भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी हुए धड़ाम
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय सर्राफा बाजार और कमोडिटी मार्केट से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान खींच लिया है। सोमवार को सोने और चांदी के भाव में अचानक जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस गिरावट को खरीदारों के लिए एक बड़े मौके के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार आसमान छू रहे कीमती धातुओं के दाम आज अचानक नीचे आ गए, जिससे बाजार में हलचल मच गई है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स से लेकर देश के स्थानीय बाजारों तक में सोना और चांदी के भाव धड़ाम होते नजर आए। कारोबार की शुरुआत के साथ ही बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि कीमतें तेजी से नीचे फिसलती चली गईं। सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर हुए बड़े बदलावों और डॉलर की चाल में आए उतार-चढ़ाव का असर सीधे तौर पर घरेलू बाजार की कीमतों पर पड़ा है।
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चांदी के दामों में आया बड़ा भूचाल, नौ हजार रुपये तक टूटी
सोमवार के कारोबार में सबसे बड़ी गिरावट चांदी की कीमतों में देखने को मिली है। बाजार के जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से बना चांदी का कृत्रिम बुलबुला अब पूरी तरह फूट चुका है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत में नौ हजार रुपये से ज्यादा की भारी कमी आई है। पिछले सत्र में जो चांदी आसमान छू रही थी, वह अचानक आम आदमी की पहुंच के करीब आती दिख रही है.
वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर भी चांदी की कीमतों में जोरदार सुस्ती छाई रही। चार दिसंबर की एक्सपायरी वाली चांदी के अनुबंधों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसके चलते भाव पिछले बंद स्तर के मुकाबले काफी नीचे आ गए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों में आई पांच प्रतिशत से ज्यादा की सुस्ती का असर भारतीय बाजारों पर साफ तौर पर दिखाई दिया है।
सोने की चमक भी पड़ी फीकी, हजारों रुपये सस्ता हुआ गोल्ड
चांदी के साथ-साथ सोने के ग्राहकों के लिए भी सोमवार का दिन राहत लेकर आया। चौबीस कैरेट सोने के भाव में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। घरेलू हाजिर बाजार से लेकर वायदा कारोबार तक सोने की चमक कुछ समय के लिए फीकी पड़ती नजर आई। दस ग्राम सोने के भाव में चार हजार रुपये से ज्यादा की ताबड़तोड़ गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले कीमतों में आई इस बड़ी कमी को इस साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट में गिना जा रहा है।
एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का वायदा भाव भी भारी दबाव के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में सोना प्रति औंस के हिसाब से काफी नीचे लुढ़का है, जिसका सीधा असर भारतीय बुलियन मार्केट पर पड़ा है। घरेलू स्तर पर सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि कीमतों में आई यह सुस्ती बाजार के लिए एक स्वस्थ सुधार का संकेत है, जिससे आने वाले दिनों में मांग में तेजी आ सकती है।
खरीददारी करने से पहले जान लें बाजार के जरूरी नियम
यदि आप भी इस गिरावट का फायदा उठाकर सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों को जान लेना बेहद आवश्यक है। इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए जाने वाले दाम पूरे देश में एक समान होते हैं, लेकिन जब आप स्थानीय सर्राफा दुकान से आभूषण या सिक्के खरीदते हैं, तो उन पर अलग से तीन प्रतिशत जीएसटी और मेकिंग चार्ज वसूला जाता है। इसके कारण अंतिम बिल की राशि में थोड़ा अंतर आ सकता है।
"बाजार में इस तरह के बड़े उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करते हैं। निवेशकों को किसी भी तरह की जल्दबाजी करने के बजाय अपने वित्तीय सलाहकारों से चर्चा करने के बाद ही कोई बड़ा कदम उठाना चाहिए।" — राहुल जैन, सीनियर कमोडिटी एक्सपर्ट
विशेषज्ञों की सलाह और आगे की बाजार चाल
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक संकेतों के आधार पर ही तय होंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली का दौर जारी रहता है, तो घरेलू स्तर पर कीमतों में और भी सुस्ती देखने को मिल सकती है। हालांकि, घरेलू मांग मजबूत होने की वजह से कीमतों को एक तय सपोर्ट लेवल पर समर्थन भी मिल सकता है।
निवेशकों और आम ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की हर हलचल पर पैनी नजर बनाए रखें और किसी भी प्रकार के निवेश से पहले पूरी जानकारी अवश्य जुटा लें। त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण खुदरा बाजारों में खरीदारी बढ़ने की पूरी उम्मीद है, जिससे कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है।








