आगरा के ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल में घूमने आई एक विदेशी महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला स्मारक के सामने शांति से अपनी तस्वीरें खिंचवा रही थी, तभी अचानक कुछ लोग उसके आसपास जमा हो गए। कई लोग उसे लगातार घूरने लगे और अपने मोबाइल फोन निकालकर वीडियो बनाने लगे। भीड़ के अचानक इस तरह बढ़ने से महिला काफी असहज नजर आई और उसके हाव-भाव से साफ जाहिर हो रहा था कि वह इस स्थिति से परेशान हो चुकी है।
वीडियो में यह भी कैद हुआ कि कैसे कुछ पुरुष उसके बेहद करीब आकर खड़े हो गए और बिना अनुमति के कैमरे उसकी तरफ घुमाने लगे। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखने के बाद यूजर्स कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कई लोगों का कहना है कि इस तरह का बर्ताव देश और संस्कृति के लिए शर्मनाक है। 'अतिथि देवो भव:' की संस्कृति वाले देश में इस तरह का व्यवहार विदेशी मेहमानों के मन में भारत की गलत छवि पेश कर सकता है।
फोटोग्राफर ने संभाली स्थिति, 'सिविक सेंस' पर उठे सवाल
जब स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी और महिला असहज महसूस कर रही थी, तब वहां मौजूद एक स्थानीय फोटोग्राफर ने आगे बढ़कर दखल दिया। वह भीड़ के पास पहुंचा और लोगों से पीछे हटने की अपील की। उसने भीड़ से कहा कि विदेशी महिला को अपनी यात्रा का आनंद सामान्य तरीके से लेने दिया जाए और उसके निजी स्पेस में दखल न दिया जाए। वीडियो में इस फोटोग्राफर की सूझबूझ की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।
इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किए जाने के बाद से ही 'सिविक सेंस' (नागरिक बोध) को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। पोस्ट के माध्यम से लोगों को याद दिलाया गया है कि पर्यटकों का पीछा करना, उन्हें लगातार घूरना या उनकी अनुमति के बिना इस तरह भीड़ लगाना मेहमाननवाजी का सही तरीका नहीं है। इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि हमें पर्यटन स्थलों पर आने वाले हर व्यक्ति की निजता और सहमति का पूरा सम्मान करना चाहिए।
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सोशल मीडिया पर भड़के लोग, कहा- चिड़ियाघर जैसा बर्ताव
वीडियो वायरल होने के बाद नेटिज़न्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा, 'एक तरफ हम पूरी दुनिया में 'अतिथि देवो भव:' का संदेश देते हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आती है।' वहीं एक अन्य यूजर ने अफसोस जताते हुए लिखा कि भारतीयों में विदेशियों को लेकर एक अजीब तरह का ऑब्सेशन देखा जाता है, कई बार उनके साथ ऐसा सलूक किया जाता है मानो वे किसी चिड़ियाघर के जानवर हों।
यह मामला सिर्फ एक वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे सामूहिक सामाजिक व्यवहार और पर्यटकों के प्रति हमारे नजरिए पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। किसी भी प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर किसी विदेशी को देखकर उत्सुक होना स्वाभाविक है, लेकिन उनकी उत्सुकता जब किसी की प्राइवेसी में खलल डालने लगे, तो वह गलत है। जरूरत इस बात की है कि हम पर्यटन स्थलों पर शालीनता बरतें और मेहमानों के लिए एक सुरक्षित व सहज माहौल सुनिश्चित करें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस वीडियो के दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो साभार: संबंधित सोशल मीडिया हैंडल / क्रिएटर।



