विज्ञापन • ADVERTISEMENT
होम/देश/सुप्रीम कोर्ट में इंटरनेट बैन पर घिरे गृह सचिव, अदालत से मांगी बिना शर्त माफी
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

सुप्रीम कोर्ट में इंटरनेट बैन पर घिरे गृह सचिव, अदालत से मांगी बिना शर्त माफी

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट पाबंदियां लगाने के मामले में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली है। अदालत की कड़ी फटकार के बाद सरकार ने माना कि आदेश के पालन में चूक हुई थी, लेकिन यह जानबूझकर नहीं किया गया था।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•15 अक्टूबर 2026 • अपडेटेड•24
🌐Read in English →
शेयर करें:
सुप्रीम कोर्ट में इंटरनेट बैन पर घिरे गृह सचिव, अदालत से मांगी बिना शर्त माफी
📷 सुप्रीम कोर्ट में इंटरनेट बैन पर घिरे गृह सचिव, अदालत से मांगी बिना शर्त माफी — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट पाबंदियां लगाने के मामले में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांग ली है। अदालत की कड़ी फटकार के बाद सरकार ने माना कि आदेश के पालन में चूक हुई थी, लेकिन यह जानबूझकर नहीं किया गया था।
  • इस खबर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच और निगरानी संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार इस घटनाक्रम का आम जनता पर सीधा असर पड़ सकता है।

नई दिल्ली से द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट — राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर इंटरनेट सेवाओं पर अचानक रोक लगाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने अदालत में पेश होकर बिना शर्त माफी मांग ली। अदालत ने इंटरनेट बैन के आदेशों के पालन में हुई कोताही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद सरकार की तरफ से यह सफाई आई कि आदेश का उल्लंघन किसी भी तरह से जानबूझकर नहीं किया गया था, बल्कि हालात की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा था।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन से कड़े सवाल पूछे थे कि आखिर किस कानून के तहत और किन हालात में आम जनता के डिजिटल अधिकारों को अचानक रोका गया। अदालत की सख्ती के बाद गृह मंत्रालय हरकत में आया और गृह सचिव ने खुद व्यक्तिगत रूप से माफीनामा दाखिल किया। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के नुमाइंदों ने भी अदालत के सामने सुरक्षा व्यवस्था और इंटरनेट बंद करने के प्रशासनिक फैसलों का पूरा ब्योरा रखा। पुलिस ने दलील दी कि शहर में शांति बनाए रखना और अफवाहों को फैलने से रोकना उनकी पहली प्राथमिकता थी।

इंटरनेट पाबंदियों पर अदालत की कड़ी पूछताछ

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने साफ शब्दों में कहा कि रातों-रात इंटरनेट सेवाएं बंद कर देना आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला है। अदालत ने पूछा कि क्या हर छोटे प्रदर्शन के लिए सीधा डिजिटल शटडाउन ही एकमात्र विकल्प बचता है। गृह सचिव गोविंद मोहन ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसे मामलों में अदालती आदेशों का पूरी सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि पाबंदियों के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए गए थे।

जमीनी स्तर पर पड़ताल करने पर पता चला कि इंटरनेट बंद होने से दिल्ली के बाजारों, छोटे दुकानदारों और ऑनलाइन काम करने वाले युवाओं को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। डिजिटल पेमेंट ठप होने से रोजमर्रा के लेन-देन बुरी तरह प्रभावित हुए थे। आम नागरिकों का कहना था कि सुरक्षा जरूरी है, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के इस तरह इंटरनेट काट देना उनके जीने के हक पर असर डालता है। स्थानीय लोगों ने द फ्रीलान्स की टीम को बताया कि उस दिन उन्हें अपने परिजनों से संपर्क करने में भी बहुत दिक्कतें आई थीं।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियों का सच

कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से भविष्य में सरकार और पुलिस प्रशासन के हाथ थोड़े बंधेंगे। किसी भी इलाके में इंटरनेट बैन करने से पहले अब प्रशासन को बेहद पुख्ता कानूनी और जमीनी आधार पेश करने होंगे। गृह सचिव की तरफ से मांगी गई माफी इस बात का साफ संकेत है कि न्यायपालिका डिजिटल अधिकारों के हनन को लेकर कितनी गंभीर हो चुकी है। सरकार की ओर से यह भी भरोसा दिलाया गया है कि आगे से ऐसे आदेशों की समीक्षा उच्च स्तर पर की जाएगी ताकि नियमों का किसी भी सूरत में उल्लंघन न हो।

द फ्रीलान्स की इस ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन से यह बात साफ हो जाती है कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों के डिजिटल अधिकारों के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल काम है। एक तरफ जहां सुरक्षा एजेंसियों के सामने शहर को सुरक्षित रखने की चुनौती होती है, वहीं दूसरी तरफ लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी और संचार का अधिकार भी उतना ही अहम है। गृह सचिव के इस माफीनामे के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भविष्य में प्रशासन बिना इंटरनेट रोके ही सुरक्षा व्यवस्था संभालने के नए और बेहतर तरीके अपनाएगा।

भיविष्य की रणनीति और प्रशासनिक सुधार

इस पूरी कानूनी खींचतान के बाद अब गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस मिलकर नए दिशा-निर्देश तैयार कर रहे हैं। इन दिशा-निर्देशों का मकसद यह तय करना है कि जब भी शहर में कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन हो, तो इंटरनेट पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय चुनिंदा और सीमित कदम उठाए जाएं। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे अदालती फैसलों और दिशा-निर्देशों का हर हाल में अक्षरशः पालन करें। द फ्रीलान्स की टीम इस मामले पर आगे भी अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी और देखती रहेगी कि क्या वाकई जमीन पर पुलिस और प्रशासन के तौर-तरीकों में कोई सकारात्मक बदलाव आता है या नहीं।

प्रायोजित • SPONSORED
❤️
100% पाठक समर्थित मीडिया

निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता को आपका साथ चाहिए

द फ्रीलांस बिना किसी कॉर्पोरेट या राजनीतिक दबाव के जनसरोकार की खबरें आप तक पहुँचाता है। आपका छोटा सा योगदान भी हमारी स्वतंत्रता की ताकत है।

संबंधित खबरें

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्द

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्द

पश्चिम बंगाल की राजनीति में दुर्गा पूजा और आर्थिक ऐलान के बीच सरगर्मी तेज, एसआईआर मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट में नजर

पश्चिम बंगाल की राजनीति में दुर्गा पूजा और आर्थिक ऐलान के बीच सरगर्मी तेज, एसआईआर मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट में नजर

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलान

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है। हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की जाती है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित विजुअल स्टोरीज (Web Stories)

TAP TO VIEW

‘गोविंद मोहन’ व देश से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्दNATIONAL

CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी, जंतर-मंतर पर बवाल और व्यापारियों का बड़ा दर्द

16 अक्टू॰40
पश्चिम बंगाल की राजनीति में दुर्गा पूजा और आर्थिक ऐलान के बीच सरगर्मी तेज, एसआईआर मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट में नजरNATIONAL

पश्चिम बंगाल की राजनीति में दुर्गा पूजा और आर्थिक ऐलान के बीच सरगर्मी तेज, एसआईआर मामले पर भी सुप्रीम कोर्ट में नजर

16 अक्टू॰35
सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठपNATIONAL

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी: दिल्ली में प्रदर्शन के चलते खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप

16 अक्टू॰34
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलानNATIONAL

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बीच सियासत तेज, हर महीने 15 हजार रुपये देने का बड़ा एलान

16 अक्टू॰45
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीतिNATIONAL

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा और 'दफा हो जाओ' के नारे, नेहा बोरा के आंदोलन पर गरमाई राजनीति

16 अक्टू॰42
तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगेNATIONAL

तमिलनाडु में गरीब परिवारों को बड़ी राहत, चार लाख तक के कर्ज बिना गारंटी के मिलेंगे

16 अक्टू॰29
तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषयNATIONAL

तेलंगाना में राजनीतिक हलचल और मीडिया जगत की बदलती तस्वीर, 'नमा तेलंगाना' क्यों बना चर्चा का विषय

16 अक्टू॰37
भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेटNATIONAL

भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का नया महासंग्राम, अक्टूबर 2026 में टी-20 सीरीज और ताजा स्क्वाड पर बड़ा अपडेट

16 अक्टू॰24
विज्ञापन • ADVERTISEMENT