होम/देश/सरकारी स्कूलों में स्वच्छता की नई अलख: प्रशासन की इस अनूठी पहल से संवर गई व्यवस्था, मिला रोजगार
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

सरकारी स्कूलों में स्वच्छता की नई अलख: प्रशासन की इस अनूठी पहल से संवर गई व्यवस्था, मिला रोजगार

सरकारी विद्यालयों की बदहाल सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखा मॉडल तैयार किया है। इस विशेष अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों की सूरत तो बदली ही, साथ ही ग्रामीण स्तर पर सैकड़ों लोगों को आजीविका का नया जरिया भी मिला है।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•28 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
सरकारी स्कूलों में स्वच्छता की नई अलख: प्रशासन की इस अनूठी पहल से संवर गई व्यवस्था, मिला रोजगार
📷 सरकारी स्कूलों में स्वच्छता की नई अलख: प्रशासन की इस अनूठी पहल से संवर गई व्यवस्था, मिला रोजगार — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • जिले के 1500 से अधिक परिषदीय विद्यालयों में चलाया गया विशेष स्वच्छता अभियान।
  • ग्राम पंचायत निधि के जरिए पांच हजार रुपये मासिक मानदेय पर रखे गए सफाईकर्मी।
  • इस अनूठी व्यवस्था से करीब 700 स्थानीय लोगों को मिला रोजगार का बड़ा अवसर।
  • शौचालयों और कक्षाओं की नियमित सफाई से बच्चों की उपस्थिति में हुआ सुधार।

शिक्षा के मंदिरों में स्वच्छता की बड़ी पहल

देश के सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। कई बार संसाधनों की कमी और उचित देखरेख के अभाव में स्कूलों की हालत ऐसी हो जाती है कि वहां पढ़ाई करना और कराना दोनों मुश्किल हो जाता है। इसी जमीनी हकीकत को बदलने के लिए एक जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया और शिक्षा के मंदिरों में स्वच्छता की एक नई इबारत लिख दी। इस अभियान ने न केवल स्कूलों की तस्वीर बदल दी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए द्वार भी खोल दिए।

पारंपरिक व्यवस्थाओं से हटकर प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान तलाशने का निर्णय लिया। अधिकारियों का मानना था कि यदि कक्षाओं में धूल जमी होगी और शौचालय गंदे होंगे, तो बच्चों का ध्यान पढ़ाई में कैसे लग सकता है। इसी सोच के साथ एक व्यापक सर्वेक्षण की रूपरेखा तैयार की गई, जिसने बाद में एक बड़े बदलाव का रूप ले लिया।

संबंधित खबरें

बिहार दारोगा भर्ती में नया बवंडर: प्रारंभिक परीक्षा रद्द कराने के लिए ईओयू दफ्तर पहुंचे सैकड़ों छात्र और गुरु रहमान

बिहार दारोगा भर्ती में नया बवंडर: प्रारंभिक परीक्षा रद्द कराने के लिए ईओयू दफ्तर पहुंचे सैकड़ों छात्र और गुरु रहमान

शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के भत्तों पर बड़ा बदलाव: स्कूलों की रैंकिंग की बजाय अब काम और पद के आधार पर तय होगा वेतन

शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के भत्तों पर बड़ा बदलाव: स्कूलों की रैंकिंग की बजाय अब काम और पद के आधार पर तय होगा वेतन

शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देश

शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देश

बिग बॉस के घर में बड़ा उलटफेर: मशहूर रैपर की एक्स-वाइफ ईशा रिखी का सफर खत्म, दर्शकों के वोटों ने पलटी बाजी

बिग बॉस के घर में बड़ा उलटफेर: मशहूर रैपर की एक्स-वाइफ ईशा रिखी का सफर खत्म, दर्शकों के वोटों ने पलटी बाजी

जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य दर्जे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य दर्जे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

उत्तर प्रदेश में मौसम का तांडव: 60 घंटे की भारी बारिश और आंधी में 56 लोगों की मौत, प्रशासन अलर्ट पर

उत्तर प्रदेश में मौसम का तांडव: 60 घंटे की भारी बारिश और आंधी में 56 लोगों की मौत, प्रशासन अलर्ट पर

द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्ड

द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्ड

वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असर

वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असर

अधिकारियों के सर्वे में सामने आई जमीनी हकीकत

विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए प्रशासन ने एक विशेष तीन दिवसीय अभियान चलाया। इसके तहत सैकड़ों अधिकारियों की अलग-अलग टीमों को मैदान में उतारा गया और उन्हें अलग-अलग विद्यालयों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इन टीमों ने लगभग सत्रह अलग-अलग बिंदुओं पर स्कूलों की जांच की और डेटा जुटाया।

सर्वेक्षण के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। कहीं भवनों की स्थिति जर्जर मिली तो कहीं फर्नीचर की कमी दिखाई दी। हालांकि, जो समस्या हर जगह एक जैसी और सबसे गंभीर थी, वह थी बदहाल सफाई व्यवस्था। अधिकांश विद्यालयों में सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते थे, जिसके कारण शौचालयों में ताले लगे रहते थे या उनका उपयोग करना असंभव हो गया था।

ग्राम पंचायत स्तर पर निकाला गया अनूठा समाधान

इस विकट समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही इसका समाधान ढूंढने का फैसला किया। मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों के फंड और बजट की समीक्षा की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध है, जिसका उपयोग इस कार्य के लिए किया जा सकता है।

इसके बाद सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र के विद्यालयों में सफाई के लिए विशेष प्रबंध करें। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय के लिए पांच हजार रुपये मासिक मानदेय पर एक समर्पित सफाईकर्मी नियुक्त करने का प्रावधान किया गया। इन कर्मियों को यह सुनिश्चित करना था कि स्कूल परिसर, शौचालय, कक्षाएं और पंखे पूरी तरह साफ-सुथरे रहें।

"शिक्षा के मंदिर में स्कूल की सफाई अत्यंत आवश्यक है। इस पर प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्य कर रहा है और इसके सकारात्मक नतीजे भी सामने आ रहे हैं। स्कूलों में स्वच्छता की स्थिति सुधरने के साथ-साथ अन्य कमियों को भी तेजी से दूर किया जा रहा है।" — अजय कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी

सैकड़ों स्थानीय लोगों को मिला रोजगार का जरिया

इस योजना का सबसे बड़ा और सकारात्मक पहलू यह रहा कि इससे केवल स्कूलों की स्थिति ही नहीं सुधरी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए। गांवों के ही करीब सात सौ लोगों को इस व्यवस्था के तहत काम मिल गया। इन लोगों को अपने ही गांव या आसपास के विद्यालयों में प्रतिदिन कुछ घंटों की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसके बदले उन्हें निश्चित मानदेय मिलने लगा।

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि नियमित सफाईकर्मी के मिलने से परिसर में हमेशा साफ-सफाई बनी रहती है। रसोईघर से लेकर कक्षाओं तक हर जगह स्वच्छता दिखने लगी है। इसके अलावा, गांव के ही लोगों को रोजगार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में भी हल्का सुधार देखने को मिल रहा है।

वॉट््सएप ग्रुप के जरिए हो रही है कड़ी निगरानी

किसी भी सरकारी योजना के सफल संचालन के लिए उसकी मॉनिटरिंग सबसे अहम होती है। इस पहल में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि लापरवाही की कोई गुंजाइश न बचे। सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को सौंपी गई है।

प्रधानाध्यापक प्रतिदिन सफाई के बाद उसकी रिपोर्ट और तस्वीरें ग्राम पंचायत के आधिकारिक वॉट््सएप ग्रुप पर साझा करते हैं। इससे उच्चाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को यह पता चलता रहता है कि काम सही ढंग से हो रहा है या नहीं। इस डिजिटल निगरानी प्रणाली के कारण व्यवस्था में पारदर्शिता आई है और किसी भी स्तर पर कोताही बरतने की गुंजाइश खत्म हो गई है।

बदलाव का असर: बढ़ रही बच्चों की उपस्थिति

इस स्वच्छता क्रांति का सबसे बड़ा असर बच्चों और शिक्षकों पर पड़ा है। जिन विद्यालयों के शौचालयों में गंदगी के कारण छात्र-छात्राएं जाने से कतराते थे, अब उनका नियमित उपयोग होने लगा है। बच्चों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ माहौल मिलने से उनका विद्यालय आने का उत्साह भी बढ़ा है।

प्रभारी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का यह भी मानना है कि जब स्कूल का वातावरण साफ-सुथरा और खुशनुमा होता है, तो पढ़ाने वाले शिक्षकों का मन भी अपनी कक्षाओं में पूरी तल्लीनता से काम करने में लगता है। जिला प्रशासन की यह पहल अब अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बनती जा रही है, जहां प्रशासनिक इच्छाशक्ति से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

बिहार दारोगा भर्ती में नया बवंडर: प्रारंभिक परीक्षा रद्द कराने के लिए ईओयू दफ्तर पहुंचे सैकड़ों छात्र और गुरु रहमानNATIONAL

बिहार दारोगा भर्ती में नया बवंडर: प्रारंभिक परीक्षा रद्द कराने के लिए ईओयू दफ्तर पहुंचे सैकड़ों छात्र और गुरु रहमान

28 सित॰
शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के भत्तों पर बड़ा बदलाव: स्कूलों की रैंकिंग की बजाय अब काम और पद के आधार पर तय होगा वेतनEDUCATION

शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के भत्तों पर बड़ा बदलाव: स्कूलों की रैंकिंग की बजाय अब काम और पद के आधार पर तय होगा वेतन

19 सित॰
शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देशCRIME

शिक्षकों की नियुक्ति पर बड़ा शिकंजा: फर्जीवाड़े की जांच तेज, टीईटी और एसटीईटी रिकॉर्ड सौंपने का निर्देश

21 सित॰
बिग बॉस के घर में बड़ा उलटफेर: मशहूर रैपर की एक्स-वाइफ ईशा रिखी का सफर खत्म, दर्शकों के वोटों ने पलटी बाजीNATIONAL

बिग बॉस के घर में बड़ा उलटफेर: मशहूर रैपर की एक्स-वाइफ ईशा रिखी का सफर खत्म, दर्शकों के वोटों ने पलटी बाजी

28 सित॰
जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य दर्जे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सियासी गलियारों में बढ़ी हलचलNATIONAL

जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य दर्जे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

28 सित॰
उत्तर प्रदेश में मौसम का तांडव: 60 घंटे की भारी बारिश और आंधी में 56 लोगों की मौत, प्रशासन अलर्ट परNATIONAL

उत्तर प्रदेश में मौसम का तांडव: 60 घंटे की भारी बारिश और आंधी में 56 लोगों की मौत, प्रशासन अलर्ट पर

28 सित॰
द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्डNATIONAL

द वन ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर: पहले वीकेंड में सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म ने तोड़े कई रिकॉर्ड

28 सित॰
वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असरNATIONAL

वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अक्टूबर से बदल जाएगी एफडी और एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था, जेब पर असर

28 सित॰