होम/देश/कैप्टन अमरिंदर सिंह का बड़ा खुलासा: बताया क्यों छोड़ी कांग्रेस और क्यों करनी पड़ी बीजेपी से मजबूरी में दोस्ती
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

कैप्टन अमरिंदर सिंह का बड़ा खुलासा: बताया क्यों छोड़ी कांग्रेस और क्यों करनी पड़ी बीजेपी से मजबूरी में दोस्ती

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने के पीछे के सियासी घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था, क्योंकि वह न तो कांग्रेस में वापसी कर सकते थे और न ही अकाली दल का रुख करना चाहते थे।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
26 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
कैप्टन अमरिंदर सिंह का बड़ा खुलासा: बताया क्यों छोड़ी कांग्रेस और क्यों करनी पड़ी बीजेपी से मजबूरी में दोस्ती
📷 कैप्टन अमरिंदर सिंह का बड़ा खुलासा: बताया क्यों छोड़ी कांग्रेस और क्यों करनी पड़ी बीजेपी से मजबूरी में दोस्ती — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस से अलग होने और बीजेपी में जाने की पूरी कहानी खुलकर बताई।
  • उन्होंने स्वीकार किया कि राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
  • पूर्व सीएम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेतृत्व के दबाव और राज्य में बदलाव की आहट के बीच उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
प्रायोजित • SPONSOREDVoterAction Campaign Suite
VoterAction - कागज़ पर नहीं, ऐप पर लड़े जाते हैं चुनाव | अभियान की पूरी कमान

राजनीतिक गलियारों में हलचल: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खोले सियासत के पुराने राज

पंजाब की राजनीति में दशकों तक एकछत्र राज करने वाले और अपनी बेबाक शैली के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थामने के पीछे की असली दास्तान बयां की है। एक मीडिया साक्षात्कार के दौरान कैप्टन ने उन तमाम अंदरूनी हालात का जिक्र किया, जिसके कारण उन्हें अपने राजनीतिक सफर में एक बड़ा और अप्रत्याशित फैसला लेना पड़ा था। उनके इस खुलासे ने एक बार फिर से पंजाब के राजनीतिक पटल पर पुरानी यादों और समीकरणों को ताजा कर दिया है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह का राजनीतिक सफर काफी लंबा और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। एक समय कांग्रेस पार्टी के सबसे मजबूत स्तंभों में गिने जाने वाले कैप्टन को अचानक राज्य की सत्ता से बाहर होना पड़ा था। उनके मुताबिक, उस समय पार्टी के भीतर कुछ ऐसा चल रहा था जिससे उन्हें आभास हो गया था कि अब उनके लिए वहां टिके रहना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक सुबह उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया था और उसके बाद के घटनाक्रम ने उन्हें पूरी तरह से एक नए राजनीतिक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया था।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशे

पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशे

देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान में बड़े पद पर मौका: आईआईटी दिल्ली के निदेशक पद के लिए खुला आवेदन का रास्ता, मिलता है भारी-भरकम वेतन

देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान में बड़े पद पर मौका: आईआईटी दिल्ली के निदेशक पद के लिए खुला आवेदन का रास्ता, मिलता है भारी-भरकम वेतन

तिहाड़ जेल से कैसे बाहर निकला अमेरिकी भाड़े का सैनिक? UAPA के गंभीर आरोपों के बीच रिहाई पर क्यों उठे सवाल

तिहाड़ जेल से कैसे बाहर निकला अमेरिकी भाड़े का सैनिक? UAPA के गंभीर आरोपों के बीच रिहाई पर क्यों उठे सवाल

रहस्य के घेरे में दो छात्राओं की गुमशुदगी: कोचिंग के लिए घर से निकलीं, अब वायरल वीडियो ने बढ़ाई परिवार की धड़कनें

रहस्य के घेरे में दो छात्राओं की गुमशुदगी: कोचिंग के लिए घर से निकलीं, अब वायरल वीडियो ने बढ़ाई परिवार की धड़कनें

सावधान! घरों में रखे कूलर और गमले बन रहे हैं मौत का घर, तेजी से फैल रहा डेंगू

सावधान! घरों में रखे कूलर और गमले बन रहे हैं मौत का घर, तेजी से फैल रहा डेंगू

बैंक हड़ताल से पहले बड़ी राहत: एटीएम से कैश निकालने पर नहीं कटेगा एक्स्ट्रा चार्ज, जानिए नए नियम

बैंक हड़ताल से पहले बड़ी राहत: एटीएम से कैश निकालने पर नहीं कटेगा एक्स्ट्रा चार्ज, जानिए नए नियम

कलाकारों के लिए बड़ी राहत: आर्थिक तंगी से दम तोड़ती प्रतिभाओं को संबल देगी सरकार, जानें योजनाओं के बारे में

कलाकारों के लिए बड़ी राहत: आर्थिक तंगी से दम तोड़ती प्रतिभाओं को संबल देगी सरकार, जानें योजनाओं के बारे में

भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: परीक्षा केंद्र के व्हाइट बोर्ड और OMR शीट का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: परीक्षा केंद्र के व्हाइट बोर्ड और OMR शीट का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

अचानक आया फोन कॉल और सोनिया गांधी से हुई उस बातचीत का पूरा सच

अपनी सियासत के सबसे नाटकीय पलों को याद करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा था, तब शीर्ष नेतृत्व ने तुरंत उसे स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने पार्टी प्रमुख से मुलाकात कर साफ कह दिया था कि पंजाब में स्थितियां बदल रही हैं और पार्टी के भीतर संतुलन बिगड़ रहा है। उस वक्त पार्टी के महासचिव ने भी चुनाव में कुछ ही महीने बाकी होने का हवाला देते हुए उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की सलाह दी थी और इस्तीफे को टाल दिया गया था।

लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आया जब महज कुछ दिनों के अंतराल के बाद उन्हें सीधे दिल्ली से बुलावा और फोन आया। कैप्टन के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने उनसे कहा कि अब उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। इस पर कैप्टन ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि यह पार्टी उनकी अपनी है और यदि वे चाहती हैं कि वह हट जाएं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके तुरंत बाद उन्होंने पंजाब के राज्यपाल को फोन किया और अपना त्यागपत्र सौंप दिया। इस तरह एक झटके में उनका दशकों पुराना नाता मुख्यमंत्री की कुर्सी से टूट गया।

अपनी पार्टी के असफल होने के बाद मजबूरी में उठाया गया बीजेपी का कदम

मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और कांग्रेस से किनारा करने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि अब आगे की राजनीतिक दिशा क्या होनी चाहिए। उनके शुभचिंतकों और समर्थकों ने उनसे एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन का आग्रह किया। कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई भी, लेकिन वह जमीन पर वह कमाल नहीं दिखा सकी जिसकी उम्मीद की जा रही थी। राजनीतिक धरातल पर नई पार्टी के उम्मीद के मुताबिक न चल पाने के कारण उनके सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया था।

इन्हीं हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास आगे बढ़ने के लिए बहुत सीमित रास्ते बचे थे। उन्होंने कहा,

"हमारे पास सच में कोई दूसरा ऑप्शन नहीं था। हम कांग्रेस में वापस जा नहीं रहे थे और मुझे अकाली दल में भी दोबारा शामिल नहीं होना था। इसलिए भाजपा में ही मिलना एकमात्र विकल्प था और हमने वही किया।"
कैप्टन ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में 1984 में ऑपरेशन ब्लैक थंडर के समय भी कांग्रेस से इस्तीफा दिया था, जिससे यह साबित होता है कि वैचारिक असहमति पर उन्होंने हमेशा कड़े फैसले लिए हैं।

चार साल का सफर और भविष्य की सियासी राह को लेकर बड़ा बयान

बीजेपी में शामिल होने के बाद बीते चार सालों के अनुभव पर बात करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि इस दौरान उन्हें पार्टी में बहुत कुछ विशेष हासिल नहीं हुआ, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए मजबूर कर दिया था। आज के राजनीतिक परिदृश्य में भले ही कैप्टन उस आक्रामक भूमिका में नजर न आते हों, लेकिन उनका यह बयान पंजाब की राजनीति के कई अनकहे अध्यायों से पर्دا उठाता है।

विश्लेषकों का मानना है कि कैप्टन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब की सियासत में नए समीकरण बन और बिगड़ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी छोड़ने की उनकी यह कहानी केवल एक व्यक्ति का सफर नहीं है, बल्कि भारतीय राजनीति के भीतर चलने वाले सत्ता संघर्ष, आंतरिक दबाव और फैसलों के पीछे की असली मजबूरियों को भी आईना दिखाती है। आने वाले दिनों में उनके इस बयान के राजनीतिक निहितार्थ क्या होंगे, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि पंजाब के राजनीतिक इतिहास में इस अध्याय को हमेशा एक बड़े बदलाव के रूप में याद किया जाएगा।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशेNATIONAL

पश्चिम बंगाल में फिर गरमाई सियासत: टीएमसी विधायक कुणाल घोष के काफिले पर हमला, टूटे गाड़ियों के शीशे

26 सित॰
देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान में बड़े पद पर मौका: आईआईटी दिल्ली के निदेशक पद के लिए खुला आवेदन का रास्ता, मिलता है भारी-भरकम वेतनNATIONAL

देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान में बड़े पद पर मौका: आईआईटी दिल्ली के निदेशक पद के लिए खुला आवेदन का रास्ता, मिलता है भारी-भरकम वेतन

26 सित॰
तिहाड़ जेल से कैसे बाहर निकला अमेरिकी भाड़े का सैनिक? UAPA के गंभीर आरोपों के बीच रिहाई पर क्यों उठे सवालNATIONAL

तिहाड़ जेल से कैसे बाहर निकला अमेरिकी भाड़े का सैनिक? UAPA के गंभीर आरोपों के बीच रिहाई पर क्यों उठे सवाल

26 सित॰
रहस्य के घेरे में दो छात्राओं की गुमशुदगी: कोचिंग के लिए घर से निकलीं, अब वायरल वीडियो ने बढ़ाई परिवार की धड़कनेंNATIONAL

रहस्य के घेरे में दो छात्राओं की गुमशुदगी: कोचिंग के लिए घर से निकलीं, अब वायरल वीडियो ने बढ़ाई परिवार की धड़कनें

26 सित॰
सावधान! घरों में रखे कूलर और गमले बन रहे हैं मौत का घर, तेजी से फैल रहा डेंगूNATIONAL

सावधान! घरों में रखे कूलर और गमले बन रहे हैं मौत का घर, तेजी से फैल रहा डेंगू

26 सित॰
बैंक हड़ताल से पहले बड़ी राहत: एटीएम से कैश निकालने पर नहीं कटेगा एक्स्ट्रा चार्ज, जानिए नए नियमNATIONAL

बैंक हड़ताल से पहले बड़ी राहत: एटीएम से कैश निकालने पर नहीं कटेगा एक्स्ट्रा चार्ज, जानिए नए नियम

26 सित॰
कलाकारों के लिए बड़ी राहत: आर्थिक तंगी से दम तोड़ती प्रतिभाओं को संबल देगी सरकार, जानें योजनाओं के बारे मेंNATIONAL

कलाकारों के लिए बड़ी राहत: आर्थिक तंगी से दम तोड़ती प्रतिभाओं को संबल देगी सरकार, जानें योजनाओं के बारे में

26 सित॰
भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: परीक्षा केंद्र के व्हाइट बोर्ड और OMR शीट का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंपNATIONAL

भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: परीक्षा केंद्र के व्हाइट बोर्ड और OMR शीट का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

26 सित॰