पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की नई पारी को लेकर क्यों मची है हलचल?
उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित और मेधावी पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक चर्चाओं के केंद्र में बनी हुई हैं। प्रशासनिक सेवा से अचानक इस्तीफा देने के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब खुद दिव्या मित्तल ने इन सभी कयासों पर विराम लगाने का समय तय कर दिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए यह घोषणा की है कि वह अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा करेंगी, जिससे यह साफ हो जाएगा कि उनके जीवन का अगला अध्याय किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है।
बता दें कि 2013 बैच की इस आईएएस अधिकारी ने लगभग 13 साल के लंबे और शानदार प्रशासनिक सफर के बाद गत 30 अगस्त को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। शासन ने उनके इस इस्तीफे को 15 सितंबर को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद से ही यह सवाल हर किसी की जुबान पर था कि आखिर एक तेज-तर्रार और लोकप्रिय अधिकारी अचानक से प्रशासनिक नौकरी क्यों छोड़ दी। अब हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके इस बहुप्रतीक्षित खुलासे में कौन-कौन से राज बाहर आते हैं।
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सोशल मीडिया पर खुद गिनाईं लोगों की अटकलें और कयास
दिव्या मित्तल ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन तमाम चर्चाओं का सिलसिलेवार जिक्र किया जो उनके इस्तीफे के बाद से लगातार तैर रही थीं। उन्होंने मजाकिया और सधे अंदाज में लिखा कि लोग तरह-तरह की संभावनाएं जता रहे हैं। इनमें 'बच्चे छोटे हैं अब घर संभालेंगी', 'विदेश से अच्छा पैकेज मिला है इसलिए वापस लौट रही हैं', 'आईएएस परीक्षा और अनुभव पर कोई किताब या कोचिंग संस्थान शुरू करेंगी', और 'किसी राजनीतिक दल से टिकट पक्का हो गया है और वे राजनीति में उतरने जा रही हैं' जैसी बातें शामिल हैं।
उनकी इस अनोखी और खुलकर की गई पोस्ट ने सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है। आम लोगों से लेकर उनके शुभचिंतक और पूर्व सहकर्मी तक यह जानने के लिए बेताब हैं कि इनमें से कौन सा कयास सच साबित होता है या फिर उनका अगला कदम इन सबसे बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला होने वाला है।
मीरजापुर से लेकर देवरिया तक रहा है शानदार प्रशासनिक ट्रैक रिकॉर्ड
दिव्या मित्तल का प्रशासनिक करियर हमेशा से ही उनकी कार्यकुशलता और जनता के बीच बेहतरीन पकड़ के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष जैसी अहम पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
इसके अलावा संतकबीरनगर और मीरजापुर में बतौर जिलाधिकारी उनके कार्य विशेष रूप से सराहे गए। मीरजापुर के दुरुह और पथरीले इलाकों में शुमार लहुरियादह गांव तक पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुंचाना उनकी प्रशासनिक इच्छाशक्ति का एक बड़ा उदाहरण माना जाता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में भी बेहतरीन काम किया। जुलाई 2024 में उन्हें देवरिया का जिलाधिकारी बनाया गया था, जहां उन्होंने मई 2026 तक सेवाएं दीं और बाद में राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात रहीं।
राजनीति में एंट्री या सामाजिक सेवा: क्या है जनता और समर्थकों की उम्मीदें?
चूंकि दिव्या मित्तल एक तेज-तर्रार और जन-सरोकार से जुड़ी अधिकारी रही हैं, इसलिए उनके समर्थकों का एक बड़ा वर्ग यह उम्मीद लगाए बैठा है कि वह राजनीति के मैदान में उतरकर सीधे तौर पर जनता की सेवा कर सकती हैं। आज के दौर में जब कई पूर्व नौकरशाह प्रशासनिक दुनिया छोड़कर राजनीतिक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं, ऐसे में दिव्या मित्तल के कदम को लेकर राजनीतिक दलों में भी अंदरखाने सुगबुगाहट शुरू होना स्वाभाविक है।
"प्रशासनिक सेवा देश की सेवा करने का एक शानदार माध्यम जरूर है, लेकिन जब कोई अधिकारी इससे बाहर आकर अपनी शर्तों पर समाज को कुछ नया देना चाहता है, तो उसकी यात्रा और भी ज्यादा दिलचस्प हो जाती है। दिव्या मित्तल का यह फैसला आने वाले समय में कई युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन सकता है।" — वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक
दूसरी ओर, कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि वे पूरी तरह से परिवार को समय देने या फिर शिक्षा और मार्गदर्शन के क्षेत्र में कोई नया स्टार्टअप शुरू करने का मन बना चुकी हैं। बहरहाल, कुछ ही घंटों में खुद दिव्या मित्तल इन सारे सवालों के जवाब आधिकारिक रूप से देने वाली हैं, जिससे सभी कयासों का बाजार शांत हो जाएगा।
निष्कर्ष: एक नए अध्याय की शुरुआत का इंतजार
किसी भी आईएएस अधिकारी का अपने करियर के बीच में प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देना कोई आम बात नहीं होती। दिव्या मित्तल जैसी सक्षम और ऊर्जावान अधिकारी का यह कदम देश के प्रशासनिक ढांचे और युवा वर्ग के बीच हमेशा चर्चा का विषय रहेगा। अब जबकि उन्होंने खुद अपनी भावी योजनाओं का पिटारा खोलने का ऐलान कर दिया है, तो यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि उनकी यह नई पारी देश और समाज के लिए किस रूप में सामने आती है।







