भारतीय सर्राफा बाजार में हाहाकार, औंधे मुंह गिरे सोने और चांदी के दाम
देशभर के सर्राफा बाजारों में पिछले कुछ दिनों से जारी जबरदस्त उठापटक के बाद आखिरकार कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ती दिखाई दे रही है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने आम ग्राहकों को बड़ी राहत दी है, जबकि निवेशकों और कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। पिछले कुछ सत्रों के दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप सोने और चांदी के भाव अपने हालिया उच्च स्तर से काफी नीचे फिसल चुके हैं।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस कारोबारी हफ्ते की शुरुआत में ही मेटल मार्केट में बड़ी सुस्ती दर्ज की गई। जानकारों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नीतिगत फैसलों का सीधा असर घरेलू bullion बाजार पर पड़ रहा है। यही वजह है कि खरीदार जो पिछले कई हफ्तों से बढ़े हुए दामों के कारण हिचकिचा रहे थे, अब बाजार का रुख कर रहे हैं।
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दो दिनों में 11 हजार रुपये तक टूटी चांदी, जानिए प्रति किलो का नया भाव
चांदी की कीमतों में पिछले दो दिनों के भीतर ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और विभिन्न स्थानीय सराफा बाजारों से मिले आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में 10,000 से 11,000 रुपये तक की भारी कमी आई है। अगस्त के अंतिम सप्ताह की तुलना में इस कीमती सफेद धातु के भाव काफी नीचे आ चुके हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक मांग में सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिंसों (Commodities) की कीमतों में आई नरमी की वजह से चांदी में यह बंपर करेक्शन देखने को मिला है। स्थानीय कानपुर और दिल्ली जैसे बड़े सराफा बाजारों में भी टैक्स समेत चांदी के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खुदरा खरीदारों में उत्साह का माहौल है।
अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के ताजा दाम
सिर्फ चांदी ही नहीं, बल्कि पीली धातु यानी सोना भी लगातार सस्ता हो रहा है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा दरों के अनुसार, 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में बड़ी राहत मिली है। सोमवार और मंगलवार के कारोबार में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमतों में हजारों रुपये की ताबड़तोड़ गिरावट दर्ज की गई।
वर्तमान में 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम घटकर 1.48 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया है। वहीं, आभूषण निर्माताओं द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत भी गिरकर लगभग 1,35,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। इसके अलावा, 18 कैरेट सोना भी अब 1,10,980 रुपये के इर्द-गिर्द ट्रेड कर रहा है।
सितंबर महीने में रिकॉर्ड टूट गिरावट: आंकड़ों पर एक नजर
यदि पूरे सितंबर महीने के ट्रेंड पर नजर डालें, तो पता चलता है कि महीने की शुरुआत से लेकर अब तक सोने और चांदी की कीमतों में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव रहा है। सितंबर के शुरुआती हफ्तों में कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली थी, लेकिन महीने के अंतिम दिनों में आई तेज बिकवाली ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
आंकड़ों के मुताबिक, महीनेभर के भीतर सोना करीब 8,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ है, जबकि चांदी की कीमतों में 14,000 से 15,500 रुपये प्रति किलो तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। महीने की शुरुआत में जो कीमतें आसमान छू रही थीं, वे अब निवेशकों के लिए नए समीकरण पेश कर रही हैं।
क्यों औंधे मुंह गिर रहे हैं सोने और चांदी के भाव? जानिए मुख्य वजहें
कीमती धातुओं में आई इस अचानक गिरावट के पीछे कई बड़े आर्थिक और भू-राजनीतिक कारक जिम्मेदार हैं। ब्रोकरेज फर्म्स और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत डॉलर इंडेक्स (Strong Dollar) ने सोने और चांदी की कीमतों पर लगातार दबाव बना रखा है। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का ऊंचे स्तर पर बने रहना भी एक बड़ा कारण है।
"अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर के रुख के चलते निवेशकों का रुझान सरकारी बॉन्ड्स और फिक्स्ड डिपॉजिट की तरफ बढ़ा है, जिससे सोने-चांदी पर दबाव देखा जा रहा है।" — गौरव गर्ग, शोध प्रमुख, लेमन ब्रोकरेज
इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मध्य पूर्व के देशों में जारी तनाव के बीच वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बदलाव भी इन कीमती धातुओं के भाव तय कर रहा है।
खरीदारों के लिए बेहतरीन मौका, लेकिन छोटे कारोबारियों की बढ़ी चिंताएं
त्योहारी सीजन और आगामी शादी-ब्याह के माहौल को देखते हुए आम उपभोक्ताओं के लिए यह समय सोने और चांदी की खरीदारी के लिहाज से बेहद अनुकूल माना जा रहा है। जो ग्राहक ऊंचे दामों की वजह से जेवर नहीं खरीद पा रहे थे, वे अब बाजार में सक्रिय हो रहे हैं।
हालांकि, दूसरी ओर छोटे सराफा कारोबारियों और ज्वेलर्स के लिए यह स्थिति थोड़ी चिंताजनक बनी हुई है। जिन व्यापारियों ने ऊंचे दामों पर पहले ही ऑर्डर दे दिए थे या स्टॉक मंगाया था, उन्हें कीमतों में अचानक आई इस भारी गिरावट की वजह से नुकसान की आशंका सता रही है। बहरहाल, विशेषज्ञों की सलाह है कि बाजार के इस वोलाटाइल माहौल में किसी भी बड़े निवेश से पहले वित्तीय जानकारों की राय जरूर लें।










