में किया गया। जालसाजों ने यूनिवर्सिटी के सर्वर को हैक करके फर्जी वेब पेज बना रखे थे। इन पेजों पर 'फ्री लाइव स्ट्रीम' और 'लाइव अपडेट्स' के झूठे विज्ञापन थे। इन पेजों पर अक्टूबर 2026 तक की मनगढ़ंत तारीखें लिखी हुई थीं।
यह तरीका सर्च इंजन को धोखा देने के लिए अपनाया जाता है। जब किसी प्रतिष्ठित संस्थान की वेबसाइट पर कोई लिंक होता है, तो गूगल उसे ऊपर दिखाता है। खेल प्रशंसक जैसे ही उन लिंक पर क्लिक करते हैं, वे किसी खतरनाक वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं। वहां उनसे निजी जानकारी मांगी जाती है या मोबाइल में वायरस डालने की कोशिश होती है। यह पूरी तरह से साइबर ठगी का एक व्यवस्थित नेटवर्क है।
दोनों टीमों की अपनी लीग में मौजूदा स्थिति
यदि खेल के नजरिए से देखें तो सुंदरलैंड अपनी घरेलू लीग में मजबूत स्थिति में है। टीम इस सीजन में अंक तालिका में शीर्ष चार में बने रहने की कोशिश कर रही है। उनके घरेलू मैदान पर दर्शकों की भारी भीड़ जुटती है। सुंदरलैंड के समर्थक अपनी टीम को दोबारा प्रीमियर लीग में देखना चाहते हैं। टीम का पूरा ध्यान अपने घरेलू मुकाबलों पर टिका है।
दूसरी तरफ पुर्तगाल का क्लब टोरेंस अपनी लीग में अपनी जगह बचाने की जद्दोजहद में है। पुर्तगाल की दूसरी लीग में मुकाबला काफी कड़ा होता है। टोरेंस की टीम वहां के स्थानीय टूर्नामेंट्स में हिस्सा ले रही है। उनका सुंदरलैंड की टीम से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। दोनों का खेल कैलेंडर पूरी तरह अलग है।
इंटरनेट पर फर्जी लिंक से सावधान रहने की सलाह
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल से यह साफ है कि टोरेंस बनाम सुंदरलैंड का कोई मुकाबला नहीं है। यह केवल इंटरनेट पर क्लिक पाने और ठगी करने का एक जरिया है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें। अगर कोई वेबसाइट मुफ्त में मैच दिखाने का दावा करे तो सतर्क रहें।
खेल प्रेमियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक खेल चैनलों पर ही भरोसा करें। किसी भी मैच का शेड्यूल देखने के लिए क्लब की आधिकारिक वेबसाइट देखें। गूगल पर दिखने वाले हर ट्रेंड के पीछे खेल नहीं, बल्कि साइबर अपराध का जाल भी हो सकता है। किसी भी फर्जी लिंक पर अपनी कोई निजी या बैंकिंग जानकारी कतई साझा न करें।








