माया नगरी छोड़ पहाड़ों की शांत गोद में बसा यह पावर कपल
बॉलीवुड की दुनिया में चकाचौंध, कैमरों की फ्लैशलाइट और व्यस्त शेड्यूल से दूर रहना हर किसी के बस की बात नहीं होती। लेकिन इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली और पसंदीदा जोड़ों में शुमार यामी गौतम और निर्देशक आदित्य धर ने एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कपल ने मुंबई की व्यस्त जिंदगी को पीछे छोड़ते हुए हिमाचल प्रदेश की शांत और खूबसूरत वादियों को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है। हालांकि, फिल्मों से जुड़े काम और शूटिंग के सिलसिले में उनका मायानगरी आना-जाना जरूर जारी रहेगा, लेकिन उनका असली सुकून अब पहाड़ों की छांव में बस चुका है।
द फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, यामी और आदित्य अब अपना अधिकांश समय हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित अपने पैतृक और ऐतिहासिक आशियाने में बिता रहे हैं। यह फैसला उनके प्रशंसकों के लिए थोड़ा हैरान करने वाला जरूर है, क्योंकि बॉलीवुड सितारे आमतौर पर मुंबई के पॉश इलाकों में ही रहना पसंद करते हैं। लेकिन प्रकृति प्रेमी होने के नाते इस कपल ने प्राकृतिक सौंदर्य और मानसिक शांति को प्राथमिकता दी है। मुंबई के खार वेस्ट इलाके में स्थित चित्रकार धुरंधर मार्ग के किराए के अपार्टमेंट में रहने वाला यह परिवार अब पूरी तरह से पहाड़ी जीवनशैली अपना चुका है.
फिल्मों की दुनिया में अपनी बेहतरीन कला और दमदार कहानियों के लिए पहचान बनाने वाले इस जोड़े ने हमेशा अपनी पर्सनल लाइफ को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखा है। साल 2024 में अपने बेटे वेदाविद के माता-पिता बनने के बाद से उनकी प्राथमिकताएं और भी बदल गई हैं। वे अपने बच्चे को मीडिया की भीड़भाड़ से दूर एक शांत और प्राकृतिक माहौल में पालना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने पहाड़ों की गोद में बसने का यह अहम निर्णय लिया, जहां उनका बेटा शुद्ध हवा और हरियाली के बीच बड़ा हो सके।
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25 एकड़ में फैला 100 साल पुराना हेरिटेज घर
यामी गौतम और आदित्य धर का यह नया आशियाना आम घरों जैसा बिल्कुल नहीं है, बल्कि यह इतिहास और परंपरा की एक अनोखी मिसाल है। यह खूबसूरत हेरिटेज घर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के गोहर क्षेत्र में स्थित है। खास बात यह है कि इस ऐतिहासिक इमारत को यामी गौतम ने आदित्य धर के साथ शादी के बंधन में बंधने से काफी पहले ही खरीद लिया था। यह जगह अभिनेत्री के दिल के बेहद करीब रही है, क्योंकि उनका हिमाचल से पुराना और गहरा नाता रहा है। उनका जन्म भले ही बिलासपुर में हुआ हो, लेकिन इस पूरे इलाके से उनका भावनात्मक जुड़ाव जगजाहिर है।
यह प्रॉपर्टी करीब 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैली हुई है, जिसके चारों तरफ हरियाली और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं। इस घर की वास्तुकला पूरी तरह से पारंपरिक पहाड़ी शैली पर आधारित है, जिसे मुख्य रूप से लकड़ी और पत्थरों का उपयोग करके तैयार किया गया है। आधुनिक कंक्रीट के जंगलों से दूर यह घर पुरानी पहाड़ी संस्कृति की याद दिलाता है। इसकी दीवारों और कमरों की सजावट में भी पारंपरिक कला की झलक साफ देखने को मिलती है, जो इसे बेहद खास और आकर्षक बनाती है।
"पहाड़ों की गोद में बसा यह आशियाना हमारे लिए सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि हमारी आत्मा का हिस्सा है। यहाँ की मिट्टी और हवा में एक अलग ही सुकून मिलता है, जो शहर की भागदौड़ में कभी हासिल नहीं हो सकता। प्रकृति के करीब रहना जीवन को एक नया नजरिया देता है।" — यामी गौतम, अभिनेत्री
ऑर्गेनिक खेती और पारंपरिक जीवनशैली का अनूठा संगम
इस शानदार 25 एकड़ की प्रॉपर्टी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी तरह से प्राकृतिक और आत्मनिर्भर生态 पर आधारित है। घर के चारों तरफ फैले बड़े-बड़े बगीचे इस जगह की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। इन बगीचों में स्थानीय जलवायु के अनुसार विभिन्न प्रकार की फसलें और फल उगाए जाते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस परिसर में हिमाचल के मशहूर और स्वादिष्ट सेब के बगीचे मौजूद हैं, इसके अलावा यहां आलू, आलूबुखारा और अदरक जैसी फसलें भी उगाई जाती हैं।
यामी और आदित्य दोनों ही अपनी फिटनेस और सेहत को लेकर काफी सतर्क रहते हैं, और ऐसे में उनके घर में उगने वाली ऑर्गेनिक सब्जियां और फल उनके स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। वे खुद भी गार्डनिंग और खेती के कामों में गहरी रुचि रखते हैं। मायानगरी की कृत्रिम चकाचौंध से दूर, मिट्टी से जुड़ा यह जीवन उन्हें आंतरिक शांति देता है। वे स्थानीय संस्कृति और खान-पान को अपनाते हुए एक बेहद साधारण और संतुलित जीवन जी रहे हैं, जो कई युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन रहा है।
शादी के बंधन में बंधने की खास गवाह रही है यह जगह
इस घर का इतिहास सिर्फ इसकी उम्र या वास्तुकला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस जोड़े की निजी जिंदगी के सबसे बड़े और पवित्र पल का गवाह भी है। 4 जून 2021 को यामी गौतम और आदित्य धर ने बेहद सादगी के साथ इसी ऐतिहासिक प्रॉपर्टी पर सात फेरे लिए थे। उन्होंने अपनी शादी में किसी भी तरह के फिल्मी ड्रामे या भारी-भरकम जश्न के बजाय परिवार के चुनिंदा सदस्यों की मौजूदगी को प्राथमिकता दी थी। पहाड़ी रीति-रिवाजों और परंपराओं के साथ हुई उस शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं और फैंस ने उनकी सादगी की जमकर तारीफ की थी।
शादी के बाद से ही इस जोड़े के लिए यह घर सिर्फ छुट्टियों बिताने की जगह नहीं, बल्कि उनका भावनात्मक केंद्र बन गया था। जब भी उन्हें अपने व्यस्त शेड्यूल से समय मिलता था, वे खिंचकर इसी जगह चले आते थे। अब जब उन्होंने मुंबई के अपने ठिकाने को छोड़कर पूरी तरह यहीं बसने का मन बना लिया है, तो यह साफ है कि उनके लिए यह फैसला बहुत सोच-समझकर लिया गया है। हिमाचल की ठंडी हवाएं, सेब के बगीचे और यह 100 साल पुराना घर अब उनकी खुशहाल जिंदगी की नई दास्तान लिख रहा है।
सफलता के बाद लिया गया जीवन का एक अहम फैसला
यामी गौतम और आदित्य धर दोनों ही अपने-अपने करियर के मोर्चे पर शानदार सफलता का आनंद ले रहे हैं। हाल ही में संपन्न हुए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में यामी गौतम को उनकी चर्चित फिल्म 'आर्टिकल 370' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जबकि इसी फिल्म और अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए आदित्य धर ने भी बतौर निर्माता अपनी खास पहचान बनाई है। इसके अलावा, उनकी हालिया सफलताओं ने उन्हें इंडस्ट्री के शीर्ष पायदान पर ला खड़ा किया है।
करियर की इस ऊंचाई पर पहुंचने के बावजूद, जमीन से जुड़े रहना इस दंपत्ति की सबसे बड़ी खूबी रही है। आमतौर पर देखा जाता है कि सफलता मिलते ही कलाकार मुंबई के सबसे महंगे और आलीशान इलाकों में बड़े बंगले खरीदते हैं, लेकिन इसके विपरीत इस जोड़ी ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया। उनका यह कदम यह साबित करता है कि असली सुख शोहरत में नहीं, बल्कि अपनों के साथ शांति और प्रकृति के बीच समय बिताने में है। हिमाचल की शांत वादियों में शुरू हुआ उनका यह नया सफर निश्चित रूप से उनके जीवन का सबसे खूबसूरत अध्याय साबित होगा।








