देश में तेजी से बदल रही है गाड़ियां खरीदने की पसंद
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के मुकाबले अब खरीदारों का रुझान सीएनजी (CNG) कारों की तरफ तेजी से शिफ्ट हो रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह बढ़ती हुई ईंधन कीमतें और पेट्रोल की बढ़ती लागत है। लोग अब ऐसे विकल्पों की तलाश में हैं जो जेब पर भारी न पड़ें और साथ ही रोजाना के सफर को किफायती बना सकें। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 तक भारतीय कार बाजार में सीएनजी कारों की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 25.28 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसके उलट, पारंपरिक पेट्रोल कारों की बिक्री में लगातार गिरावट का रुख देखा जा रहा है और अब इनकी हिस्सेदारी घटकर 40.85% रह गई है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) 7.63% और हाइब्रिड गाड़ियां 9.04% की हिस्सेदारी के साथ बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन जिस तेजी से सीएनजी गाड़ियों को अपनाया जा रहा है, वह वाकई हैरान करने वाला है।
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मारुति सुजुकी अर्टिगा ने मारी बाजी, बनी नंबर-1 सीएनजी कार
साल 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के बिक्री आंकड़े सामने आ चुके हैं, और इस लिस्ट में मारुति सुजुकी की 7-सीटर फैमिली कार 'अर्टिगा' (Maruti Suzuki Ertiga CNG) ने पहले पायदान पर कब्जा जमाया है। इस लोकप्रिय सीएनजी एमपीवी की इस साल की पहली छमाही में कुल 78,764 यूनिट्स बिकी हैं। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 64,101 यूनिट्स का था, जो साफ दिखाता है कि इस गाड़ी की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है।
वार्षिक आधार (Year-on-Year) पर अर्टिगा की बिक्री में 23 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है। बड़े परिवारों और कमर्शियल इस्तेमाल के लिए यह गाड़ी पहली पसंद बनी हुई है। कंपनी के अनुसार, सीएनजी मोड पर यह कार लगभग 26.11 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का दमदार माइलेज देती है, जो लंबी यात्राओं के दौरान खर्च को काफी हद तक कम कर देता है। यही वजह है कि लोग इस पर आंख बंद कर भरोसा कर रहे हैं।
दूसरे नंबर पर छाई मारुति डिजायर, माइलेज ने खींचा सबका ध्यान
इस फेहरिस्त में दूसरा नाम मारुति सुजुकी की ही लोकप्रिय कॉम्पैक्ट सेडान 'डिजायर' (Maruti Suzuki Dzire CNG) का आता है। सेडान सेगमेंट में इस गाड़ी का मुकाबला करना किसी के लिए भी आसान नहीं रहा है। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में डिजायर की कुल 75,339 यूनिट्स बिकी हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में इसकी 44,484 यूनिट्स ही बिकी थीं।
खास बात यह है कि डिजायर सीएनजी ने साल-दर-साल के आधार पर रिकॉर्ड 69 प्रतिशत की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है। इसका मुख्य कारण इसका शानदार माइलेज है। सीएनजी वेरिएंट में मारुति डिजायर का क्लेम्ड माइलेज 36.47 किलोमीटर प्रति किलोग्राम है, जो इसे देश की सबसे किफायती सेडान कारों में से एक बनाता है। कम मेंटेनेंस और शानदार रीसेल वैल्यू के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों के बीच इस गाड़ी की डिमांड आसमान छू रही है।
मारुति वैगनआर का जलवा बरकरार, तीसरे पायदान पर बनाई मजबूत पकड़
पारिवारिक और सिटी ड्राइविंग के लिए जानी जाने वाली 'वैगनआर' (Maruti Suzuki Wagon R CNG) इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर काबिज है। इस हैचबैक कार ने अपनी सादगी और उपयोगिता के दम पर हमेशा से ग्राहकों का दिल जीता है। इस साल के शुरुआती छह महीनों में वैगनआर की 54,267 यूनिट्स बिकी हैं, जबकि पिछले साल इस अवधि में यह आंकड़ा 51,631 यूनिट्स का था।
वैगनआर सीएनजी की बिक्री में 5 प्रतिशत की स्थिर ग्रोथ दर्ज की गई है। शहर की तंग गलियों और रोजमर्रा के दफ्तर के सफर के लिए इसे सबसे मुफीद माना जाता है। Wagon R CNG का माइलेज 34.05 किलोमीटर प्रति किलोग्राम है, जो ग्राहकों के मंथली फ्यूल बजट को काफी हद तक हल्का कर देता है। इसकी कम कीमत और आसान ड्राइविंग एक्सपीरियंस इसे आम आदमी की खास पसंद बनाते हैं।
टाटा पंच ने रचा इतिहास, बनी देश की सबसे लोकप्रिय सीएनजी एसयूवी
सीएनजी सेगमेंट में सिर्फ मारुति का ही राज नहीं है, बल्कि घरेलू ऑटोमेकर टाटा मोटर्स ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। 'टाटा पंच' (Tata Punch CNG) इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी माइक्रो-एसयूवी बॉडी स्टाइल है। यह देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली सीएनजी एसयूवी बन चुकी है, जिसे खासकर युवा खरीदार बहुत पसंद कर रहे हैं।
इस साल के पहले छह महीनों में टाटा पंच सीएनजी की कुल 41,919 यूनिट्स बिकी हैं, जबकि पिछले साल इसी दौरान इसकी 29,369 यूनिट्स बिकी थीं। ईयर-ऑन-ईयर आधार पर इस गाड़ी ने 43 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ हासिल की है। पंच सीएनजी का क्लेम्ड माइलेज 26.99 किलोमीटर प्रति किलोग्राम है। इसकी मजबूत बिल्ड क्वालिटी और एसयूवी लुक ने ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।
टाटा नेक्सॉन ने भी मारी बाजी, पांचवें स्थान पर दर्ज की मजबूत उपस्थिति
टाटा मोटर्स की ही लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी 'नेक्सॉन' (Tata Nexon CNG) ने इस लिस्ट में पांचवां स्थान हासिल किया है। इस एसयूवी की कुल 41,355 यूनिट्स इस छमाही में बिकी हैं। पिछले साल के शुरुआती छह महीनों में इस कार की 30,049 यूनिट्स बिकी थीं, जिससे यह साबित होता है कि बाजार में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है।
टाटा नेक्सॉन सीएनजी की सेल्स में साल-दर-साल 38 प्रतिशत की ठोस ग्रोथ दर्ज की गई है। सुरक्षा के मामले में 5-स्टार रेटिंग पाने वाली इस एसयूवी में अब सीएनजी का विकल्प मिलना ग्राहकों के लिए सोने पर सुहागा साबित हो रहा है। लोग अब परफॉर्मेंस और सेफ्टी के साथ-साथ सीएनजी के कम खर्च का भी पूरा आनंद ले रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय और आगे का भविष्य
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में सीएनजी कारों की मांग और अधिक तेजी से बढ़ सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता न होने और ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर अभी पूरी तरह विकसित न होने के कारण आम आदमी के लिए सीएनजी सबसे सुरक्षित और किफायती विकल्प बना हुआ है।
"देश में बढ़ती ईंधन की कीमतें और पर्यावरण के अनुकूल कम खर्च वाले विकल्पों की तलाश ने सीएनजी बाजार को एक नई दिशा दी है। कार निर्माता कंपनियां भी अब लगभग हर सेगमेंट में फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी विकल्प उपलब्ध करा रही हैं, जिससे ग्राहकों का भरोसा इस तकनीक पर और मजबूत हुआ है।" — ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स पैनल
कुल मिलाकर, साल 2026 उन लोगों के लिए बेहतरीन साबित हो रहा है जो गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं और जिनका मुख्य फोकस कम खर्च और बेहतर माइलेज पर है। मारुति और टाटा जैसी कंपनियों के पास इस सेगमेंट में बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं, जो ग्राहकों की हर जरूरत को पूरा कर रहे हैं।







