विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/चुनाव आयोग पर हमलों से लोकतंत्र की नींव हिलती है: 42 पूर्व जजों और नौकरशाहों ने विपक्षी दलों को दी चेतावनी
देशपढ़ने में समय: 4 मिनट

चुनाव आयोग पर हमलों से लोकतंत्र की नींव हिलती है: 42 पूर्व जजों और नौकरशाहों ने विपक्षी दलों को दी चेतावनी

देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों और वरिष्ठ नौकरशाहों ने निर्वाचन आयोग पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एक खुले पत्र के जरिए उन्होंने चेतावनी दी है कि संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाने से लोकतंत्र के प्रति जनता का भरोसा कम होता है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•8 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•27
🌐Read in English →
शेयर करें:
चुनाव आयोग पर हमलों से लोकतंत्र की नींव हिलती है: 42 पूर्व जजों और नौकरशाहों ने विपक्षी दलों को दी चेतावनी
📷 चुनाव आयोग पर हमलों से लोकतंत्र की नींव हिलती है: 42 पूर्व जजों और नौकरशाहों ने विपक्षी दलों को दी चेतावनी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • देश के 42 पूर्व न्यायाधीशों और वरिष्ठ नौकरशाहों ने निर्वाचन आयोग पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। एक खुले पत्र के जरिए उन्होंने चेतावनी दी है कि संवैधानिक संस्थाओं पर बार-बार सवाल उठाने से लोकतंत्र के प्रति जनता का भरोसा कम होता है।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

भारतीय लोकतंत्र की धुरी मानी जाने वाली स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और उनकी विश्वसनीयता को लेकर एक बार फिर देश का बौद्धिक और प्रशासनिक वर्ग मुखर हो गया है। हाल ही में देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीशों, वरिष्ठ नौकरशाहों और कूटनीतिज्ञों समेत 42 प्रतिष्ठित हस्तियों ने एक खुला पत्र जारी किया है। इस पत्र में निर्वाचन आयोग (Election Commission) जैसी निष्पक्ष संस्थाओं पर लगातार हो रहे राजनीतिक हमलों और अनर्गल ब Dials पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

हस्ताक्षरकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि चुनावी हार-जीत के बाद राजनीतिक दलों द्वारा सीधे तौर पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करना एक खतरनाक प्रवृत्ति है। इससे न केवल उस संस्था का मनोबल गिरता है, बल्कि आम नागरिकों के मन में देश की लोकतांत्रिक प्रणाली और मतदान प्रक्रिया के प्रति अविश्वास भी पैदा होता है।

संवैधानिक संस्थाओं पर बढ़ते हमले और लोकतंत्र का भविष्य

भारत का संविधान देश के हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन इस अधिकार की आड़ में स्वतंत्र संस्थाओं की साख को बट्टा लगाना स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं है। पूर्व जजों और सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि चुनाव आयोग एक ऐसा निकाय है जिसने दशकों से दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण को सुनिश्चित किया है।

जब भी कोई राजनीतिक दल चुनावी मैदान में अपनी मन मुताबिक सफलता हासिल नहीं कर पाता, तो अक्सर ईवीएम (EVM) से लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना किसी ठोस और अकाट्य सबूत के संस्थाओं पर सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार या पक्षपात के आरोप लगाना लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे को दीमक की तरह खोखला कर रहा है.

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

पूर्व जजों और नौकरशाहों की दो टूक चेतावनी

इस खुले पत्र में हस्ताक्षर करने वाले दिग्गजों ने बहुत स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, किसी को भी अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को दांव पर लगाने का अधिकार नहीं है। न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग जैसे संस्थान किसी एक दल के अधीन नहीं बल्कि पूरे देश के संविधान के प्रति उत्तरदायी हैं।

"संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार चोर या पक्षपाती बताना, इस देश की जनता का लोकतंत्र पर से भरोसा कम कर सकती है। राजनीतिक आलोचना अपनी जगह सही है, लेकिन संस्थागत ढांचे को कमजोर करना राष्ट्रहित के खिलाफ है।" — प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता, पूर्व न्यायविद् समूह

पत्र में यह भी याद दिलाया गया है कि चुनाव आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश भर में निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराए हैं। ऐसे में उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाना न केवल अनुचित है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था का अपमान भी है।

विपक्षी दलों के प्रदर्शन और आयोग की भूमिका

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई हिस्सों में विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की कार्यशैली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि आयोग कुछ खास राजनीतिक दलों के दबाव में काम कर रहा है और शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं कर रहा है।

दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने हमेशा इन सभी आरोपों को निराधार बताया है और साफ किया है कि वह पूरी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा है। आयोग ने समय-समय पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी की हैं और उनकी शंकाओं का समाधान करने का प्रयास किया है।

स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच संतुलन की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती इसी बात में निहित है कि यहाँ हर संस्था अपने दायरे में रहकर काम करे। राजनीतिक दलों को अपनी असहमति जताने का हक है, लेकिन यह विरोध रचनात्मक और तथ्यात्मक होना चाहिए, न कि संस्थागत विश्वसनीयता को नष्ट करने वाला।

देश के प्रबुद्ध वर्ग द्वारा उठाया गया यह कदम इस बात की याद दिलाता है कि लोकतंत्र कोई बनी- बनाई इमारत नहीं है, बल्कि इसे रोज सहेजने और बचाने की जरूरत होती है। यदि राजनीतिक दल अपनी हार की झुंझलाहट में देश की रीढ़ माने जाने वाली संस्थाओं को ही कठघरे में खड़ा करते रहेंगे, तो अंततः नुकसान देश के आम नागरिक का ही होगा।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में उतरे 42 पूर्व जज, वोट चोरी के आरोपों पर जताई कड़ी चिंता

मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में उतरे 42 पूर्व जज, वोट चोरी के आरोपों पर जताई कड़ी चिंता

केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकत

केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकत

ज्ञानेश कुमार विवाद के बीच 42 पूर्व जजों का ओपन लेटर, एसआईआर के समर्थन में उतरे

ज्ञानेश कुमार विवाद के बीच 42 पूर्व जजों का ओपन लेटर, एसआईआर के समर्थन में उतरे

मिड-टर्म चुनाव से पहले ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में पेंटागन, अमेरिकी सेना को मिले निर्देश

मिड-टर्म चुनाव से पहले ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में पेंटागन, अमेरिकी सेना को मिले निर्देश

'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती- सेल्फ रेस्पेक्ट हर्ट हुआ

'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती- सेल्फ रेस्पेक्ट हर्ट हुआ

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यान

एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यान

एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘gyanesh-kumar-election-commission-controversy’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में उतरे 42 पूर्व जज, वोट चोरी के आरोपों पर जताई कड़ी चिंताNATIONAL

मुख्य चुनाव आयुक्त के समर्थन में उतरे 42 पूर्व जज, वोट चोरी के आरोपों पर जताई कड़ी चिंता

8 अक्टू॰39
केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकतNATIONAL

केरल से लेकर तमिलनाडु तक चुनावी सरगर्मी तेज, राजनीतिक दलों ने झोंकी पूरी ताकत

8 अक्टू॰41
ज्ञानेश कुमार विवाद के बीच 42 पूर्व जजों का ओपन लेटर, एसआईआर के समर्थन में उतरेNATIONAL

ज्ञानेश कुमार विवाद के बीच 42 पूर्व जजों का ओपन लेटर, एसआईआर के समर्थन में उतरे

8 अक्टू॰46
मिड-टर्म चुनाव से पहले ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में पेंटागन, अमेरिकी सेना को मिले निर्देशNATIONAL

मिड-टर्म चुनाव से पहले ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में पेंटागन, अमेरिकी सेना को मिले निर्देश

8 अक्टू॰24
'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती- सेल्फ रेस्पेक्ट हर्ट हुआNATIONAL

'जब वाइफ ने फोन किया..': विपक्षी प्रदर्शन में चोट, दिल्ली पुलिस के जवान की आपबीती- सेल्फ रेस्पेक्ट हर्ट हुआ

8 अक्टू॰28
दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसलाNATIONAL

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की सभी दुकानें रहेंगी बंद, पुलिस इनपुट और विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला

8 अक्टू॰44
एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यानNATIONAL

एलन मस्क के 'अंबानी रियल बॉस' वाले सवाल पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी के तंज ने खींचा सबका ध्यान

8 अक्टू॰30
एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?NATIONAL

एलन मस्क के स्टारलिंक विवाद पर बड़ा बवाल, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

8 अक्टू॰25
विज्ञापन • ADVERTISEMENT