सीर उत्सव पर सजी रोजगार की महफिल, युवाओं ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के घुमारवीं में आयोजित पारंपरिक सीर उत्सव इस बार युवाओं के लिए एक नया सवेरा लेकर आया। इस सांस्कृतिक और सामाजिक आयोजन के दौरान श्रम, रोजगार तथा विदेशी नियोजन विभाग और बीबीएनआईए के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं के उत्साह ने यह साबित कर दिया कि सही मंच मिलने पर राज्य की युवा शक्ति अपनी मेहनत के दम पर नया मुकाम हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस रोजगार मेले का शुभारंभ राज्य के नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने किया। उनके साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया और इसके बाद विभिन्न कंपनियों के स्टालों का निरीक्षण करते हुए युवाओं का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य शिक्षित युवाओं को नौकरी की तलाश में भटकने से रोकना और उन्हें उनके गृह क्षेत्र के आसपास ही सम्मानजनक आजीविका के अवसर दिलाना है।
मेले के दौरान सुबह से ही युवाओं लंबी कतारें देखने को मिलीं। आईटीआई घुमारवीं के अंतिम वर्ष के छात्रों से लेकर विभिन्न विषयों में डिग्री और डिप्लोमा हासिल कर चुके युवा अपने रिज्यूमे के साथ कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने साक्षात्कार देने पहुंचे। इस पूरी प्रक्रिया से युवाओं को कॉरपोरेट जगत की चयन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ, जो भविष्य में उनके लिए काफी मददगार साबित होगा।
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16 से अधिक नामी कंपनियों ने लिया हिस्सा, दो सौ युवाओं को मिला रोजगार
घुमारवीं में आयोजित इस रोजगार मेले में देश और राज्य स्तर की 16 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस, एसआईएस इंडिया, ऑरो टेक्सटाइल इंडिया, इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस, श्रीराम फाइनेंस, ज्यूपिटर सॉल्यूशन, रिलायंस जियो इन्फोकॉम, एलआईसी ऑफ इंडिया, ल्यूमिनस पावर टेक्नोलॉजीज, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, हैवेल्स इंडिया और पार्क हॉस्पिटल पंचकूला जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल थीं। इन कंपनियों के मानव संसाधन प्रबंधकों ने युवाओं के साक्षात्कार लिए और उनकी योग्यता का आकलन किया।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस एक दिवसीय मेले में 400 से अधिक युवाओं ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। गहन साक्षात्कार और मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद लगभग 200 युवाओं का चयन विभिन्न पदों के लिए कर लिया गया। वहीं, कुछ अन्य अभ्यर्थियों को उनकी कार्यकुशलता और कंपनियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चयन प्रक्रिया के अगले चरण के लिए सीधे मुख्य कार्यालयों में आमंत्रित किया गया है। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने स्थानीय युवाओं के कौशल स्तर और उनके अनुशासन की सराहना की।
मेले के अंत में सभी भाग लेने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को राज्य सरकार और आयोजन समिति की ओर से सम्मानित किया गया। स्थानीय प्रशासन ने भी इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी की समस्या का समाधान होता है, बल्कि औद्योगिक घरानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच आपसी तालमेल भी मजबूत होता है।
इंडस्ट्री और युवाओं के बीच की दूरी मिटाएगा नया 'मील' ऐप
इस रोजगार मेले का सबसे बड़ा आकर्षण तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी द्वारा लॉन्च किया गया 'मील' (MEEL) मोबाइल ऐप रहा। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य युवाओं और औद्योगिक इकाइयों के बीच मौजूद गैップ को पाटना है। यह ऐप एक डिजिटल सेतु की तरह काम करेगा, जिसके जरिए राज्य का कोई भी युवा अपनी शिक्षा, कौशल और रुचि के अनुसार नौकरी या इंटर्नशिप के अवसर तलाश सकेगा।
इस ऐप की विशेषता के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि युवा इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह निःशुल्क अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। पंजीकरण के दौरान उन्हें अपनी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता, कार्य अनुभव और करियर से जुड़ी प्राथमिकताओं की जानकारी दर्ज करनी होगी। दूसरी ओर, बीबीएनआई एसोसिएशन से जुड़ी 600 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की श्रम संबंधी जरूरतों का इस डेटाबेस से मिलान किया जाएगा।
"युवाओं को केवल डिग्री देना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें उद्योगों की मांग के मुताबिक तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। 'मील' ऐप और रोजगार मेले इसी दिशा में उठाए गए ठोस कदम हैं, जो हमारे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे।" — राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार
जब भी किसी उद्योग को विशेष कौशल या योग्यता वाले उम्मीदवार की आवश्यकता होगी, यह ऐप तुरंत उपयुक्त उम्मीदवार की पहचान कर उसे संबंधित कंपनी से जोड़ देगा। इससे नौकरी की तलाश करने वाले युवाओं और कर्मचारियों की तलाश करने वाले उद्योगों दोनों का समय बचेगा और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
स्किल गैップ को पाटने के लिए सरकार की बड़ी योजनाएं और कौशल अकादमी
रोजगार मेले को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आज के समय में युवाओं को रोजगार मिलने में सबसे बड़ी बाधा 'स्किल गैップ' यानी उद्योगों की मांग और युवाओं के कौशल के बीच का अंतर है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने कई दूरदर्शी योजनाएं तैयार की हैं। उन्होंने घोषणा की कि घुमारवीं में मुख्यमंत्री द्वारा बजट में घोषित अत्याधुनिक कौशल अकादमी का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।
इस प्रस्तावित अकादमी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसे आधुनिक और भविष्य की मांग वाले क्षेत्रों के विशेष पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं को फिनिशिंग कोर्स भी करवाए जाएंगे, जिससे उनकी पेशेवर दक्षता में और निखार आएगा। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी इतना मजबूत किया जाए कि वे देश-विदेश के किसी भी उद्योग में अपनी जगह बना सकें।
पर्यटन, आतिथ्य सत्कार और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) तकनीक जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में रोजगार की असीम संभावनाओं को देखते हुए ग्रीन जॉब्स के सृजन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के अंतर्गत जल्द ही अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा इन नए क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त कर सकें।
रोजगार सेतु पोर्टल और भविष्य की कार्ययोजना
सरकार की डिजिटल पहलों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा पहले ही आईटीआई के छात्रों के लिए 'रोजगार सेतु' वेब पोर्टल शुरू किया जा चुका है। इस पोर्टल को अब और अधिक व्यापक बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इसके दायरे में इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों, फार्मेसी डिप्लोमा धारकों और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के युवाओं को भी जोड़ा जाएगा।
सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा और प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए एक मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए। सीर उत्सव के दौरान आयोजित यह रोजगार मेला इसी विजन का एक जीवंत उदाहरण है। आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे मेलों का आयोजन किया जाएगा, ताकि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिल सके।
अंत में, सरकार ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे पारंपरिक नौकरियों की मानसिकता से बाहर निकलकर आधुनिक तकनीकी कोर्स और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ें। राज्य प्रशासन और उद्योग विभाग मिलकर एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जहाँ हर योग्य युवा के पास काम का अवसर हो और प्रदेश का आर्थिक विकास तेजी से आगे बढ़ सके।







