नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — अमेरिकी शेयर बाजार में इन दिनों जोरदार हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कई सत्रों से डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 लगातार मजबूत बढ़त के साथ बंद हो रहे हैं। दुनिया भर के निवेशक इस तेजी पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। नैस्डैक ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया उच्च स्तर छू लिया है। जानकारों का मानना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजे और आर्थिक आंकड़े इस तेजी की मुख्य वजह हैं।
कारोबार के दौरान टेक शेयरों में भारी खरीदारी दर्ज की गई। नैस्डैक में आई इस जबरदस्त तेजी से निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ गया है। एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स भी लगातार चौथे दिन हरे निशान में बंद हुए हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसलों का भी इन पर सकारात्मक असर दिख रहा है। हालांकि, भारतीय बाजारों के शुरुआती रुझान मिले-जुले नजर आ रहे हैं और गिफ्ट निफ्टी से संभलकर चलने के संकेत मिल रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में तेजी के ताजा आंकड़े
हालिया वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, नैस्डैक ने इंट्राडे कारोबार के दौरान 27,722 का अपना नया लाइफ हाई छुआ। यह पहली बार है जब नैस्डैक 27,600 के महत्वपूर्ण स्तर के पास बंद हुआ है। इसके साथ ही डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 इंडेक्स भी लगातार मजबूत बने हुए हैं। दुनिया भर की बड़ी वित्तीय संस्थाएं इन ग्लोबल संकेतों का विश्लेषण कर रही हैं। एशिया के अन्य बाजारों में हालांकि मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारत की शुरुआती चाल पर भी पड़ रहा है।
एसएंडपी डाउ जोन्स इंडिज ने हांगकांग एक्सचेंज यानी एचकेईएक्स के साथ मिलकर एक नया इंडेक्स भी लॉन्च किया है। इस नए कदम से एशिया और अमेरिका के बीच निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। शेयर बाजार के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इस साझेदारी से ग्लोबल ट्रेडिंग वॉल्यूम में और इजाफा होगा। हांगकांग के साथ यह नया गठजोड़ ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी बाजार पहले से ही रिकॉर्ड ऊंचाई पर ट्रेड कर रहे हैं।
महंगाई के आंकड़ों और तिमाही नतीजों पर नजर
आने वाले दिनों में अमेरिका के खुदरा महंगाई यानी सीपीआई डेटा आने वाले हैं। इसके अलावा कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे भी बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशक इन आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि आगे की रणनीति बनाई जा सके। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहते हैं, तो बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। वहीं, अगर आंकड़े कमजोर आए तो मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
भारतीय शेयर बाजार के लिहाज से देखें तो गिफ्ट निफ्टी से सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन एशियाई बाजारों की कमजोरी भी निवेशकों को सतर्क कर रही है। घरेलू बाजार के जानकारों की सलाह है कि निवेशकों को अमेरिकी बाजारों के रुख के साथ-साथ अपने स्थानीय बुनियादी फंडामेंटल पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के उतार-चढ़ाव को अच्छी तरह समझ लेना ही समझदारी होगी।
एशियाई बाजारों और गिफ्ट निफ्टी का रुख
अमेरिकी बाजारों की इस रिकॉर्ड तेजी के बावजूद एशियाई बाजारों में सुस्ती का माहौल है। जापान और चीन के बाजारों में हल्की बिकवाली देखने को मिली है। इसका असर भारतीय बाजार की ओपनिंग पर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। गिफ्ट निफ्टी भले ही हल्की बढ़त दिखा रहा हो, लेकिन खुलते ही बाजार में उतार-चढ़ाव की पूरी संभावना बनी हुई है।
द फ्रीलान्स की जमीनी पड़ताल बताती है कि छोटे निवेशकों को इस समय बहुत संभलकर ट्रेड करना चाहिए। ग्लोबल बाजार की चाल और घरेलू कंपनियों के नतीजों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि अमेरिकी बाजारों की इस तेजी का सीधा फायदा हर सेक्टर को नहीं मिलेगा, इसलिए चुनिंदा शेयरों में ही दांव लगाना सुरक्षित विकल्प है।










