दिल्ली एयरपोर्ट पर टल गया बड़ा हादसा
देश की राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब दुबई जाने वाली एमिरेट्स एयरलाइंस की एक प्रमुख उड़ान हादसे का शिकार होते-होते बची। उड़ान संख्या EK517 जब रनवे से उड़ान भरने की तैयारी कर रही थी, तभी रास्ते में एक पक्षी विमान से टकरा गया। विमानन भाषा में इस घटना को 'बर्ड स्ट्राइक' कहा जाता है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के अगले हिस्से यानी नोज कोन को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट प्रशासन और तकनीकी टीम हरकत में आ गई और विमान को रोककर उसकी गहन जांच शुरू की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमिरेट्स की यह फ्लाइट टर्मिनल-3 से शाम 4:25 बजे दुबई के लिए रवाना होने वाली थी। यात्रियों ने बोर्डिंग पूरी कर ली थी और विमान टेकऑफ के लिए आगे बढ़ रहा था, तभी यह अप्रत्याशित घटना घटी। गनीमत यह रही कि पायलट ने स्थिति को समय रहते भांप लिया और किसी भी तरह के बड़े खतरे को टालते हुए विमान को सुरक्षित रोक लिया। इस घटना के बाद से विमान के अंदर बैठे यात्री अपनी अगली यात्रा को लेकर काफी चिंतित नजर आए।
विमान के अगले हिस्से को पहुंचा भारी नुकसान
बर्ड स्ट्राइक की इस घटना के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि विमान के अगले हिस्से को कितनी क्षति पहुंची है। तकनीकी भाषा में इस हिस्से को नोज कोन कहा जाता है, जिसमें रडार और अन्य संवेदनशील उपकरण फिट होते हैं। पक्षी के टकराने से यह हिस्सा अंदर की तरफ पिचक गया है। विमानन सुरक्षा नियमों के मुताबिक, यदि उड़ान के दौरान या टेकऑफ से ठीक पहले विमान के किसी भी हिस्से में इस तरह की क्षति होती है, तो उसे उड़ान भरने की अनुमति तब तक नहीं दी जाती जब तक कि इंजीनियर उसकी पूरी तरह से मरम्मत और जांच न कर लें।
एयरपोर्ट पर मौजूद ग्राउंड स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। विमान के चारों ओर बैरिकेडिंग करके नुकसान का आकलन किया गया। इंजीनियर यह जांच करने में जुटे हैं कि क्या इस टक्कर से विमान के इंजन या विंडशील्ड पर भी कोई असर पड़ा है या नहीं। प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को चोट लगने की कोई खबर नहीं है, सभी लोग सुरक्षित हैं।
यात्रियों को हो रही भारी असुविधा
अचानक हुई इस तकनीकी खामी और मरम्मत के काम के चलते दुबई जाने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया। एमिरेट्स एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है और वे इस मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकते। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए एयरपोर्ट के पास ही होटल में ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था की है। स्थानीय समयानुसार अब इस उड़ान के रविवार सुबह तक रवाना होने की उम्मीद जताई जा रही है।
"यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ऊपर है। दिल्ली में हुई इस घटना के बाद विमान की जरूरी तकनीकी जांच और मरम्मत की जा रही है। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें गहरा खेद है और वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।" — एमिरेट्स एयरलाइंस प्रवक्ता
यात्रियों का कहना है कि उन्हें शुरुआत में घटना की पूरी जानकारी नहीं मिल पाई थी, जिससे असमंजस की स्थिति बन गई थी। हालांकि, बाद में एयरलाइन के प्रतिनिधियों ने यात्रियों से संपर्क किया और उन्हें स्थिति से अवगत कराया। कई यात्री जो जरूरी काम से दुबई जा रहे थे, वे अपनी फ्लाइट के लेट होने से परेशान दिखे, लेकिन सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए उन्होंने प्रशासन का सहयोग किया।
विमानन क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बनती बर्ड स्ट्राइक
विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई अड्डों के आसपास पक्षियों का आना-जाना विमानों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। आईजीआई एयरपोर्ट जैसे व्यस्त इलाके में अक्सर खुले मैदान और कचरे के डिपो के आसपास पक्षियों का जमावड़ा लग जाता है। जब विमान अत्यधिक गति से रनवे पर दौड़ रहा होता है या हवा में होता है, तो पक्षी के टकराने से भारी तबाही मच सकती है। यदि पक्षी गलती से जेट इंजन के अंदर चला जाए, तो इंजन के ब्लेड टूट सकते हैं और विमान दुर्घटनाग्रस्त भी हो सकता है।
यही वजह है कि आधुनिक विमानों के इंजनों और ढांचों को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि वे ऐसी छोटी-मोटीी टक्करों को सहन कर सकें। इसके बावजूद, हर बर्ड स्ट्राइक के बाद एक लंबी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई इस ताजा घटना ने एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ दी है कि रनवे के आसपास पक्षियों को भगाने के आधुनिक और प्रभावी तरीकों का और सख्ती से पालन किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।












