गर्मियों के मौसम में घरों में दही और छाछ का सेवन बहुत आम बात है। कई बार जरूरत से ज्यादा छाछ बच जाती है और फ्रिज में रखी रहती है। एक-दो दिन बाद जब इसका इस्तेमाल पीने के लिए नहीं होता, तो ज्यादातर लोग इसे बेकार समझकर सिंक में बहा देते हैं। अगर आप भी ऐसा ही करते हैं, तो अगली बार ऐसा करने से पहले थोड़ा रुक जाएं। घर में बची यही बासी छाछ आपके होम गार्डन के पौधों के लिए किसी जादुई टॉनिक से कम साबित नहीं होगी।
मिट्टी की सेहत सुधारने में है बेहद मददगार
किसी भी पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए केवल ऊपर से हरा दिखना काफी नहीं होता, बल्कि उसकी जड़ों और मिट्टी का हेल्दी होना भी उतना ही जरूरी है। छाछ में मौजूद लाभकारी माइक्रोब्स मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं। जब आप इसे सही अनुपात में मिट्टी में डालते हैं, तो यह माइक्रोबियल एक्टिविटी को बढ़ावा देती है, जिससे पौधों की जड़ों को भरपूर पोषण मिलने में मदद मिलती है।
छाछ का सही तरीके से इस्तेमाल करने पर पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और पौधे ज्यादा हरे-भरे नजर आते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि केवल छाछ डालने से ही पौधा तेजी से नहीं बढ़ेगा, बल्कि इसके लिए पर्याप्त धूप, सही पानी और अन्य पोषक तत्वों का संतुलन भी जरूरी है।
छाछ इस्तेमाल करने का सही तरीका और घोल बनाने की विधि
कभी भी छाछ को सीधे गमले की मिट्टी में नहीं डालना चाहिए। ऐसा करने से पौधे को नुकसान हो सकता है। छाछ का उपयोग करने के लिए पहले इसे पानी में अच्छी तरह पतला करना जरूरी है। इसके लिए 1 भाग छाछ में 5 से 10 भाग सादा पानी मिलाकर एक बेहतरीन ऑर्गेनिक घोल तैयार किया जा सकता है। इस घोल को पौधे की जड़ों के आसपास की मिट्टी में डालना चाहिए। आप चाहें तो बहुत हल्के स्प्रे के तौर पर इसका छिड़काव पत्तियों पर भी कर सकते हैं।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- नियमितता का रखें ख्याल: पौधों को कोई भी घरेलू खाद या लिक्विड फर्टिलाइजर हर रोज देने की गलती न करें। छाछ का इस्तेमाल करीब 15 से 20 दिन में सिर्फ एक बार ही करना चाहिए।
- किन पौधों में करें इस्तेमाल: इस पतले घोल का उपयोग गुलाब, गुड़हल, मनी प्लांट, टमाटर और मिर्च जैसे विभिन्न फूल और सब्जियों वाले पौधों में आसानी से किया जा सकता है।
- सीमित मात्रा: यदि पौधे की मिट्टी पहले से बहुत गीली है, तो उस समय कोई अतिरिक्त लिक्विड फीड न डालें क्योंकि गमले में पानी जमा होने से जड़ें सड़ सकती हैं।
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