टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री जयति भाटिया का जीवन और उनके अनसुने फैसले
भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री में अपनी शानदार अदाकारी से घर-घर में खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री जयति भाटिया अक्सर किसी न किसी वजह से चर्चा में रहती हैं। पर्दे पर अपनी बेहतरीन भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीतने वाली जयति इन दिनों अपने एक निजी बयान को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। वह न केवल अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं, बल्कि सोशल मीडिया और यूट्यूब पर व्लॉगिंग के जरिए भी अपने फैंस से जुड़ी रहती हैं। उनके प्रशंसक उनके हर अंदाज को बेहद पसंद करते हैं।
हालांकि, उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ा एक ऐसा पहलू है जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। जयति उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जिन्होंने अपनी मर्जी और खास सोच के तहत जीवन में मां न बनने का फैसला किया। सुख-सुविधाओं और एक सफल करियर के बावजूद उन्होंने इस राह को चुना। उनके इस फैसले के पीछे क्या परिस्थितियां और विचार रहे हैं, इस पर हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान खुलकर बात की है, जिससे उनके चाहنے वाले भी हैरान रह गए हैं।
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जब 45 की उम्र में मिला सरोगेसी का सुझाव और समाज का दबाव
हाल ही में एक मीडिया प्लेटफॉर्म Hauterrfly को दिए गए साक्षात्कार में जयति भाटिया ने अपनी जिंदगी के कई अनछुए पहलुओं से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि जब उनकी उम्र 45 वर्ष के करीब पहुंची, तो समाज और आसपास के लोगों को यह लगने लगा था कि अब उनका मां बनना लगभग असंभव है। इस दौरान उन्हें कई तरह की सलाह भी मिलने लगीं। लोगों ने यहां तक कह दिया कि अब प्राकृतिक रूप से बच्चे होने की संभावना खत्म हो चुकी है, इसलिए उन्हें सरोगेसी का रास्ता अपनाना चाहिए।
लेकिन जयति का सोचना इन सबसे बिल्कुल अलग था। उन्होंने महसूस किया कि लोग इस बात को समझने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे कि आखिर उनका मानसिक दृष्टिकोण क्या है। अभिनेत्री ने अपने बचपन और शुरुआती दौर को याद करते हुए बताया कि वे एक ऐसी पीढ़ी और माहौल में बड़ी हुई थीं, जहां अखबारों, पत्रिकाओं और रेडियो पर देश की बढ़ती आबादी को लेकर बड़ी-बड़ी बहसें हुआ करती थीं। राजनेता और बुद्धिजीवी देश की जनसंख्या वृद्धि पर चिंता जताते थे, जिसका बाल मन पर गहरा असर पड़ता था।
परिवार और मां के सवालों पर क्या था अभिनेत्री का रिएक्शन
हर महिला की तरह जयति के जीवन में भी ऐसे पल आए जब उन्हें खुद से और अपनों से इस बारे में सवाल पूछने पड़े। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि शायद उनके भी बच्चे होने चाहिए थे। समाज के लगातार दबाव के कारण कई लोगों ने उन्हें सलाह दी कि वे परिवार आगे बढ़ाएं। एक बार उनकी मां ने भी उनसे सीधे तौर पर यह सवाल पूछ लिया था कि उन्होंने आज तक बच्चे क्यों नहीं किए और उन्हें मां क्यों नहीं बनना चाहिए था?
उस पल को याद करते हुए जयति ने बताया कि उस समय उनके पास अपनी मां के किसी भी सवाल का कोई ठोस जवाब नहीं था। वे कहती हैं कि वे अपने अंदर की उन तमाम बातों को बोल-बोलकर पूरी तरह थक चुकी थीं जिन्हें लोग समझना ही नहीं चाहते थे। उस दौर में वे अपने माता-पिता की देखभाल में पूरी तरह व्यस्त थीं। उनका अधिकांश समय और ऊर्जा अपने बुजुर्ग मां-बाप की सेवा करने में बीत रही थी, जो उनके लिए किसी भी अन्य जिम्मेदारी से कहीं ज्यादा बढ़कर था।
पेरेंट्स की देखभाल और खुद को पूरा साबित करने की मजबूरी
कई लोग यह कयास लगाते हैं कि शायद माता-पिता की सेवा करने की व्यस्तता के कारण ही जयति भाटिया अपने बच्चे नहीं कर पाईं। लेकिन अभिनेत्री ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे इस तरह की किसी भी धारणा को सच नहीं मानती हैं। उनका मानना है कि सिर्फ दुनिया को यह दिखाने के लिए कि वे अपने जीवन में 'पूरी' हैं, उन्हें बच्चे पैदा करने की कोई आवश्यकता महसूस नहीं हुई। वे जैसी भी हैं, खुद में पूरी और संतुष्ट हैं।
"मुझे बहुत सुनने को मिला। जब लोगों को अहसास हुआ कि ये 48 की हो चुकी है, तो अब तो शायद मुश्किल है, तब बात करना बंद किया। मैं अपने आप को पूरा दिखाने के लिए ये सब नहीं कर सकती थी। मैं जैसी भी हूं कम्पलीट हूं।" — जयति भाटिया, अभिनेत्री
उन्होंने यह भी बताया कि जब वे 48 वर्ष की हुईं और लोगों को यह यकीन हो गया कि अब उनके बच्चे होने की कोई संभावना नहीं बची है, तब जाकर कहीं समाज की तरफ से इस बारे में सवाल पूछने का सिलसिला बंद हुआ। इतने लंबे समय तक समाज के सवालों का सामना करना किसी भी इंसान के लिए मानसिक रूप से थका देने वाला होता है, लेकिन जयति ने इस दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने फैसलों पर अडिग रहना बेहतर समझा।
बचपन के सपने और आज के यथार्थ का सफर
अपनी जिंदगी के शुरुआती दिनों को याद करते हुए जयति भाटिया ने एक दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि जब वे महज 16 या 17 साल की कच्ची उम्र में थीं, तो उन्होंने अपने भविष्य को लेकर कुछ सपने बुने थे। हर युवा की तरह उन्होंने भी सोचा था कि वे एक दिन किसी हैंडसम लड़के से शादी करेंगी, नौकरी करेंगी और अपना एक प्यारा सा बच्चा करेंगी। वह उनका एक मासूम सा सपना था जो उन्होंने अपनी जवानी की दहलीज पर देखा था।
हालांकि, वक्त के साथ जिंदगी के रास्ते बदलते चले गए। वो सपना जाने कहां पीछे छूट गया और जीवन ने उन्हें एक बिल्कुल अलग दिशा में ले जाकर खड़ा कर दिया। अभिनेत्री का कहना है कि उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है कि उनका वह बचपना का सपना पूरा नहीं हो सका। आज शादी के इतने वर्षों बाद भी वे अपने इस फैसले के साथ पूरी तरह से खुश और संतुष्ट हैं। उनका यह इंटरव्यू इस बात का उदाहरण है कि समाज की तयशुदा परिभाषाओं से अलग हटकर भी महिलाएं अपनी शर्तों पर एक खुशहाल और पूर्ण जीवन जी सकती हैं।








