"कुछ भी खाता हूं तो सीधे गैस बन जाती है..." आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में यह दर्द अब हर दूसरे व्यक्ति की जुबान पर है। मेट्रोपॉलिटन शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक, खराब पाचन और ब्लोटिंग आज एक महामारी की तरह फैल रही है। आखिर हमारी आंतों में ऐसा क्या चल रहा है? 'द फ्रीलांस' की टीम ने इस गंभीर मसले पर जमीन पर उतरकर पड़ताल की और नोएडा स्थित मेट्रो इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी एंड हेप्टोलॉजी के जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. हर्ष कपूर से लंबी बातचीत की। हमारी आंतों में खरबों बैक्टीरिया, वायरस और सूक्ष्मजीवों का एक पूरा ब्रह्मांड बसता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'गट माइक्रोबायोम' कहा जाता है। हैरान करने वाली बात यह है कि हमारे शरीर की लगभग 70 प्रतिशत इम्यूनिटी का सीधा ताल्लुक इसी गट हेल्थ से है। यानी अगर आपकी आंतें बीमार हैं, तो आपका पूरा शरीर धीरे-धीरे बीमारियों का घर बनता चला जाएगा।
पेट की तबाही के 10 सबसे बड़े फूड विलेन और गलत आदतें
जब हम जंक फूड, अत्यधिक चीनी और रिफाइंड कार्ब्स से भरी थाली रोजाना खाते हैं, तो यह सीधे तौर पर हमारी आंतों के अच्छे बैक्टीरिया (गुड बैक्टीरिया) की हत्या कर देती है। डॉ. हर्ष कपूर के अनुसार, डाइट में चीनी की मात्रा बढ़ने से बैड बैक्टीरिया बेकाबू हो जाते हैं और गट बैरियर कमजोर हो जाता है, जिससे शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) बढ़ने लगती है। आइए जानते हैं वे कौन से तत्व हैं जो आपकी गट हेल्थ को अंदर से खोखला कर रहे हैं:
- अतिरिक्त चीनी और आर्टिफिशियल स्वीटनर: यह आंतों के गुड बैक्टीरिया को खत्म कर सूजन और लीकी गट सिंड्रोम को न्योता देते हैं।
- रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और मैदा: पाचक रस और माइक्रोबायोम का प्राकृतिक संतुलन पूरी तरह बिगाड़ देते हैं।
- अनहेल्दी और ट्रांस फैट: डीप फ्राई चीजें आंतों की दीवारों पर बुरा असर डालती हैं।
- प्रोसेस्ड और पैक्ड फूड: प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स अच्छे बैक्टीरिया को पनपने नहीं देते।
- अत्यधिक कैफीन और शराब: यह पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाकर एसिडिटी बढ़ाते हैं।
- कम फाइबर वाला भोजन: फाइबर के अभाव में गुड बैक्टीरिया को पोषण नहीं मिलता और वे दम तोड़ने लगते हैं।
- असमय भोजन करने की आदत: बायोलॉजिकल क्लॉक बिगड़ने से पाचन एंजाइम ठीक से काम नहीं करते।
- पर्याप्त पानी न पीना: आंतों में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं और कब्ज की शिकायत शुरू होती है।
- तनाव और नींद की कमी: ब्रेन-गट एक्सिस के जरिए मानसिक तनाव सीधे पेट की सेहत को तबाह करता है।
- बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन: यह अच्छे और बुरे दोनों बैक्टीरिया का सफाया कर देता है।
दुरुस्त पाचन का अचूक मंत्र: थाली में शामिल करें ये 14 वरदान
डॉ. कपूर का कहना है कि आंतों के गुड बैक्टीरिया को 'वैराइटी' बेहद पसंद है। वे एक ही तरह का खाना खाकर बोर हो जाते हैं और कमजोर पड़ने लगते हैं। इसलिए अपनी रोजमर्रा की थाली में विविधता लाना बेहद जरूरी है। पेट को हमेशा दुरुस्त रखने और माइक्रोबायोम को मजबूत बनाने के लिए इन 14 चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं: 1. ताजा दही, 2. छाछ या मट्ठा, 3. मौसमी ताजे फल, 4. हरी पत्तेदार सब्जियां, 5. विभिन्न प्रकार की दालें, 6. साबुत अनाज (ज्वार, बाजरा, ओट्स), 7. अंकुरित अनाज (स्प्राउट्स), 8. लहसुन और प्याज (प्रीबायोटिक गुण), 9. अदरक, 10. हल्दी, 11. केला, 12. पपीता, 13. चिया सीड्स या अलसी के बीज, और 14. भरपूर साफ पानी। छोटी-छोटी और सचेत खान-पान की आदतें ही लंबे समय में आपके जीवन को रोगमुक्त बना सकती हैं। आज ही अपनी थाली बदलें, क्योंकि तंदुरुस्ती का रास्ता सीधे आपकी आंतों से होकर गुजरता है।








