नई दिल्ली/ग्राउंड ब्यूरो — देश की राजनीति में इन दिनों एक नया और अनोखा सियासी चेहरा चर्चा का विषय बना हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनकी सहकर्मी नेहा बोरा ने ऐलान किया है कि वे 16 अक्टूबर को दिल्ली के ऐतिहासिक कनॉट प्लेस इलाके में तिरंगा लहराएंगे। इस ऐलान के बाद से दिल्ली से लेकर मुंबई तक प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। पार्टी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त यानी CEC के खिलाफ उनका विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मुंबई में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए कॉकरोच पार्टी को मुंबई में प्रदर्शन करने की अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद अभिजीत दीपके ने मीडिया के सामने तीखी प्रतिक्रिया दी और प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े किए। दीपके का कहना है कि देश की राजनीति में केवल हिंदू और मुस्लिम के मुद्दों पर ही चर्चा हो रही है जबकि आम जनता की असली समस्याएं पीछे छूट रही हैं।
बेरोजगारी और बुनियादी मुद्दों पर तीखे सवाल
कॉकरोच पार्टी के नेताओं का साफ कहना है कि देश में इस समय सबसे बड़ी चिंता बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं का भविष्य है। अभिजीत दीपके ने हाल ही में दिए अपने बयानों में यह भी कहा कि मौजूदा राजनीतिक दल जानबूझकर लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने का काम कर रहे हैं। CJP के इन तेवरों के कारण राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी के नेताओं का यह भी आरोप है कि सरकारें जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश कर रही हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति तक नहीं दी जा रही है।
इससे पहले CJP ने यह भी सवाल उठाया था कि क्या देश की मौजूदा राजनीति और नीतियां समाज को किसी बड़े विवाद की तरफ धकेल रही हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे आम आदमी की आवाज को दबाने नहीं देंगे और देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी बात मजबूती से रखेंगे। मुंबई में अनुमति मिलने के बाद अब दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने के इस नए कार्यक्रम ने राजनीतिक तापमान को और ज्यादा बढ़ा दिया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी इस पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासनिक पाबंदियां और पुलिस की नजर
राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में कई बड़े राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रदर्शन देखने को मिले हैं। ऐसे में CJP द्वारा 16 अक्टूबर को तय किए गए इस कार्यक्रम को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क मोड में आ गई है। खुफिया एजेंसियों से मिल रही जानकारी के बाद कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर के आस-पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की तैयारी है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि शहर की शांति और यातायात व्यवस्था किसी भी कीमत पर बाधित न हो, खासकर तब जब किसी गैर-पारंपरिक राजनीतिक दल का कार्यक्रम हो।
आम जनता के बीच भी इस नए राजनीतिक दल और उसके अनोखे नाम को लेकर खासी उत्सुकता देखने को मिल रही है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर कॉकरोच जनता पार्टी की जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है और उनके ये विरोध प्रदर्शन कितना असर छोड़ पाएंगे। अभिजीत दीपके और नेहा बोरा लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया के सामने अपनी बातें रख रहे हैं और सरकार की नीतियों पर खुलकर हमले कर रहे हैं। आने वाले 16 अक्टूबर का दिन इस पूरे घटनाक्रम के लिहाज से बेहद अहम होने वाला है, क्योंकि यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस कार्यक्रम को किस तरह संभालता है।
भविष्य की राजनीतिक रणनीति और CJP के कदम
द फ्रीलान्स की ग्राउंड पड़ताल के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी आने वाले दिनों में देश के अन्य राज्यों में भी अपने संगठन को विस्तार देने की योजना बना रही है। नेताओं का मानना है कि यदि पारंपरिक दल जनता के मुद्दों पर बात नहीं करेंगे तो वे खुद युवाओं को साथ लेकर एक मजबूत विकल्प खड़ा करेंगे। हालांकि, मुख्यधारा की राजनीति में इस तरह के छोटे दलों के टिके रहने और अपनी बात मनवाने की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है। फिर भी, 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में होने वाला यह कार्यक्रम आगामी राजनीति में एक नया मोड़ जरूर ला सकता है।







