होम/देश/पाक सीमा के पास भारतमाला हाईवे बना रनवे: सेना के रुद्र, ध्रुव और चेतक ने भरी उड़ान
देशपढ़ने में समय: 5 मिनट

पाक सीमा के पास भारतमाला हाईवे बना रनवे: सेना के रुद्र, ध्रुव और चेतक ने भरी उड़ान

भारतीय सेना ने पाकिस्तान सीमा से महज 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-911 पर एक बड़ा युद्धाभ्यास किया। इस दौरान हाईवे के एक हिस्से को अस्थायी रनवे में बदलकर सेना के प्रमुख हेलिकॉप्टरों ने सफल लैंडिंग और टेक-ऑफ के अभ्यास को अंजाम दिया।
✍️
नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस
राष्ट्रीय संपादकीय ब्यूरो•30 सितंबर 2026 • अपडेटेड•15
🌐Read in English →
शेयर करें:
पाक सीमा के पास भारतमाला हाईवे बना रनवे: सेना के रुद्र, ध्रुव और चेतक ने भरी उड़ान
📷 पाक सीमा के पास भारतमाला हाईवे बना रनवे: सेना के रुद्र, ध्रुव और चेतक ने भरी उड़ान — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 80 किलोमीटर दूर राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके में भारतीय सेना की एविएशन यूनिट ने किया युद्धाभ्यास।
  • भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बने नेशनल हाईवे-911 के एक विशेष हिस्से को करीब आधे घंटे के लिए बनाया गया अस्थायी सैन्य रनवे।
  • सशस्त्र रुद्र, बहुउद्देशीय ध्रुव और विश्वसनीय चेतक हेलिकॉप्टरों ने चुनौतीपूर्ण रेगिस्तानी परिस्थितियों में परखी अपनी ऑपरेशनल क्षमता।
  • आपात स्थिति या पारंपरिक एयरबेस क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक हवाई अड्डों के रूप में सड़कों के इस्तेमाल की तैयारी को मिली मजबूती।

पाकिस्तान सीमा से सटे रेगिस्तान में सेना का बड़ा युद्धाभ्यास

भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी सामरिक तैयारियों में एक और मील का पत्थर जोड़ते हुए रेगिस्तानी इलाके में हवाई अभ्यास को सफलतापूर्वक पूरा किया है। भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक महत्वपूर्ण हाईवे को अचानक सैन्य रनवे में तब्दील कर दिया गया। इस दौरान वहां का पूरा माहौल सैन्य गतिविधियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। थल सेना के एविएशन बेड़े ने असाधारण कौशल का परिचय देते हुए यह साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर देश की सड़कें भी आसमान की बुलंदियों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

यह पूरा घटनाक्रम राजस्थान के पश्चिमी छोर पर स्थित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में देखने को मिला। आमतौर पर जहां आम वाहन फर्राटा भरते हैं, उस डामर की सड़क को कुछ समय के लिए पूरी तरह सील कर दिया गया था। वायुसेना और थल सेना के बीच बेहतर तालमेल और आधुनिक युद्ध कौशल की यह बानगी देखने लायक थी, जिसने दुश्मनों के खेमे में भी स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भारतीय सेना हर मोर्चे पर मुस्तैद है।

संबंधित खबरें

भजनलाल सरकार का बड़ा दांव: राजस्थान में युवाओं के लिए आएगा अलग बजट, डिजिटल प्रोफाइल से ट्रैक होगी प्रगति

भजनलाल सरकार का बड़ा दांव: राजस्थान में युवाओं के लिए आएगा अलग बजट, डिजिटल प्रोफाइल से ट्रैक होगी प्रगति

घाटी में लश्कर का सफाया: ऑपरेशन शेरुवाली में कुख्यात आतंकी मूसा ढेर, 2022 से सक्रिय चारों कमांडर खत्म

घाटी में लश्कर का सफाया: ऑपरेशन शेरुवाली में कुख्यात आतंकी मूसा ढेर, 2022 से सक्रिय चारों कमांडर खत्म

नरेंद्र मोदी सरकार पर बढ़ रहा है सियासी दबाव, लेकिन विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह से राह मुश्किल

नरेंद्र मोदी सरकार पर बढ़ रहा है सियासी दबाव, लेकिन विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह से राह मुश्किल

महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' का कमाल: बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड, दुनियाभर में कमाए 400 करोड़

महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' का कमाल: बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड, दुनियाभर में कमाए 400 करोड़

Gianluca Prestianni: बेनफिका के युवा सनसनी जियानलुका प्रेस्टियानी की छलांग, बाजार मूल्य पहुंचा 40 मिलियन यूरो

Gianluca Prestianni: बेनफिका के युवा सनसनी जियानलुका प्रेस्टियानी की छलांग, बाजार मूल्य पहुंचा 40 मिलियन यूरो

एशियाई खेल 2026: भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा और क्षेत्रीय खेलों में ऊर्जा संकट

एशियाई खेल 2026: भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा और क्षेत्रीय खेलों में ऊर्जा संकट

अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़े फैसले: राज्यों ने वर्दी वाली सरकारी नौकरियों में दिया शानदार आरक्षण

अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़े फैसले: राज्यों ने वर्दी वाली सरकारी नौकरियों में दिया शानदार आरक्षण

देखें वीडियो: ओडिशा के सिमिलिपाल जंगलों में दुर्लभ काले बाघ की अठखेलियां, आनुवंशिक बदलाव पर वैज्ञानिकों की नजर

देखें वीडियो: ओडिशा के सिमिलिपाल जंगलों में दुर्लभ काले बाघ की अठखेलियां, आनुवंशिक बदलाव पर वैज्ञानिकों की नजर

भारतमाला हाईवे-911 पर आधे घंटे तक थमी वाहनों की आवाजाही

इस सामरिक अभ्यास के केंद्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-911 (NH-911) का एक तयशुदा हिस्सा रहा, जो भारतमाला परियोजना का एक अहम हिस्सा है। स्थानीय प्रशासन और सैन्य अधिकारियों के निर्देशानुसार, युद्धाभ्यास शुरू होने से पहले इस मार्ग पर सामान्य यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया। करीब 30 मिनट तक चले इस विशेष ऑपरेशन के दौरान आसमान में केवल सेना के हेलिकॉप्टरों की गूंज सुनाई दे रही थी।

हाईवे के इस खाली स्ट्रेच पर जमीन और आसमान के बीच गजब का समन्वय देखने को मिला। ग्राउंड पर मौजूद तकनीकी टीमों ने विमानों को निर्देश दिए, जबकि पायलटों ने बेहद संकीर्ण और गैर-पारंपरिक स्पेस में अपने विमानों को सुरक्षित रूप से उतारा। इस आधे घंटे के दौरान हाईवे ने पूरी तरह से एक फुल-फ्लेज्ड एयरफील्ड की तरह काम किया, जिससे यह साबित हुआ कि भारतीय सेना आपदा या युद्धकाल जैसी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए कितनी गंभीर है।

रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलिकॉप्टरों ने दिखाई अपनी मारक क्षमता

इस अभ्यास में भारतीय सेना के बेड़े के सबसे भरोसेमंद और मारक हेलिकॉप्टरों ने हिस्सा लिया। इनमें एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ध्रुव, घातक और सशस्त्र हमलावर हेलिकॉप्टर रुद्र तथा लंबे समय से सेवा दे रहा चेतक हेलिकॉप्टर शामिल था। इन तीनों ने मिलकर एक साझा सामरिक ड्रिल को पूरा किया, जो सेना के विभिन्न प्लेटफार्मों के बीच बेहतरीन एकीकरण को दर्शाता है।

युद्धक मिशनों को अंजाम देने में सक्षम रुद्र हेलिकॉप्टर ने अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं बहुउद्देशीय ध्रुव ने सैनिकों की त्वरित आवाजाही और रसद आपूर्ति का अभ्यास किया। इसके अलावा, चेतक हेलिकॉप्टर ने अपनी पुरानी और अचूक विश्वसनीयता को एक बार फिर साबित किया। इन विमानों का एक साथ एक ही हाईवे पर उतरना यह बताता है कि सेना अपनी बहुआयामी ताकतों को किसी भी स्थान पर झटपट तैनात करने में पूरी तरह सक्षम है।

रेगिस्तानी चुनौतियों और धूल के गुबार के बीच सटीक लैंडिंग

पश्चिमी राजस्थान का यह रेगिस्तानी क्षेत्र अपनी कठिन जलवायु और चुनौतियों के लिए जाना जाता है। यहां की तेज धूप, रेत के भीषण तूफान, लंबी दूरियां और हवा का बदलता रुख विमान चालकों के लिए हमेशा से एक बड़ी परीक्षा रहा है। इस अभ्यास के दौरान पायलटों को न्यूनतम दृश्यता और धूल के गुबार के बीच अपने विमानों को नियंत्रित करना था।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे कठोर वातावरण में ड्रिल करना असल जंग की तैयारी के समान है। हवा की गति, तापमान और सतह की बनावट का सही आकलन करते हुए पायलटों ने जिस तरह से नियंत्रित लैंडिंग और टेक-ऑफ किए, उसने ग्राउंड क्रू और एयरक्रू की पेशेवर दक्षता का लोहा मनवा दिया। रेत के बीच उड़ती धूल के बीच से हेलिकॉप्टरों का उभरना किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था।

वैकल्पिक रनवे की जरूरत और भविष्य की सामरिक नीतियां

आधुनिक सैन्य रणनीतियों में हाईवे को रनवे के रूप में उपयोग करना एक गेम-चेंजर साबित हो रहा है। युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में दुश्मन देश सबसे पहले पारंपरिक एयरबेस, रनवे और हेलीपैड को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यदि मुख्य हवाई अड्डे क्षतिग्रस्त हो जाएं या ऑपरेशन के लिहाज से अनुपलब्ध हो जाएं, तो देश के राष्ट्रीय राजमार्ग सेना के लिए संजीवनी का काम करते हैं।

भारत सरकार और रक्षा मंत्रालय पिछले कुछ वर्षों से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में ऐसे हाईवे विकसित कर रहा है जिन पर आपातकाल में फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर उतारे जा सकें। राजस्थान के इस हिस्से में किया गया सफल अभ्यास इसी व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का एक जीवंत हिस्सा है। यह सामरिक लचीलापन न केवल दुश्मन की रणनीतियों को विफल करता है, बल्कि भारतीय सेना को कहीं से भी त्वरित और घातक प्रतिक्रिया देने की अजेय शक्ति भी प्रदान करता है।

"रेगिस्तानी और सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह के अभ्यास हमारी ऑपरेशनल तैयारियों को धार देते हैं। आपातकाल में पारंपरिक एयरबेस के विकल्प के रूप में हाईवे का उपयोग करने की हमारी क्षमता ने सैनिकों का आत्मविश्वास और अधिक मजबूत किया है।" — रक्षा रक्षा विशेषज्ञ और सैन्य सूत्र
द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
✍️

नेशनल डेस्क, द फ्रीलांस

सत्यापित संपादकीय डेस्क

राजनीतिक, नीतिगत एवं राष्ट्रीय सरोकार रिपोर्टिंग टीम

द फ्रीलांस की राष्ट्रीय संपादकीय डेस्क देश की राजनीति, संसद, नीतिगत फैसलों, केंद्रीय योजनाओं और जनसरोकार से जुड़े बड़े मुद्दों पर 24/7 निष्पक्ष, तथ्यपरक और खोजी रिपोर्टिंग करती है। यह टीम दोहरे तथ्य-सत्यापन के कठोर सिद्धांतों का पालन करती है।

संबंधित खबरें (Related Articles)

भजनलाल सरकार का बड़ा दांव: राजस्थान में युवाओं के लिए आएगा अलग बजट, डिजिटल प्रोफाइल से ट्रैक होगी प्रगतिNATIONAL

भजनलाल सरकार का बड़ा दांव: राजस्थान में युवाओं के लिए आएगा अलग बजट, डिजिटल प्रोफाइल से ट्रैक होगी प्रगति

1 अक्टू॰48
घाटी में लश्कर का सफाया: ऑपरेशन शेरुवाली में कुख्यात आतंकी मूसा ढेर, 2022 से सक्रिय चारों कमांडर खत्मNATIONAL

घाटी में लश्कर का सफाया: ऑपरेशन शेरुवाली में कुख्यात आतंकी मूसा ढेर, 2022 से सक्रिय चारों कमांडर खत्म

30 सित॰28
नरेंद्र मोदी सरकार पर बढ़ रहा है सियासी दबाव, लेकिन विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह से राह मुश्किलNATIONAL

नरेंद्र मोदी सरकार पर बढ़ रहा है सियासी दबाव, लेकिन विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह से राह मुश्किल

1 अक्टू॰46
महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' का कमाल: बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड, दुनियाभर में कमाए 400 करोड़NATIONAL

महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' का कमाल: बॉक्स ऑफिस पर तोड़े रिकॉर्ड, दुनियाभर में कमाए 400 करोड़

1 अक्टू॰32
Gianluca Prestianni: बेनफिका के युवा सनसनी जियानलुका प्रेस्टियानी की छलांग, बाजार मूल्य पहुंचा 40 मिलियन यूरोNATIONAL

Gianluca Prestianni: बेनफिका के युवा सनसनी जियानलुका प्रेस्टियानी की छलांग, बाजार मूल्य पहुंचा 40 मिलियन यूरो

1 अक्टू॰46
एशियाई खेल 2026: भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा और क्षेत्रीय खेलों में ऊर्जा संकटNATIONAL

एशियाई खेल 2026: भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा और क्षेत्रीय खेलों में ऊर्जा संकट

1 अक्टू॰30
अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़े फैसले: राज्यों ने वर्दी वाली सरकारी नौकरियों में दिया शानदार आरक्षणNATIONAL

अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़े फैसले: राज्यों ने वर्दी वाली सरकारी नौकरियों में दिया शानदार आरक्षण

1 अक्टू॰33
देखें वीडियो: ओडिशा के सिमिलिपाल जंगलों में दुर्लभ काले बाघ की अठखेलियां, आनुवंशिक बदलाव पर वैज्ञानिकों की नजरNATIONAL

देखें वीडियो: ओडिशा के सिमिलिपाल जंगलों में दुर्लभ काले बाघ की अठखेलियां, आनुवंशिक बदलाव पर वैज्ञानिकों की नजर

1 अक्टू॰44