सिनेमाघरों में दो महीने बाद भी बरकरार है 'हनुमान अंश' का जादू
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई बार ऐसी फिल्में आती हैं जो बड़े-बड़े बजट और सितारों से सजी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर धूल चटा देती हैं। मौजूदा समय में रूपहले पर्दे पर कुछ ऐसा ही चमत्कार देखने को मिल रहा है। हम बात कर रहे हैं कम बजट में बनकर तैयार हुई और दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली फिल्म 'हनुमान अंश' की। इस फिल्म ने रिलीज के 56 दिन पूरे कर लिए हैं, लेकिन इसके क्रेज में जरा भी कमी नहीं आई है। सिनेमाघरों में तमाम नई फिल्मों की मौजूदगी के बावजूद इस मूवी ने अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है।
जानकारों का मानना है कि इस तरह की सफलता किसी भी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक मिसाल होती है। निर्देशक और कलाकारों की मेहनत जब सही दिशा में लगती है, तो दर्शक खुद-ब-खुद सिनेमाघरों तक खिंचे चले आते हैं। 'हनुमान अंश' के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। वीकडेज हो या वीकेंड, दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं, जिससे इसके कलेक्शन में लगातार आश्चर्यजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं।
ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, इतने लंबे समय तक टिके रहना किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए भी आसान नहीं होता। फिल्म की कहानी और इसके निर्माण से जुड़े हर पहलू ने जनता के साथ गहरा भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया है। यही वजह है कि माउथ पब्लिसिटी के जरिए यह फिल्म दिन-प्रतिदिन और अधिक मजबूत होती चली गई।
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कमाई के आंकड़ों ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, दुनियाभर में बजा डंका
फिल्म 'हनुमान अंश' की वित्तीय सफलता किसी अचंभे से कम नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स और बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स के आंकड़ों पर गौर करें तो इस फिल्म ने शुरुआत बेहद साधारण तरीके से महज 10 लाख रुपये के साथ की थी। हालांकि, दर्शकों की प्रतिक्रिया इतनी सकारात्मक रही कि पहले हफ्ते से ही इसने रफ्तार पकड़ ली। फिल्म ने अपने शुरुआती हफ्तों में बॉक्स ऑफिस पर धीरे-धीरे कदम रखते हुए बाद के हफ्तों में छप्परफाड़ कमाई करनी शुरू कर दी।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने सातवें हफ्ते में भी करोड़ों का कारोबार जारी रखा। हालिया रिपोर्टों में सामने आया है कि रिलीज के 56वें दिन यानी गुरुवार को भी इस फिल्म ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग 2.85 करोड़ रुपये की कमाई अपने नाम की। इसके साथ ही भारत में इस फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 317 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है, जबकि दुनिया भर में इसका ग्रॉस कलेक्शन 414 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।
"कम बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर जिस तरह का कमाल कर रही हैं, वह वाकई सराहनीय है। हमें इस तरह की और भी सार्थक और जमीन से जुड़ी फिल्में बनाने की जरूरत है जो दर्शकों के दिलों को छू सकें।" — आयुष्मान खुराना, अभिनेता
अन्य फिल्मों के बीच कड़ी टक्कर और बदलता बॉक्स ऑफिस समीकरण
मौजूदा समय में सिनेमाघरों में फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। 'हनुमान अंश' के साथ-साथ 'मिर्जापुर: द मूवी' और सिद्धार्थ मल्होत्रा तथा तमन्ना भाटिया की फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं। इसके अलावा नई रिलीज होने वाली फिल्मों जैसे 'दृश्यम द कन्क्लूजन' की दस्तक ने भी सिनेमाघरों के समीकरणों को प्रभावित किया है।
इन तमाम बड़ी फिल्मों और नई रिलीज के आने के बावजूद 'हनुमान अंश' ने अपनी दर्शक वर्ग को बनाए रखा है। विश्लेषकों का कहना है कि जब कोई फिल्म कंटेंट के दम पर चलती है, तो बड़े बजट या नई फिल्मों की एंट्री से उसके प्रदर्शन पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता। फिल्म में नीम करोली बाबा के प्रसंग और आध्यात्मिक जुड़ाव ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है, जिसकी वजह से लोग इसे परिवार के साथ देखने पहुंच रहे हैं।
बॉलीवुड और कलाकारों की प्रतिक्रिया
इस अद्भुत सफलता ने फिल्म उद्योग के बड़े-बड़े दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हाल ही में अभिनेता आयुष्मान खुराना ने भी 'हनुमान अंश' और अन्य कम बजट की सफल फिल्मों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को ऐसे प्रयोग करने की जरूरत है जो कम लागत में बेहतरीन कहानी कह सकें। इस तरह की फिल्मों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दर्शकों को अब केवल चमक-दमक नहीं, बल्कि मजबूत और प्रामाणिक कंटेंट चाहिए।
फिल्म के निर्देशक और पूरी टीम के लिए यह पल बेहद गर्व का है। महज दो करोड़ रुपये के छोटे बजट में बनी इस फिल्म ने जो रिटर्न दिया है, वह आर्थिक दृष्टिकोण से भी एक ऐतिहासिक बिजनेस केस स्टडी बन गया है। फिल्म से जुड़े कलाकारों की दमदार एक्टिंग और निर्देशक के सटीक विजन ने इसे आज इस मुकाम पर ला खड़ा किया है, जहां पूरी दुनिया इसकी सफलता की चर्चा कर रही है।
निष्कर्ष और आगे की राह
कुल मिलाकर, 'हनुमान अंश' की यह सफलता भारतीय सिनेमा के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है। यह इस बात का प्रमाण है कि यदि फिल्म की पटकथा मजबूत हो और उसमें दर्शकों की भावनाओं को छूने की क्षमता हो, तो बजट कभी भी सफलता के आड़े नहीं आता। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपने बचे हुए सफर में और कौन-कौन से नए रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करती है।








