अजय देवगन की 'दृश्यम 3' पर मंडराया कानूनी खतरा, मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा कॉपीराइट विवाद
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता अजय देवगन की आगामी बहुप्रतीक्षित सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' अपनी रिलीज से पहले ही बड़े कानूनी विवादों के घेरे में आ गई है। फिल्म के मेकर्स के सामने एक नई और बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है क्योंकि मद्रास हाईकोर्ट में इसके वर्ल्डवाइड डिस्ट्रीब्यूशन और प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर एक याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका के सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में हलचल तेज हो गई है, और ट्रेड एनालिस्ट्स से लेकर फैंस तक की निगाहें अदालत के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
यह पूरा कानूनी मामला कॉपीराइट के अधिकारों और मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) के इर्द-गिर्द घूम रहा है। मेसर्स राजकुमार थिएटर प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने मेसर्स वाइड एंगल क्रिएशंस के खिलाफ यह याचिका दायर की है। कंपनी का मुख्य तर्क है कि फिल्म के एडेप्टेशन राइट्स और कॉपीराइट से जुड़े नियमों का पालन किए बिना ही इसका निर्माण किया गया है, जो सीधे तौर पर उनके कानूनी अधिकारों का हनन है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से यह गुहार लगाई है कि जब तक यह विवाद पूरी तरह से सुलझ नहीं जाता, तब तक फिल्म को सिनेमाघरों या किसी अन्य मंच पर प्रदर्शित करने की अनुमति न दी जाए।
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मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई टली, क्या थिएटर्स तक पहुंचेगी फिल्म?
मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस के. कुमारेश बाबू की बेंच के समक्ष इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई तय की गई थी। हालांकि, शुरुआती सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की अगली तारीख तय करते हुए सुनवाई को फिलहाल टाल दिया है। अदालत के इस फैसले से फिल्म मेकर्स को फौरी तौर पर थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी तलवार अभी भी लटकी हुई है। जानकारों का मानना है कि यदि अदालत आने वाले दिनों में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में कोई कड़ा रुख अपनाती है, तो फिल्म की रिलीज पर बड़ा असर पड़ सकता है।
फिल्म जगत से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस तरह के कॉपीराइट विवाद अक्सर फिल्मों की रिलीज से ठीक पहले तूल पकड़ते हैं, जिससे निर्माताओं की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी की पिछली दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा था और दर्शकों के दिलों पर राज किया था, ऐसे में तीसरे पार्ट को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। लेकिन इस कानूनी पेंच ने मेकर्स के माथे पर शिकन जरूर ला दी है।
कानूनी अड़चनों के बीच एडवांस बुकिंग के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त
एक तरफ जहां अदालत में कानूनी दांव-पेंच चल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बॉक्स ऑफिस पर 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' ने अपनी सुनामी ला दी है। कानूनी विवादों के बावजूद इस फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह जरा भी कम नहीं हुआ है, बल्कि टिकट खिड़की पर एडवांस बुकिंग के आंकड़े तेजी से ऊपर जा रहे हैं। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने रिलीज से काफी पहले ही एडवांस बुकिंग में करोड़ों रुपये का शानदार ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है और कई सिनेमाघरों में पहले चार दिनों के लिए शोज़ हाउसफुल हो चुके हैं।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि अजय देवगन की इस थ्रिलर मूवी का क्रेज इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि यह बॉक्स ऑफिस पर कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता रखती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म अपनी जबरदस्त एडवांस बुकिंग के दम पर बॉक्स ऑफिस पर अन्य बड़ी फिल्मों को कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिससे आने वाले दिनों में सिनेमाघरों में तगड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
2 अक्टूबर 2026 को होगी रिलीज, विजय सलगांवकर की कहानी का होगा क्लाइमेक्स
फिल्म प्रेमियों के बीच 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी का एक अलग ही क्रेज रहा है। विजय सलगांवकर और उसके परिवार की कहानी का यह अंतिम और निर्णायक अध्याय यानी 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' आगामी 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए शेड्यूल की गई है। दर्शक यह जानने के लिए बेहद बेताब हैं कि इस बार कहानी का अंत क्या होगा और क्या पुलिस इस परिवार को पकड़ने में कामयाब होगी या फिर विजय सलगांवकर एक बार फिर सबको चकमा देने में सफल रहेगा।
फिल्म के निर्देशक और निर्माता इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहे हैं कि वे सभी कानूनी अड़चनों को तय समय सीमा के भीतर पार कर लेंगे। हालांकि, कॉपीराइट विवाद का यह साया फिल्म की रिलीज तक कितना गहराता है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, मेकर्स और डिस्ट्रीब्यूटर दोनों ही कोर्ट के अगले आदेश पर अपनी नजरें गड़ाए हुए हैं।
"कानूनी मामलों और कॉपीराइट के विवादों का फिल्मों के बिजनेस पर सीधा असर पड़ता है, लेकिन जब बात 'दृश्यम' जैसी लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की हो, तो दर्शकों की उत्सुकता इन तमाम बाधाओं को पार कर जाती है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस विवाद पर क्या अंतिम फैसला सुनाती है।" — फिल्म ट्रेड एनालिस्ट








