मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की लॉन्चिंग क्यों टली?
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बड़ा आर्थिक संबल देने के लिए लाई जा रही 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' का इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, इस योजना का शुभारंभ 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के पावन अवसर पर सोलन शहर से किया जाना था। हालांकि, आखिरी समय में प्रशासनिक और राजनीतिक व्यस्तताओं के चलते इस लॉन्चिंग कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा। अब राज्य सरकार और पार्टी स्तर पर उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के बाद इस योजना के शुभारंभ के लिए एक नई तारीख तय की जाएगी, जिसकी घोषणा जल्द ही आधिकारिक रूप से किए जाने की उम्मीद है।
इस योजना को लेकर प्रदेशभर के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में भारी उत्साह देखा जा रहा था। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के गरीब परिवार इस बहुप्रतीक्षित योजना की शुरुआत का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। सरकार का यह मानना है कि इस योजना का शुभारंभ इतने बड़े पैमाने पर होना है कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी और प्रमुख नेतृत्व की मौजूदगी जरूरी है। यही कारण है कि तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया ताकि व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, राज्य के शीर्ष नेतृत्व की यह मंशा है कि इस कल्याणकारी कदम की शुरुआत देश की जानी-मानी राष्ट्रीय नेत्री के कर-कमलों से कराई जाए। कार्यक्रम के स्वरूप को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासनिक अमला और पार्टी संगठन दोनों ही पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। जैसे ही नई तारीख पर मुहर लगेगी, लाभार्थियों को इसकी सूचना दे दी जाएगी और भव्य समारोह के साथ इस योजना को धरातल पर उतार दिया जाएगा।
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प्रियंका गांधी वाड्रा के हाथों होगा बहुप्रतीक्षित योजना का शुभारंभ
इस योजना के राजनीतिक और सामाजिक महत्व को देखते हुए कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के हाथों इसका शुभारंभ कराने की पुख्ता तैयारी की जा रही है। पार्टी हाईकमान और हिमाचल सरकार चाहती है कि इस जनहितकारी योजना की शुरुआत एक बड़े राष्ट्रीय संदेश के रूप में हो। प्रियंका गांधी के दौरे और समय को ध्यान में रखते हुए ही अब नई तिथि पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
चुनावी वादों और गारंटियों को पूरा करने की दिशा में यह कदम हिमाचल की कांग्रेस सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी चाहती है कि जब यह योजना धरातल पर उतरे, तो राज्य के दूरदराज इलाकों तक इसका कड़ा और सकारात्मक संदेश जाए। प्रियंका गांधी की मौजूदगी से न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरेगा, बल्कि जनता के बीच यह विश्वास भी मजबूत होगा कि सरकार अपनी गारंटियों को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।
प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नेताओं के बीच इसको लेकर बैठकों का दौर जारी है। सुरक्षा व्यवस्था, मेहमानों की सूची और जनसभा के स्थल को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी अवस्था में हैं। बस मुख्य अतिथि के अंतिम समय और तारीख की सहमति मिलने की देर है, जिसके बाद विधिवत रूप से नई लॉन्चिंग डेट का ऐलान कर दिया जाएगा।
योजना के तहत क्या-क्या मिलेंगी बड़ी सौगातें और आर्थिक राहत?
'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' को हिमाचल प्रदेश के अतिनिर्धन और गरीब परिवारों के लिए एक दोहरी राहत पैकेज के रूप में तैयार किया गया है। इस योजना के लागू होने से राज्य के लाखों परिवारों को सीधे तौर पर वित्तीय लाभ पहुंचेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर को सुधारना और उसे महंगाई के दौर में राहत देना है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रमुख प्रावधानों के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा, गरीब परिवारों को बिजली के भारी-भरकम बिलों से निजात दिलाने के लिए 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की बड़ी व्यवस्था भी इसमें शामिल की गई है। यह कांग्रेस पार्टी की उन प्रमुख चुनावी गारंटियों का हिस्सा है, जिन्हें अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
"मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत पात्र परिवारों को चयनित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बहुत जल्द ही इस योजना का भव्य शुभारंभ किया जाएगा और इसकी नई तारीख तय कर दी जाएगी। सरकार जनता से किए गए अपने हर वादे को पूरा करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।" — अनिरुद्ध सिंह, ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री, हिमाचल प्रदेश
सर्वे में करीब 1.80 लाख गरीब परिवार और 2.50 लाख महिलाएं चिह्नित
योजना को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पंचायत स्तर पर एक व्यापक सर्वे कराया गया है। इस विस्तृत सर्वेक्षण के आधार पर राज्यभर से करीब 1.80 लाख आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली के दायरे में लाने के लिए चिह्नित किया गया है। विभाग ने पूरी सूची तैयार कर ली है ताकि योजना शुरू होते ही बिना किसी देरी के लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सके।
इसके साथ ही, योजना के अंतर्गत लगभग 2.50 लाख महिलाओं को 1500 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता देने की पुख्ता तैयारी कर ली गई है। इन लाभार्थियों में एक बहुत बड़ी संख्या उन परिवारों की है जिन्हें आज तक किसी अन्य सरकारी योजना का प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पाया था। सरकार का यह प्रयास है कि कोई भी वास्तविक और जरूरतमंद परिवार इस सामाजिक सुरक्षा कवच से वंचित न रह जाए।
आंकड़ों के एकीकरण और डेटा वेरिफिकेशन का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है ताकि पात्र महिलाओं के बैंक खाते सीधे तौर पर जुड़ सकें और सहायता राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे उनके खातों में सुरक्षित पहुंच सके।
लाभार्थियों को बैंक खातों में सीधे मिलेगी सहायता राशि
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इस योजना में डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम को अपनाने का निर्णय लिया है। महिला लाभार्थियों को मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक राशि सीधे उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी और लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी बिलिंग सिस्टम में विशेष राहत के प्रावधान किए गए हैं ताकि 300 यूनिट तक की खपत पूरी तरह से माफ या सब्सिडीयुक्त रहे। सर्दियों के मौसम को देखते हुए हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बिजली की खपत बढ़ जाती है, ऐसे में यह मुफ्त बिजली योजना आम जनता के लिए किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होगी।
ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग के मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट किया है कि कागजी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है और विभाग पूरी तरह से तैयार है। जैसे ही राजनीतिक स्तर पर तारीख तय होगी, बिना किसी रुकावट के इस योजना का लाभ जनता को मिलना शुरू हो जाएगा। जनता को अब बस नई तारीख के ऐलान और आधिकारिक शुभारंभ का इंतजार है।







