साहिबाबाद में प्लॉट के विवाद ने लिया खूनी रूप
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में जमीनी कब्जे और वर्चस्व की जंग ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया है। साहिबाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहन नगर इलाके में स्थित एमएमएक्स मॉल के सामने एक पुराने बैंक्वेट हॉल की जमीन पर काटी गई कॉलोनी में उस समय अफरातफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि गोलियां चल गईं। इस हिंसक झड़प में गोली लगने से एक युवक की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय पुलिस बल के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
मृतक की पहचान 23 वर्षीय आयुष वाल्मीकि के रूप में हुई है, जो मूल रूप से दिल्ली के गोकुलपुरी स्थित संजय कॉलोनी का रहने वाला था। आयुष हिंदू रक्षा दल से जुड़ा हुआ था और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के प्लॉट की देखरेख का काम संभालता था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और साक्ष्यों को जुटाने का काम तेजी से किया जा रहा है ताकि इस पूरी वारदात की एक-एक कड़ी को जोड़ा जा सके।
हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष की पत्नी के प्लॉट से जुड़ा है मामला
प्रारंभिक पुलिस जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे विवाद की जड़ एक बहुमूल्य प्लॉट है। जीटी रोड पर स्थित इस जमीन का एक हिस्सा कुछ समय पहले हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने अपनी पत्नी पूनम के नाम पर खरीदा था। इसी प्लॉट के ठीक बराबर में लगभग 280 वर्ग गज का एक अन्य हिस्सा है, जिसे लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। पास में ही रहने वाली नोमिता शर्मा इस हिस्से पर अपना अधिकार जताती हैं, जबकि दूसरा पक्ष इसे अपनी कानूनी संपत्ति बताता है।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पिछले काफी समय से सीमांकन और निर्माण कार्यों को लेकर तनाव चल रहा था। स्थानीय पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में भी इस जमीन को लेकर थाने और चौकियों में शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। विवादित स्थल पर दीवार खड़ी करने और निर्माण कार्य शुरू करने को लेकर दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने आ चुके थे, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस और अंतिम समाधान न निकल पाने के कारण यह मामला लगातार सुलगता रहा और अंततः एक बड़ी त्रासदी में बदल गया।
पैमाइश के दौरान बढ़ी तनातनी और चली ताबड़तोड़ गोलियां
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर के समय पिंकी चौधरी का बेटा अपने कुछ साथियों के साथ प्लॉट पर साफ-सफाई और निर्माण से जुड़े काम को देखने पहुंचा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष से जुड़ा राहुल साहनी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और पैमाइश को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी बहस कुछ ही पलों में धक्का-मुक्की और मारपीट में तब्दील हो गई।
विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के पास मौजूद लाइसेंसी पिस्टल और रिवाॅल्वर से गोलियां चल गईं। अचानक हुई इस फायरिंग से वहां भगदड़ मच गई। गोली सीधा आयुष वाल्मीकि के सीने में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। गुस्साए समर्थकों ने तुरंत आरोपी राहुल साहनी को दबोच लिया और उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी, जिससे उसका एक पैर भी फ्रैक्चर हो गया। घायल आरोपी को पुलिस ने भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम, चार आरोपी हिरासत में
गोली लगने के तुरंत बाद घायल आयुष को गंभीर हालत में नजदीकी नरेंद्र मोहन अस्पताल ले जाया गया, जहां आपातकालीन कक्ष के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
"घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच प्लॉट के मालिकाना हक को लेकर पुराना विवाद था। इस मामले में नामजद चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और लाइसेंसी हथियार भी बरामद कर लिया गया है। कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।" — अमित सक्सेना, सहायक पुलिस आयुक्त, साहिबाबाद
स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, घटना से महज एक हफ्ता पहले ही दोनों पक्ष ट्रांस हिंडन के डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे और अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय डीसीपी ने दोनों पक्षों को कागजी कार्रवाई पूरी होने तक किसी भी तरह का निर्माण कार्य करने से मना किया था। इसके बावजूद विवादित जमीन पर काम जारी रहा।
मामले में ढिलाई बरतने और समय रहते उचित कदम न उठाने के कारण गाजियाबाद पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहन नगर चौकी प्रभारी नाहर सिंह, बीट एसआई शिवम यादव और बीट प्रभारी सिपाही लाखन सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी इस लापरवाही का जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।












