पैर में ऐसा दर्द हो कि हर पल लगे शरीर के अंदर आग जल रही है। कभी ऐसा महसूस हो जैसे पैर को चाकू से गोदा जा रहा हो, तो कभी बिजली का करंट दौड़ रहा हो। दर्द इतना ज्यादा कि घर से निकलना तो दूर, जूता और मोजा पहनना भी मुश्किल हो जाए। ब्रिटेन की 20 साल की जेस बर्किनशॉ ने ऐसी ही जिंदगी कई साल तक झेली।
आखिरकार दर्द से परेशान होकर जेस ने डॉक्टरों से कहा कि उनका पैर काट दिया जाए। यह फैसला सुनने में भले ही बेहद चौंकाने वाला लगे, लेकिन जेस के लिए यह अपनी जिंदगी वापस पाने की कोशिश थी।
बचपन से ही बीमारी से जूझ रही थीं जेस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेस इंग्लैंड की रहने वाली हैं। उन्हें महज 16 महीने की उम्र में जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस (JIA) हो गया था। यह बच्चों में होने वाला गठिया का एक प्रकार है, जिसके कारण उनके जोड़ों में सूजन रहती थी, बुखार आता था और काफी तेज दर्द होता था। जब जेस करीब 15 साल की थीं, तब उनके दाहिने टखने का दर्द अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया। जांच के बाद पता चला कि उन्हें कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम (CRPS) है।
यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर के किसी हिस्से में चोट या नसों को नुकसान होने के बाद लंबे समय तक बहुत तेज दर्द बना रहता है। जेस के लिए यह दर्द इतना भयानक था कि वह इसकी तुलना कभी जलने से करती थीं तो कभी बर्फीले पानी में फेंके जाने से।
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दो साल तक डॉक्टरों से चर्चा के बाद लिया बड़ा फैसला
जब बाकी इलाज काम नहीं आए तो जेस और डॉक्टरों के बीच पैर काटने यानी अम्प्यूटेशन को लेकर चर्चा शुरू हुई। जेस की उम्र सिर्फ 20 साल थी और CRPS के मामले में अम्प्यूटेशन के बाद दर्द पूरी तरह खत्म होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं थी। लेकिन जेस का दर्द इतना ज्यादा था कि उन्होंने जोखिम उठाने का फैसला किया। आखिरकार इस साल अप्रैल में जेस की दाहिनी टांग का अम्प्यूटेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद शुरुआती कुछ महीनों में नसें काफी संवेदनशील थीं, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें दर्द में राहत महसूस होने लगी। अब जेस कहती हैं कि उनकी जिंदगी पहले से काफी बेहतर है। वह घर से ज्यादा बाहर निकल पा रही हैं और खुद को ज्यादा स्वतंत्र महसूस करती हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल इस कहानी और दावों की सत्यता की 'The Freelance' स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। साभार: संबंधित रिपोर्ट्स / सोशल मीडिया।



