दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए रोजगार का महाकुंभ
देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) अपने परिसरों में पढ़ने वाले युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और संवारने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के लिए एक बड़े करियर मेले का ऐलान किया है, जिससे हजारों युवाओं के कॉर्पोरेट जगत में कदम रखने का रास्ता साफ हो गया है। डीयू द्वारा आयोजित किया जाने वाला यह प्लेसमेंट उत्सव छात्रों के बीच खासी चर्चा का विषय बना हुआ है और इसमें भाग लेने के लिए युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
अकादमिक शिक्षा पूरी करने के बाद हर युवा की यह चाहत होती है कि उसे एक बेहतरीन करियर और आकर्षक वेतन वाली नौकरी मिले। इस सपने को साकार करने की दिशा में दिल्ली यूनिवर्सिटी का यह जॉब फेयर एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। विश्वविद्यालय के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार का आयोजन पिछले संस्करणों से कहीं अधिक व्यापक और बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की दिग्गज कंपनियों को आमंत्रित किया गया है।
कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही सही मार्गदर्शन और बेहतरीन प्लेसमेंट मिलना किसी भी छात्र के जीवन का सबसे अहम मोड़ होता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपनी प्लेसमेंट सेल को और अधिक सक्रिय कर दिया है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को कैंपस के माध्यम से ही रोजगार के सुनहरे अवसर मिल सकें।
संबंधित खबरें
7 अक्टूबर को नॉर्थ कैंपस में सजेगा रोजगार का बाजार
दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस बहुप्रतीक्षित प्लेसमेंट ड्राइव 'AVASAR 2026' (अवसर 2026) का दूसरा एडिशन आगामी 7 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इस मेगा इवेंट का आयोजन यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस स्थित मल्टीपर्पज हॉल में होगा, जो जीसी नरंग मार्ग पर गेट नंबर 2 के पास स्थित है। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम शाम 5 बजे तक चलेगा, जिसके दौरान देश की नामचीन कंपनियों के प्रतिनिधि सीधे छात्रों से रूबरू होंगे।
इस एक दिवसीय करियर मेले के सुचारू संचालन के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हॉल के भीतर और बाहर विशेष काउंटर बनाए गए हैं जहां वालंटियर्स उनकी मदद के लिए मौजूद रहेंगे। विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेज और डिग्री ले रहे छात्र अपनी पूरी तैयारी के साथ इस फेयर में हिस्सा ले सकते हैं और अपनी पसंद की कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने इंटरव्यू दे सकते हैं।
यूनिवर्सिटी के जानकारों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि उन्हें वास्तविक कॉर्पोरेट दुनिया की प्राथमिकताओं और जरूरतों को नजदीक से समझने का मौका भी मिलता है। यही वजह है कि डीयू के विभिन्न कॉलेजों से हजारों की संख्या में छात्र इस आयोजन को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर कर रहे हैं।
85 से अधिक दिग्गज कंपनियां और 4000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
इस प्लेसमेंट ड्राइव की सबसे बड़ी खासियत इसमें हिस्सा लेने वाली कंपनियों का विहंगम दायरा है। डीयू के इस मेगा फेयर में एक, दो या दस नहीं बल्कि कुल 85 से अधिक जानी-मानी कंपनियां शिरकत कर रही हैं। इन कंपनियों में टेक जायंट्स, फाइनेंशियल फर्म्स, कंसल्टिंग एजेंसियां, मीडिया हाउस और ई-कॉमर्स सेक्टर की बड़ी कंपनियां शामिल हैं। विभिन्न सेक्टरों की मौजूदगी के कारण हर स्ट्रीम के छात्र के लिए यहां कुछ न कुछ खास उपलब्ध होगा।
कार्यक्रम के प्रति छात्रों के भारी क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक 4,000 से अधिक छात्र इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। पंजीकरण का यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, जो यह साबित करता है कि युवा अपने करियर को लेकर कितने गंभीर और जागरूक हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल पंजीकृत छात्रों को ही इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, ताकि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से चलाई जा सके।
"हमारा मुख्य उद्देश्य दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रत्येक छात्र को उनकी योग्यता और प्रतिभा के अनुरूप बेहतरीन करियर विकल्प उपलब्ध कराना है। 'अवसर' जैसे मंच युवाओं और उद्योग जगत के बीच की दूरी को पाटने का काम करते हैं, जिससे दोनों पक्षों को बड़ा फायदा मिलता है।" — प्लेसमेंट सेल समन्वयक, दिल्ली यूनिवर्सिटी
10 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज और आकर्षक स्टाइपेंड
वित्तीय दृष्टिकोण से भी यह प्लेसमेंट ड्राइव युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होने वाला है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस ड्राइव में चयनित होने वाले मेधावी छात्रों को 10 लाख रुपये या उससे अधिक का सालाना पैकेज (CTC) मिल सकता है। कॉर्पोरेट जगत में फ्रेशर्स के लिए यह एक बहुत ही शानदार शुरुआत मानी जाती है, जो उनके भविष्य की आर्थिक मजबूती की नींव रखेगी।
इसके अलावा, जो छात्र अभी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं और पूर्णकालिक नौकरी के बजाय इंटर्नशिप की तलाश में हैं, उनके लिए भी यहां सुनहरे अवसर मौजूद हैं। विभिन्न कंपनियों द्वारा दी जाने वाली इंटर्नशिप के तहत छात्रों को हर महीने 60,000 रुपये तक का भारी-भरकम स्टाइपेंड मिल सकता है। यह वित्तीय सहायता छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ व्यावहारिक कार्यकुशलता में भी पूरी तरह पारंगत करेगी।
विभिन्न प्रोफेशनल डोमेन में काम करने वाली ये कंपनियां छात्रों के एकेडमिक रिकॉर्ड के साथ-साथ उनकी व्यावहारिक स्किल्स, कम्युनिकेशन और प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी का बारीकी से आकलन करेंगी। जो युवा इन कसौटी पर खरे उतरेंगे, उन्हें ऑन-द-स्पॉट या शॉर्टलिस्टिंग के अगले चरण के लिए चुना जाएगा।
भविष्य के लिए युवाओं को तैयार करने की अनूठी पहल
दिल्ली यूनिवर्सिटी सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने छात्रों को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए भी पूरी तरह तैयार कर रही है। 'अवसर 2026' जैसे आयोजन इस बात का प्रमाण हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के सर्वांगीण विकास के प्रति कितना संजीदा है। आधुनिक उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षित करना और उन्हें सही मंच प्रदान करना ही इस ड्राइव का मुख्य ध्येय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जॉब फेयर से छात्रों को नौकरी ढूंढने के पारंपरिक और तनावपूर्ण दौर से राहत मिलती है। एक ही छत के नीचे दर्जनों कंपनियों के विकल्प मौजूद होने से छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार सही कंपनी का चुनाव कर पाते हैं। आने वाले समय में दिल्ली यूनिवर्सिटी इस प्रकार के और भी बड़े आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर रहा है, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिल सके।







