भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी कल्पतरु प्रोजेक्ट्स का ग्लोबल डंका, यूएई से मिला 4000 करोड़ का प्रोजेक्ट
भारतीय इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र के लिए एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शुमार कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड (KPIL) ने वैश्विक मंच पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से लगभग 4,000 करोड़ रुपये मूल्य का एक विशाल गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट हासिल हुआ है। इस सौदे से न केवल भारतीय कॉरपोरेट जगत का मान बढ़ा है, बल्कि ग्लोबल मार्केट में देश की इंजीनियरिंग क्षमताओं का लोहा भी माना गया है।
हाल ही में दी गई एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह ऑर्डर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी (EPC) कैटेगरी के तहत मिला है। हालांकि, कूटनीतिक और व्यावसायिक समझौतों के तहत ऑर्डर देने वाली मुख्य अंतरराष्ट्रीय इकाई का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसे वैश्विक ऊर्जा अवसंरचना के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। कल्पतरु प्रोजेक्ट्स की इस सफलता ने शेयर बाजार और निवेशकों में भी जबरदस्त उत्साह भर दिया है।
खाड़ी देशों में ऊर्जा क्षेत्र की मांग लगातार बढ़ रही है और ऐसे में किसी भारतीय कंपनी को वहां गैस पाइपलाइन बिछाने और उसके निर्माण का जिम्मा मिलना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय फर्में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूरी तरह खरी उतरती हैं। कंपनी के पास दुनिया भर में इस तरह के जटिल प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने का लंबा और सफल अनुभव रहा है, जिसके चलते उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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मजबूत हुई कंपनी की स्थिति, कुल ऑर्डर बुक पहुंची 19,469 करोड़ के पार
इस बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर के जुड़ने से कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड की वित्तीय सेहत और ऑर्डर बुक में जबर्दस्त उछाल आया है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक अब बढ़कर 19,469 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर पहुंच गई है। शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि यह मजबूत बैकलॉग आने वाले तिमाहियों में कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे को लगातार गति देता रहेगा।
चालू वित्त वर्ष के पिछले तीन वित्तीय क्वार्टरों के दौरान कंपनी ने कुल मिलाकर 7 महत्वपूर्ण ऑर्डर्स हासिल किए हैं। मौजूदा ऑर्डर बुक का यह मजबूत आकार कंपनी को औसत तिमाही राजस्व के मुकाबले लगभग 2.82 गुना की कवरेज प्रदान करता है। इसका मतलब यह है कि कंपनी के पास आने वाले समय में काम की कोई कमी नहीं है और वे पूरी क्षमता के साथ अपने प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए तैयार हैं।
कंपनी के शीर्ष प्रबंधन का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि वे घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पैठ को और ज्यादा मजबूत करें। यूएई में मिला यह नया गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट इसी रणनीति का एक बेहद सफल हिस्सा साबित हो रहा है। इससे कंपनी की ग्लोबल विजिबिलिटी भी बढ़ेगी और भविष्य में खाड़ी तथा अन्य देशों से और अधिक बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिलने के रास्ते खुलेंगे।
दुनिया के 75 से अधिक देशों में फैला है कल्पतरु प्रोजेक्ट्स का विशाल कारोबार
कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड दुनिया भर की सबसे प्रतिष्ठित और बड़ी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनियों में गिनी जाती है। कंपनी का कारोबार केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के करीब 75 देशों में इसके प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। कंपनी बुनियादी ढांचे के कई अलग-अलग और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देती आ रही है, जिनमें पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, बिल्डिंग और फैक्ट्री निर्माण, वाटर सप्लाई और ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
इसके अलावा, कंपनी रेलवे नेटवर्क आधुनिकीकरण, तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी मोबिलिटी, आधुनिक हाईवे निर्माण और एयरपोर्ट डेवलपमेंट जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स में भी विशेषज्ञता रखती है। भारत के भीतर भी कंपनी पावर ट्रांसमिशन टावर, भारी मेटल स्ट्रक्चर और उन्नत स्कैफोल्डिंग प्रणालियों के निर्माण के लिए दो अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट सफलतापूर्व संचालित कर रही है।
"हमारी कंपनी का मुख्य उद्देश्य हमेशा से उच्च गुणवत्ता वाले इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना रहा है। यूएई से मिला यह नया गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट हमारे तकनीकी कौशल और वैश्विक क्षमताओं पर ग्राहकों के भरोसे का स्पष्ट प्रमाण है। हम निर्धारित समयसीमा में इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।" — प्रबंधन, कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल
वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाएं
कंपनी के हालिया वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो इसका बिजनेस लगातार विस्तार की राह पर है। कंपनी ने हालिया वित्त वर्ष के दौरान मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज करते हुए लगभग 27,143 करोड़ रुपये (करीब 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का शानदार रेवेन्यू अर्जित किया था। इस अवधि के दौरान KPIL ने दुनिया भर के 30 से अधिक देशों में एक साथ 250 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर सफलतापूर्वक काम किया है।
ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव और गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान के बीच गैस पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व बहुत बढ़ गया है। स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मजबूत पाइपलाइन नेटवर्क रीढ़ की हड्डी का काम करता है। यूएई जैसे प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देश में भारतीय कंपनी द्वारा इस तरह का प्रोजेक्ट चलाया जाना भारत की तकनीकी ताकत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स न केवल कल्पतरु प्रोजेक्ट्स के आर्थिक मुनाफे को बढ़ाएंगे, बल्कि ग्लोबल मार्केट में अन्य भारतीय कंपनियों के लिए भी रास्ते आसान करेंगे। निवेशकों और शेयरधारकों के बीच भी इस डील को लेकर सकारात्मक माहौल है और आने वाले दिनों में कंपनी के शेयरों पर बाजार की पैनी नजर बनी रहेगी।







