होम/देश/खुद अनपढ़ पर बेटी की पढ़ाई पर लुटाई कमाई: ऑटो वाले के संघर्ष ने मोहा देश का दिल
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

खुद अनपढ़ पर बेटी की पढ़ाई पर लुटाई कमाई: ऑटो वाले के संघर्ष ने मोहा देश का दिल

सोशल मीडिया पर एक ऑटो चालक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी सीमित आय और बेटी की महंगी स्कूली फीस का हिसाब दे रहा है। खुद की जरूरतों को दरकिनार कर केवल संतान के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने वाले इस पिता की कहानी हर किसी को भावुक कर रही है।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
23 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
खुद अनपढ़ पर बेटी की पढ़ाई पर लुटाई कमाई: ऑटो वाले के संघर्ष ने मोहा देश का दिल
📷 खुद अनपढ़ पर बेटी की पढ़ाई पर लुटाई कमाई: ऑटो वाले के संघर्ष ने मोहा देश का दिल — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • ऑटो चालक हर महीने लगभग 75 हजार रुपये की कमाई करता है, लेकिन बेटी की सालाना फीस 1.4 लाख रुपये है।
  • खुद अशिक्षित होने के कारण यह पिता अपनी इकलौती बेटी को समाज के बेहतर स्कूल में पढ़ाना चाहता है।
  • बढ़ती स्कूल फीस और ऑटो की ईएमआई के बोझ तले दबे इस परिवार के पास बचत के लिए कुछ नहीं बचता।

जब एक पिता का त्याग बन जाता है समाज के लिए सबसे बड़ी सीख

माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में इंटरनेट पर सामने आई है। आमतौर पर सोशल मीडिया पर मनोरंजन या विवादित वीडियो वायरल होते हैं, लेकिन इस बार एक आम इंसान की असाधारण जिद और उसकी बेइंतहा मोहब्बत ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एक साधारण थ्री-व्हीलर चलाने वाले शख्स ने जब अपनी आमदनी और खर्चों का कच्चा चिट्ठा खोला, तो सुनने वाले भी हैरान रह गए। यह कहानी महज़ आंकड़ों की नहीं है, बल्कि एक ऐसे पिता के अदम्य साहस की है जो अपनी तकदीर भले ही नहीं बदल सका, लेकिन अपनी बेटी की कलम से उसकी तकदीर लिखने की ठान चुका है।

वायरल हो रहे इस वीडियो में जब एक वित्तीय कंटेंट क्रिएटर ने उस चालक से उसकी मासिक कमाई के बारे में पूछा, तो उसने बिना किसी झिझक के सब कुछ बता दिया। शहर की सड़कों पर दिन-रात पसीना बहाकर वह महीने के करीब पचहत्तर हजार रुपये कमा लेता है। लेकिन जैसे ही उसके घरेलू खर्चों और जिम्मेदारियों का हिसाब सामने आता है, जिंदगी की कड़वी हकीकत नजर आने लगती है। ऑटो की मासिक किस्त, सीएनजी का भारी खर्च और घर का किराया चुकाने के बाद जो बचता है, वह उस मोटी रकम के आगे बहुत छोटा पड़ जाता है जो वह अपनी बेटी की शिक्षा पर खर्च करता है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराध पर उबाल: प्रशांत किशोर बोले- अनपढ़ और अपराधी चला रहे सरकार

बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराध पर उबाल: प्रशांत किशोर बोले- अनपढ़ और अपराधी चला रहे सरकार

बिहार में इंसानियत शर्मसार: स्कूटी सवार युवक-युवती से दबंगई, पैर पकड़कर गिड़गिड़ाती रही लड़की

बिहार में इंसानियत शर्मसार: स्कूटी सवार युवक-युवती से दबंगई, पैर पकड़कर गिड़गिड़ाती रही लड़की

वीडियो: ज्यूरिख की लाखों की नौकरी छोड़ 21 साल की लड़की ने 'हनुमान अंश' में लगाए 50 लाख, अब ऐसे बदल गई किस्मत

वीडियो: ज्यूरिख की लाखों की नौकरी छोड़ 21 साल की लड़की ने 'हनुमान अंश' में लगाए 50 लाख, अब ऐसे बदल गई किस्मत

आसमान से तैरती हुई रोशनी का रहस्य: क्या सच होती है बॉल लाइटिंग या सोशल मीडिया पर चलता है वीएफएक्स का खेल

आसमान से तैरती हुई रोशनी का रहस्य: क्या सच होती है बॉल लाइटिंग या सोशल मीडिया पर चलता है वीएफएक्स का खेल

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

महंगाई के इस दौर में बैंक सखियों का बड़ा ऐलान: मानदेय 20 हजार करने और नौकरी पक्की करने की उठी मांग

महंगाई के इस दौर में बैंक सखियों का बड़ा ऐलान: मानदेय 20 हजार करने और नौकरी पक्की करने की उठी मांग

सैलरी और रुतबे की अंधी दौड़: सिलिकॉन वैली के दिग्गज इंजीनियर ने खुद क्यों मांगा डिमोशन? जानें हैरान करने वाली वजह

सैलरी और रुतबे की अंधी दौड़: सिलिकॉन वैली के दिग्गज इंजीनियर ने खुद क्यों मांगा डिमोशन? जानें हैरान करने वाली वजह

खुद के सपनों का गला घोंटकर लाड़ली के लिए तराश रहा है सुनहरा कल

इस पूरी दास्तान का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि वह ड्राइवर खुद ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। अपनी जिंदगी के शुरुआती दौर में शिक्षा के अभाव में उसने जो ठोकरें खाई हैं, वह नहीं चाहता कि उसकी संतान को भी वैसी ही परेशानियों का सामना करना पड़े। यही वजह है कि उसने अपनी बेटी का दाखिला शहर के एक नामी और महंगे स्कूल में करवाया है। इस स्कूल की सालाना फीस करीब एक लाख चालीस हजार रुपये है। महीने के हिसाब से देखा जाए तो यह रकम ग्यारह हजार रुपये से ज्यादा बैठती है, जो उसकी कुल आमदनी का एक बड़ा हिस्सा है।

अपनी लाड़ली की इस भारी-भरकम फीस को चुकाने के लिए उसे कई बार वित्तीय संकटों का सामना करना पड़ता है। कई मौकों पर स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि उसे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और ऑटो की मरम्मत के लिए भी कर्ज का सहारा लेना पड़ता है। इसके बावजूद उसके चेहरे पर शिकन नहीं आती और न ही उसके हौसले में कोई कमी आती है। उसका एकमात्र उद्देश्य यही है कि उसकी बेटी एक अच्छी जगह शिक्षा प्राप्त करे ताकि वह भविष्य में अपने पैरों पर खड़ी हो सके और समाज में सम्मानजनक जीवन जी सके।

महंगी शिक्षा बनाम आम आदमी की जेब: क्या वाकई जरूरी है इतना भारी खर्च?

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ, इस पर बहस छिड़ गई। देश भर के यूजर्स ने इस पिता के जज्बे को सलाम किया, वहीं शिक्षा के मौजूदा स्वरूप पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। एक तरफ जहां लोगों ने उस पिता के समर्पण को देखकर अपनी आंखें नम पाईं, वहीं दूसरी तरफ इस बात पर भी चर्चा होने लगी कि क्या आज के समय में अच्छी शिक्षा केवल रईसों की जागीर बनकर रह गई है? क्या एक सामान्य आय वाले व्यक्ति के लिए अपने बच्चे को बेहतर स्कूल में पढ़ाना किसी बड़ी सजा से कम नहीं है?

"जब उसने यह कहा कि वह खुद नहीं पढ़ा है इसलिए अपनी इकलौता बेटी को सबसे अच्छे स्कूल में भेज रहा है, तो लगा कि दुनिया का हर पिता अपनी औलाद के लिए भगवान का दूसरा रूप होता है। बस फर्क इतना है कि किसी के पास संसाधन होते हैं और किसी के पास केवल त्याग।" — सोशल मीडिया यूजर, इंस्टाग्राम

बहस के दौरान कई लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि यदि स्कूल का खर्च थोड़ा कम किया जाए और बची हुई रकम को सही जगह निवेश किया जाए, तो भविष्य में कॉलेज की पढ़ाई के लिए कर्ज लेने की नौबत नहीं आएगी। हालांकि, कई जानकारों का यह भी मानना था कि शुरुआती दौर की मजबूत नींव ही आगे चलकर बच्चे के करियर को तय करती है, इसलिए माता-पिता अपनी छाती पर पत्थर रखकर भी महंगे स्कूलों का चुनाव करने को मजबूर हैं।

गरीबी के चक्रव्यूह को भेदने का सबसे बड़ा हथियार है ज्ञान

यह वायरल किस्सा केवल एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस वृहद सामाजिक परिदृश्य को भी आईना दिखाता है जहाँ अमीर और गरीब के बीच की खाई शिक्षा के स्तर पर भी साफ दिखाई देती है। देश में आज भी सरकारी और निजी संस्थानों के बीच बुनियादी सुविधाओं का भारी अंतर बना हुआ है। जब तक हर वर्ग के बच्चे को समान और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मुफ्त या बेहद कम कीमत पर नहीं मिलेगी, तब तक एक गरीब पिता को अपनी दो वक्त की रोटी काटकर भी बच्चों की फीस चुकानी पड़ेगी।

अंततः यह कहानी इस बात पर जोर देती है कि शिक्षा ही वह एकमात्र माध्यम है जो पीढ़ियों से चले आ रहे गरीबी के दंश को समाप्त कर सकती है। ऑटो वाले पिता का यह संघर्ष इस बात का प्रमाण है कि भले ही आपके पास धन और साधन न हों, लेकिन अगर इरादे बुलंद हैं तो आप अपनी औलाद की राह का हर एक कांटा चुनकर उसे फूलों की सेज बना सकते हैं। यह वीडियो हर उस शख्स को प्रेरित करता है जो मुश्किल हालातों के आगे हार मान लेता है और सिखाता है कि कर्तव्य पथ पर अडिग रहकर कैसे बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानीNATIONAL

बिहार के इन दो युवाओं ने कर दिखाया कमाल: छोटे से आइडिया से खड़ा कर दिया करोड़ों का कारोबार, जानें पूरी कहानी

25 सित॰
बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराध पर उबाल: प्रशांत किशोर बोले- अनपढ़ और अपराधी चला रहे सरकारNATIONAL

बिहार में लगातार बढ़ रहे अपराध पर उबाल: प्रशांत किशोर बोले- अनपढ़ और अपराधी चला रहे सरकार

25 सित॰
बिहार में इंसानियत शर्मसार: स्कूटी सवार युवक-युवती से दबंगई, पैर पकड़कर गिड़गिड़ाती रही लड़कीNATIONAL

बिहार में इंसानियत शर्मसार: स्कूटी सवार युवक-युवती से दबंगई, पैर पकड़कर गिड़गिड़ाती रही लड़की

25 सित॰
वीडियो: ज्यूरिख की लाखों की नौकरी छोड़ 21 साल की लड़की ने 'हनुमान अंश' में लगाए 50 लाख, अब ऐसे बदल गई किस्मतENTERTAINMENT

वीडियो: ज्यूरिख की लाखों की नौकरी छोड़ 21 साल की लड़की ने 'हनुमान अंश' में लगाए 50 लाख, अब ऐसे बदल गई किस्मत

25 सित॰
आसमान से तैरती हुई रोशनी का रहस्य: क्या सच होती है बॉल लाइटिंग या सोशल मीडिया पर चलता है वीएफएक्स का खेलNATIONAL

आसमान से तैरती हुई रोशनी का रहस्य: क्या सच होती है बॉल लाइटिंग या सोशल मीडिया पर चलता है वीएफएक्स का खेल

25 सित॰
बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारीNATIONAL

बड़ी चेतावनी! एलपीजी सिलेंडर पर लागू होगा 10 साल पुराना नियम, ई-केवाईसी नहीं कराई तो जेब पर पड़ेगा भारी

25 सित॰
महंगाई के इस दौर में बैंक सखियों का बड़ा ऐलान: मानदेय 20 हजार करने और नौकरी पक्की करने की उठी मांगNATIONAL

महंगाई के इस दौर में बैंक सखियों का बड़ा ऐलान: मानदेय 20 हजार करने और नौकरी पक्की करने की उठी मांग

25 सित॰
सैलरी और रुतबे की अंधी दौड़: सिलिकॉन वैली के दिग्गज इंजीनियर ने खुद क्यों मांगा डिमोशन? जानें हैरान करने वाली वजहNATIONAL

सैलरी और रुतबे की अंधी दौड़: सिलिकॉन वैली के दिग्गज इंजीनियर ने खुद क्यों मांगा डिमोशन? जानें हैरान करने वाली वजह

24 सित॰