भारतीय वित्तीय बाजार में पिछले कुछ समय से फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (Fixed Deposit Schemes) की लोकप्रियता में जोरदार इजाफा देखने को मिला है। शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के माहौल के बीच आम निवेशक अपने खून-पसीने की कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर एक निश्चित रिटर्न पाने के लिए एफडी को सबसे बेहतर और भरोसेमंद माध्यम मान रहे हैं। ग्राहकों के इसी रुझान को देखते हुए देश के कई छोटे और बड़े बैंक लगातार नई और आकर्षक स्पेशल एफडी स्कीम्स लेकर आ रहे हैं। इसी कड़ी में '555 दिनों की स्पेशल एफडी स्कीम' इन दिनों निवेशकों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
अगर आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित निवेश विकल्प में लगाकर शानदार रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो 555 दिन की यह खास एफडी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इस अवधि के निवेश पर तमाम बैंक आम नागरिकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को भी बंपर ब्याज दरों का लाभ दे रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि देश के किस बैंक में 555 दिन की इस स्पेशल एफडी पर सबसे ज्यादा मुनाफा मिल रहा है और कहां आपकी जेब में सबसे ज्यादा पैसा आएगा।
सिटी यूनियन बैंक में मिल रहा है सबसे शानदार रिटर्न
555 दिन की स्पेशल एफडी स्कीम पर मिलने वाली ब्याज दरों की सूची पर यदि गौर करें, तो प्राइवेट सेक्टर का सिटी यूनियन बैंक इस रेस में सबसे आगे नजर आता है। बैंक की तरफ से इस खास अवधि के लिए निवेश करने वाले आम नागरिकों को 7.25 प्रतिशत की दर से सालाना ब्याज दिया जा रहा है।
वहीं, अगर बात करें वरिष्ठ नागरिकों की, तो बैंक उन्हें आम नागरिकों के मुकाबले 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25% ज्यादा फायदा दे रहा है। वरिष्ठ नागरिक इस स्कीम के तहत 7.50 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर का लाभ उठा सकते हैं। यही वजह है कि सुरक्षित और ज्यादा रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के बीच यह बैंक इस समय पहली पसंद बनता जा रहा है।
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कर्नाटक बैंक भी दे रहा है कड़ी टक्कर
इस स्पेशल एफडी की रेस में कर्नाटक बैंक भी पीछे नहीं है और दूसरे पायदान पर मजबूती से खड़ा है। कर्नाटक बैंक अपने ग्राहकों को 555 दिन की एफडी पर काफी मजबूत रिटर्न ऑफर कर रहा है। बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस अवधि के लिए सामान्य नागरिकों को 7 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है।
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ब्याज दर और भी अधिक फायदेमंद है। कर्नाटक बैंक सीनियर सिटीजंस को 40 बेसिस प्वाइंट यानी 0.40% ज्यादा ब्याज यानी कुल 7.40 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज दे रहा है। यह दर कई बड़े बैंकों की तुलना में काफी ज्यादा है, जिससे निवेशकों को कम समय में अच्छा मुनाफा मिल जाता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक की स्थिति
सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंकों में शुमार बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) भी इस खास स्कीम की दौड़ में तीसरे नंबर पर अपनी जगह बनाए हुए है। बैंक अपने आम ग्राहकों को 555 दिन की इस खास फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.75 प्रतिशत का ब्याज देता है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ब्याज दर बढ़कर 7.25 प्रतिशत हो जाती है।
इसके साथ ही, इंडियन बैंक भी इस रेस में पीछे नहीं है। इंडियन बैंक की तरफ से आम नागरिकों को 555 दिन की एफडी पर 6.65 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.15 प्रतिशत का ब्याज ऑफर किया जा रहा है। सरकारी बैंकों की सुरक्षा गारंटी होने के कारण बड़ी संख्या में निवेशक इन बैंकों में अपना पैसा सुरक्षित करना पसंद करते हैं।
केनरा बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों के विकल्प
सार्वजनिक क्षेत्र के एक और प्रमुख बैंक यानी केनरा बैंक (Canara Bank) की बात करें, तो यह बैंक भी अपने ग्राहकों को निराश नहीं कर रहा है। केनरा बैंक अपने आम ग्राहकों को 555 दिन की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.60 प्रतिशत की सालाना दर से ब्याज प्रदान कर रहा है।
जबकि वरिष्ठ नागरिकों की बात करें, तो बैंक की तरफ से उन्हें इस स्पेशल एफडी में निवेश करने पर 7.05 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है। इस प्रकार, देश के तमाम बड़े बैंक अपनी ओर से ग्राहकों को लुभाने के लिए इस अनूठी अवधि पर विशेष ब्याज दरों का लाभ दे रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग के निवेशकों को काफी राहत मिल रही है।
"फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों के लिए हमेशा से एक सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया रहा है। हालांकि, अलग-अलग बैंक बाजार की परिस्थितियों के हिसाब से स्पेशल टेन्योर पर ब्याज दरें तय करते हैं, इसलिए निवेश करने से पहले सभी पहलुओं की जांच जरूर कर लेनी चाहिए।" — वित्तीय विशेषज्ञ
सिर्फ ब्याज ही नहीं, इन जरूरी बातों का भी रखें खास ख्याल
भले ही तमाम बैंक और वित्तीय संस्थान फिक्स्ड डिपॉजिट पर जोरदार और लुभावने ब्याज दे रहे हैं, लेकिन निवेशकों को सिर्फ ब्याज दर देखकर ही अपनी आंखें बंद करके पैसा नहीं लगाना चाहिए। एफडी में निवेश करने से पहले कुछ बुनियादी और जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय परेशानी का सामना न करना पड़े।
निवेशकों को सबसे पहले संबंधित बैंक के बैंकिंग नियमों, मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने (Premature Withdrawal) की शर्तों और उस पर लगने वाले पेनल्टी चार्ज की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। इसके अलावा, इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि एफडी से मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स के नियमों के तहत टैक्स (TDS) कटता है या नहीं। साथ ही, बैंक की फाइनेंशियल हेल्थ और उसकी साख का पता करना भी समझदारी का काम है ताकि आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रह सके।



