विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/संस्थाओं को बदनाम करने का हक नहीं: एसआईआर पर 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग के समर्थन में लिखा खुला पत्र
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

संस्थाओं को बदनाम करने का हक नहीं: एसआईआर पर 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग के समर्थन में लिखा खुला पत्र

देश के 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग के समर्थन में एक खुला पत्र जारी किया है। जजों का कहना है कि संस्थाओं को बदनाम करने का किसी को हक नहीं है। पत्र में वोट चोरी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया है और जनता से लोकतंत्र की ताकत पर भरोसा रखने की अपील की गई है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•39
🌐Read in English →
शेयर करें:
संस्थाओं को बदनाम करने का हक नहीं: एसआईआर पर 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग के समर्थन में लिखा खुला पत्र
📷 संस्थाओं को बदनाम करने का हक नहीं: एसआईआर पर 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग के समर्थन में लिखा खुला पत्र — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • देश के 42 पूर्व जजों ने चुनाव आयोग के समर्थन में एक खुला पत्र जारी किया है। जजों का कहना है कि संस्थाओं को बदनाम करने का किसी को हक नहीं है। पत्र में वोट चोरी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया है और जनता से लोकतंत्र की ताकत पर भरोसा रखने की अपील की गई है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली से हमारे विशेष संवाददाता की रिपोर्ट — देश की राजनीति में इन दिनों चुनाव आयोग और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। इसी बीच, देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के समर्थन में एक खुला पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल को अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का कोई अधिकार नहीं है। पूर्व जजों का यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर लगातार गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले पूर्व जजों का मानना है कि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह आधारहीन और राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित हैं। जजों ने अपने बयान में कहा है कि बिना किसी ठोस सबूत के 'वोट चोरी' जैसे गंभीर आरोप लगाना सीधे तौर पर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के भरोसे पर हमला है। यह विरोध जनता का नहीं बल्कि पूरी तरह राजनीतिक दलों का विरोध है, जो अपनी हार को छुपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। जजों ने कहा कि लोकतंत्र की असली मुद्रा जनता का अटूट भरोसा है और इसे कमजोर करने वाली ताकतों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

लोकतंत्र की मूल भावना और चुनावी शुचिता पर वार

पूर्व जजों ने अपने खुले खत में इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि कैसे राजनीतिक फायदे के लिए हमारी मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं को विवादों में घसीटा जा रहा है। चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं ने दशकों से निष्पक्ष चुनाव कराकर दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाया है। जब इस तरह की निष्पक्ष संस्थाओं पर बेबुनियाद सवाल उठाए जाते हैं, तो इससे पूरी दुनिया में देश की छवि धूमिल होती है। जजों ने साफ किया कि चुनाव आयोग ने हमेशा नियमों के दायरे में रहकर काम किया है और एसआईआर से जुड़े मामलों में भी आयोग का रुख पूरी तरह पारदर्शी रहा है।

पत्र में आम नागरिकों और मतदाताओं से यह अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे में न आएं। वोट की असली ताकत ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी पूंजी है और जनता को अपनी इस ताकत पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। पूर्व जजों ने लिखा है कि चुनावी प्रक्रिया पर शक पैदा करने से देश का आम मतदाता भ्रमित होता है, जो स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। आयोग के समर्थन में उतरे इन दिग्गजों की राय है कि संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही देशहित में नहीं है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

राजनीतिक विरोध और संस्थागत स्वतंत्रता का दायरा

देश के कानूनी जानकारों और पूर्व न्यायविदों का यह खुला खत ऐसे समय में आया है जब संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर सवाल उठाने वाले लोगों को जवाब देते हुए पूर्व जजों ने कहा है कि राजनीतिक विरोध और संस्थागत आलोचना में एक बारीक रेखा होती है। उस रेखा को लांघकर सीधे तौर पर चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल खड़े करना न्यायसंगत नहीं है। जजों का यह भी कहना है कि अगर किसी के पास कोई वास्तविक शिकायत या सबूत है, तो उसे कानूनी रास्ते का इस्तेमाल करना चाहिए, न कि खुले मंचों पर संस्था की विश्वसनीयता पर कीचड़ उछालना चाहिए।

मैदान से मिल रही जानकारी के अनुसार, इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इस पत्र को चुनाव आयोग की निष्पक्षता की मुहर बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। द फ्रीलान्स की टीम इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की उम्मीद है।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

मुरली मनोहर जोशी की दो टूक: मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर कहा- संविधान से बड़ा कोई नहीं

मुरली मनोहर जोशी की दो टूक: मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर कहा- संविधान से बड़ा कोई नहीं

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की विदेशों में चर्चा, राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की विदेशों में चर्चा, राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला

रिहा होने के बाद बोले राहुल गांधी- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को कटघरे में लाएंगे

रिहा होने के बाद बोले राहुल गांधी- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को कटघरे में लाएंगे

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर उमड़ी भारी भीड़, चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरा विपक्ष

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर उमड़ी भारी भीड़, चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरा विपक्ष

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन में नया ट्विस्ट, AAP-DMK ने बनाई दूरी तो नवीन पटनायक की पार्टी ने किया ‘सरप्राइज’

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन में नया ट्विस्ट, AAP-DMK ने बनाई दूरी तो नवीन पटनायक की पार्टी ने किया ‘सरप्राइज’

राजनीतिक मैदान में उतरे अभिनेता प्रकाश राज, कॉकच जनता पार्टी के साथ मिलकर बनाई नई रणनीति

राजनीतिक मैदान में उतरे अभिनेता प्रकाश राज, कॉकच जनता पार्टी के साथ मिलकर बनाई नई रणनीति

शिवसेना के नाम और तीर-कमान निशान पर हमारा स्वाभाविक हक, सुप्रीम कोर्ट में एकनाथ शिंदे गुट की दो टूक दलील

शिवसेना के नाम और तीर-कमान निशान पर हमारा स्वाभाविक हक, सुप्रीम कोर्ट में एकनाथ शिंदे गुट की दो टूक दलील

तमिलनाडु में राजनीतिक पारा गरम: उदयनिधि स्टालिन पर चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का मामला दर्ज

तमिलनाडु में राजनीतिक पारा गरम: उदयनिधि स्टालिन पर चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का मामला दर्ज

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘चुनाव आयोग’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

मुरली मनोहर जोशी की दो टूक: मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर कहा- संविधान से बड़ा कोई नहींNATIONAL

मुरली मनोहर जोशी की दो टूक: मुख्य चुनाव आयुक्त विवाद पर कहा- संविधान से बड़ा कोई नहीं

8 अक्टू॰49
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की विदेशों में चर्चा, राहुल गांधी ने तीखा हमला बोलाNATIONAL

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की विदेशों में चर्चा, राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला

8 अक्टू॰38
रिहा होने के बाद बोले राहुल गांधी- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को कटघरे में लाएंगेNATIONAL

रिहा होने के बाद बोले राहुल गांधी- मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को कटघरे में लाएंगे

8 अक्टू॰26
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर उमड़ी भारी भीड़, चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरा विपक्षNATIONAL

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर उमड़ी भारी भीड़, चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरा विपक्ष

8 अक्टू॰51
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन में नया ट्विस्ट, AAP-DMK ने बनाई दूरी तो नवीन पटनायक की पार्टी ने किया ‘सरप्राइज’NATIONAL

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन में नया ट्विस्ट, AAP-DMK ने बनाई दूरी तो नवीन पटनायक की पार्टी ने किया ‘सरप्राइज’

8 अक्टू॰37
राजनीतिक मैदान में उतरे अभिनेता प्रकाश राज, कॉकच जनता पार्टी के साथ मिलकर बनाई नई रणनीतिNATIONAL

राजनीतिक मैदान में उतरे अभिनेता प्रकाश राज, कॉकच जनता पार्टी के साथ मिलकर बनाई नई रणनीति

8 अक्टू॰47
शिवसेना के नाम और तीर-कमान निशान पर हमारा स्वाभाविक हक, सुप्रीम कोर्ट में एकनाथ शिंदे गुट की दो टूक दलीलNATIONAL

शिवसेना के नाम और तीर-कमान निशान पर हमारा स्वाभाविक हक, सुप्रीम कोर्ट में एकनाथ शिंदे गुट की दो टूक दलील

8 अक्टू॰50
तमिलनाडु में राजनीतिक पारा गरम: उदयनिधि स्टालिन पर चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का मामला दर्जNATIONAL

तमिलनाडु में राजनीतिक पारा गरम: उदयनिधि स्टालिन पर चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का मामला दर्ज

8 अक्टू॰36
विज्ञापन • ADVERTISEMENT