उम्र के इस पड़ाव पर भी ऊर्जा की मिसाल बनी हैं अभिनेत्री
अक्सर देखा जाता है कि साठ या सत्तर की उम्र पार करते ही इंसानी शरीर में सुस्ती, थकान और ऊर्जा की कमी साफ झलकने लगती है। लोग अपनी रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर होने लगते हैं। लेकिन इस आम धारणा को बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' के नाम से मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। आज वह 77 साल की हो चुकी हैं, बावजूद इसके उनके चेहरे का नूर और शरीर की फुर्ती किसी युवा को भी मात दे सकती है। राजनीति से लेकर कला और सांस्कृतिक मंचों तक, उनकी सक्रियता आज भी उतनी ही दमदार है जितनी दशकों पहले हुआ करती थी।
उनकी इस अद्भुत फिटनेस के पीछे कोई जादुई नुस्खा नहीं है, बल्कि दशकों से अपनाई गई बेहद सख्त और अनुशासित जीवनशैली है। मीडिया रिपोर्ट्स और विभिन्न साक्षात्कारों में समय-समय पर उन्होंने अपने इस फिटनेस सफर के कई दिलचस्प राज खोले हैं। अगर आप भी इस ढलती उम्र में खुद को चुस्त-दुरुस्त और ऊर्जावान बनाए रखना चाहते हैं, तो हेमा मालिनी की इन खास आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।
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शुद्ध शाकाहारी भोजन और सात्विक आहार
हेमा मालिनी की खानपान की आदतें बेहद साधारण लेकिन पोषण से भरपूर होती हैं। वह अपने पूरे जीवन में कभी भी मांसाहारी भोजन के करीब नहीं गईं। उनका पूरा जोर हमेशा से शुद्ध शाकाहारी डाइट पर ही रहा है। इसके साथ ही वह किसी भी तरह के डीप-फ्राइड या अत्यधिक तेल वाले जंक फूड से सख्त परहेज करती हैं। चूंकि उनका नाता दक्षिण भारत से है, इसलिए उनके दैनिक आहार में इडली, डोसा, उत्तपम और उपमा जैसी पारंपरिक चीजें ज्यादा शामिल होती हैं।
ये सभी व्यंजन न केवल आसानी से पच जाते हैं, बल्कि इनमें तेल की मात्रा भी बहुत कम होती है। भारी और मसालेदार खानों से दूरी बनाकर रखना उनके शरीर को हल्का और सक्रिय बनाए रखता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि सुपाच्य और सात्विक आहार का सेवन करने से पाचन तंत्र लंबे समय तक स्वस्थ रहता है और शरीर में अनावश्यक चर्बी जमा नहीं होती है।
योगा और कथक नृत्य से रखती हैं खुद को तरोताजा
भारी-भरकम जिम वर्कआउट या मशीनों के साथ कसरत करने के बजाय हेमा मालिनी प्राकृतिक और पारंपरिक तरीकों पर भरोसा करती हैं। वह हर रोज सुबह उठकर कम से कम 45 मिनट तक नियमित रूप से योगाभ्यास करती हैं। योगा उनके दिन की सबसे पहली प्राथमिकता होती है, जिससे उनका मन शांत और शरीर लचीला रहता है।
योग के अलावा उन्हें नृत्य का बेहद शौक है, विशेष तौर पर शास्त्रीय नृत्य कथक। कथक का अभ्यास करने से न सिर्फ उनका शारीरिक संतुलन बेहतर रहता है, बल्कि मानसिक सुकून भी मिलता है। इस बारे में अभिनेत्री का मानना है कि डांस किसी भी इंसान के तनाव को दूर करने का सबसे बेहतरीन जरिया है।
"नियमित रूप से योग करने और अपनी पसंद की कला से जुड़े रहने से मन को जो शांति मिलती है, वही आपकी असली सेहत का निर्माण करती है। उम्र सिर्फ एक संख्या है, अगर आपका अनुशासन मजबूत है तो आप हमेशा तरोताजा महसूस करेंगे।" — हेमा मालिनी, अभिनेत्री
चीनी से दूरी और कार्ब्स का खास संतुलन
आज के दौर में ज्यादातर बीमारियां गलत खानपान और अत्यधिक चीनी के सेवन से पैदा होती हैं। हेमा मालिनी ने इस खतरे को बहुत पहले ही भांप लिया था और उन्होंने बरसों पहले अपने घर की रसोई से सफेद चीनी को पूरी तरह अलविदा कह दिया था। चीनी की जगह वह प्राकृतिक विकल्प जैसे शहद या गुड़ का इस्तेमाल करती हैं।
इसके अलावा वह अपनी डाइट को लेकर कितनी सख्त हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह कभी भी एक साथ चावल और रोटी का सेवन नहीं करती हैं। यदि वह किसी वक्त चावल खाती हैं तो रोटी से परहेज करती हैं, और अगर रोटी खाती हैं तो चावल को छोड़ देती हैं। ऐसा करने से उनके शरीर में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा नियंत्रित रहती है और वजन बढ़ने का खतरा नहीं रहता है।
हफ्ते में दो दिन व्रत रखने की पुरानी परंपरा
हमारे देश की पुरानी संस्कृति में व्रत और उपवास को केवल धार्मिक नजरिए से नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद माना गया है। हेमा मालिनी इसी परंपरा का सख्ती से पालन करती हैं। वह अपने शरीर को डिटॉक्स करने और पाचन तंत्र को आराम देने के लिए हफ्ते में दो दिन—यानी सोमवार और शुक्रवार को व्रत रखती हैं।
व्रत के इन दिनों में वह अन्न खाने के बजाय ताजे फल, बिना नमक की चीजें, नारियल पानी, हरी सब्जियों के रस और पनीर जैसी हल्की चीजों का सेवन करती हैं। यह तरीका उनके पेट को स्वस्थ रखने में मदद करता है और शरीर में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं। यही वजह है कि 77 की उम्र में भी वह इतनी ऊर्जावान नजर आती हैं।








