रियाद एयरपोर्ट पर हुए एक पुराने लेकिन बेहद भयानक आतंकवादी हमले का सीसीटीवी फुटेज अब दुनिया के सामने आया है। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे उमराह यात्रियों के बोर्डिंग लाइन में खड़े होने के दौरान अचानक एक मिसाइल आकर गिरती है। पलक झपकते ही चारों तरफ धुआं, चीख-पुकार और तबाही का मंजर फैल जाता है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह वीडियो उस खौफनाक हमले की सच्चाई को बयां करता है जिसने मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों के अनुसार, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को निशाना बनाते हुए यह घातक मिसाइल दागी थी। पिछले दस सालों में सऊदी धरती पर यह सबसे बड़ा हमला था। इस भीषण हादसे में कुल 13 बेकसूर लोगों की जान चली गई थी, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। इसके अलावा, इस जोरदार धमाके की चपेट में आकर 300 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका लंबा इलाज चला था।
उमराह यात्रियों की बोर्डिंग के वक्त हुआ था हमला
सामने आए इस सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एयरपोर्ट के डिपार्टचर हॉल के बाहर यात्रियों की भारी भीड़ मौजूद थी। लोग अपने बोर्डिंग पास और दस्तावेजों के साथ लाइन में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी आसमान से मौत बनकर एक मिसाइल सीधे एयरपोर्ट परिसर पर आ गिरी। धमाका इतना जोरदार था कि कुछ ही सेकेंड में पूरा इलाका खंडहर में बदल गया और कांच के टुकड़े चारों तरफ बिखर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना अचानक हुआ कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कई लोग इस घातक जद में आ चुके थे। मरने वालों में विभिन्न देशों के नागरिक शामिल थे, जो पवित्र यात्रा यानी उमराह के लिए सऊदी अरब आए हुए थे। इस घटना के बाद पूरी दुनिया में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी निंदा की गई थी।
भारतीय नागरिक की मौत से देश में छा गया था शोक
इस बड़े हमले में एक भारतीय नागरिक की भी जान जाने की पुष्टि हुई थी, जिससे भारत में भी शोक की लहर दौड़ गई थी। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की थी और वहां फंसे अन्य भारतीयों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए थे। भारतीय दूतावास ने लगातार सऊदी प्रशासन के संपर्क में रहकर पीड़ितों के परिवारों को हरसंभव मदद पहुंचाई थी और शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया पूरी की थी।
हूती विद्रोहियों द्वारा इस तरह नागरिक ठिकानों और एयरपोर्ट्स को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। इस हमले के बाद खाड़ी देशों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया था। अब इतने दिनों बाद सामने आया यह सीसीटीवी फुटेज उस दिन के जख्मों को फिर से हरा कर रहा है और युद्ध की विभीषिका को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की चुनौतियां
इस दर्दनाक घटना के बाद रियाद समेत पूरे सऊदी अरब में हवाई अड्डों और संवेदनशील ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत कर दिया गया है। आधुनिक एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम को और अधिक सक्रिय किया गया है ताकि भविष्य में इस तरह के हवाई हमलों को हवा में ही नाकाम किया जा सके। दुनिया भर के देश अब नागरिक विमानन क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर रहे हैं।
द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड पड़ताल से साफ है कि युद्ध और संघर्ष का सबसे बड़ा शिकार हमेशा आम नागरिक ही होते हैं। रियाद एयरपोर्ट का यह सीसीटीवी फुटेज केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि इंसानी जिद और हिंसा की कीमत चुकाने वाले बेगुनाहों की एक दर्दनाक दास्तान है। इस खुलासे के बाद एक बार फिर मध्य-पूर्व में शांति और सुरक्षा की बहाली को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।











