समंदर पार गूंजी सनातन आस्था की सुरीली धुन
संगीत की कोई सरहद नहीं होती, और यह बात एक बार फिर साबित हो गई है। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और भक्ति संगीत की खुशबू अब सात समंदर पार अमेरिका तक पहुंच चुकी है। इन दिनों सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक अमेरिकी नागरिक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे पूरे भाव और समर्पण के साथ एक लोकप्रिय हिंदी भजन गाते नजर आ रहे हैं। इस विदेशी कलाकार के मुंह से शुद्ध भारतीय लहजे और भारी आवाज में हनुमान भक्ति के गीत सुनकर हर कोई हैरान भी है और मंत्रमुग्ध भी।
वायरल हो रहे इस वीडियो में अमेरिकी गायक ने न केवल अपनी आवाज का जादू बिखेरा है, बल्कि उन्होंने पारंपरिक भारतीय वाद्य यंत्र एकतारा का भी इस्तेमाल किया है। इस नायाब कलाकारी ने इंटरनेट यूजर्स का दिल जीत लिया है और लोग इस वीडियो पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं। भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति के प्रति लोगों का यह झुकाव एक बड़ा सांस्कृतिक बदलाव माना जा रहा है।
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कौन हैं वायरल वीडियो वाले अमेरिकी कलाकार एलेक सोडरबर्ग?
इस वायरल वीडियो के केंद्र में अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले एलेक सोडरबर्ग (Alec Soderberg) हैं। पेशे से जियोलॉजिस्ट होने के साथ-साथ एलेक वैदिक ध्यान, नाद योग और कीर्तन के शिक्षक भी हैं। भारतीय दर्शन, मंत्रोच्चार और पारंपरिक संगीत से उनका जुड़ाव काफी पुराना है। उनके सोशल मीडिया हैंडल पर नजर डालें तो पता चलता है कि वे अक्सर भारतीय संस्कृति और आध्यात्म से जुड़े वीडियो साझा करते रहते हैं।
एलेक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @allwavesandforever पर इस भजन का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने कैप्शन में यह भी बताया कि वे फिल्म 'हनुमान अंश' देखना चाहते थे, लेकिन उनके आसपास यह फिल्म सिनेमाघरों में उपलब्ध नहीं थी। हालांकि, फिल्म का यह भजन उनके दिल को छू गया। उनके पास एकतारा था, इसलिए उन्होंने खुद ही धुन तैयार कर ली और गाने का अभ्यास करने लगे। वीडियो के अंत में उन्होंने 'जय श्री राम' भी लिखा, जो उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।
फिल्म 'हनुमान अंश' का लोकप्रिय भजन बना ग्लोबल सेंसेशन
जिस भजन ने अमेरिकी कलाकार को इतना प्रभावित किया, वह हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'हनुमान अंश' का है। इस फिल्म का मुख्य गीत 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई' इन दिनों देश-विदेश के संगीत प्रेमियों की जुबान पर है। इस पारंपरिक बुंदेली भजन को मूल रूप से दृष्टिबाधित लोक गायक सुनील लोधी ने अपनी आवाज दी है और खुद ही कंपोज भी किया है। यह फिल्म प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा की यात्रा और हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा पर केंद्रित है।
गाने के बोल जीवन की मुश्किलों और संकट के समय भगवान हनुमान पर अटूट विश्वास रखने का संदेश देते हैं। राम नाम की नाव और भक्ति की पतवार के जरिए संकट मोचन की शरण में जाने का यह भाव लोगों को भीतर तक झकझोर देता है। यही कारण है कि यह गीत आम जनता के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और इस पर लगातार रील्स बनाई जा रही हैं।
"भाषा और देश की भौगोलिक सीमाएं सच्ची भक्ति के सामने कभी दीवार नहीं बन सकतीं। संगीत की भाषा केवल भावनाओं को समझती है।" — एलेक सोडरबर्ग, अमेरिकी कलाकार एवं कीर्तनकार
सोशल मीडिया पर उमड़ी प्रतिक्रियाओं की बाढ़
एलेक सोडरबर्ग का यह वीडियो सामने आने के बाद से ही इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को डेढ़ मिलियन यानी 15 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। वीडियो पर आने वाले कमेंट्स में लोग अमेरिकी गायक के उच्चारण और उनके भक्ति भाव की खुले दिल से तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि अंग्रेजी एक्सेंट होने के बावजूद उनके गायन में जो रूहानी सुकून है, वह विरले ही देखने को मिलता है।
भारतीय यूजर्स ने तो एलेक को बांहें फैलाकर भारत आने का न्योता तक दे डाला है। एक यूजर ने लिखा, 'आपकी यह कोशिश दिल जीत लेने वाली है, आपको एक बार भारत जरूर आना चाहिए।' वहीं दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, 'ईश्वर की भक्ति के लिए किसी खास भाषा या देश की जरूरत नहीं होती, केवल साफ नीयत और समर्पित दिल चाहिए।' सोशल मीडिया पर बच्चों से लेकर युवाओं तक, सभी इस भजन पर अपनी प्रस्तुतियां साझा कर रहे हैं।
अध्यात्म और संगीत का बढ़ता वैश्विक दायरा
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय सनातन संस्कृति और लोक संगीत की जड़ें अब वैश्विक फलक पर मजबूत हो रही हैं। पश्चिमी देशों के लोग अब योग, ध्यान और भारतीय मंत्रों के साथ-साथ यहाँ के लोक संगीत में भी गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं। अमेरिकी जियोलॉजिस्ट एलेक सोडरबर्ग की यह पहल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक बेहतरीन उदाहरण बन चुकी है। यह साफ दर्शाता है कि संगीत सरहदों की दीवारों को पार कर दिलों को जोड़ने की अद्भुत ताकत रखता है।







