मेरठ/ग्राउंड ब्यूरो — देश को हिला देने वाले चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। मेरठ की एक विशेष अदालत ने हत्या के इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला आते ही कोर्ट रूम में सन्नाटा पसर गया और दोनों दोषी फफक-फफक कर रो पड़े। सरकारी वकीलों और पुलिस ने इस फैसले को न्याय की बड़ी जीत बताया है। कोर्ट के इस कड़े कदम से समाज में एक कड़ा संदेश गया है कि क्रूरता से किए गए अपराधों का अंजाम बहुत भयानक होता है।
यह पूरा मामला कुछ महीने पहले सामने आया था जब मेरठ के एक घर से नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में एक शख्स की लाश के टुकड़े बरामद हुए थे। मृतक की पहचान सौरभ राजपूत के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि सौरभ की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर इस बेरहमी से उसकी जान ली थी। दोनों ने मिलकर हत्या के बाद शव के कई टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाने के लिए एक नीले ड्रम में भर दिया था। इस खौफनाक वारदात ने न केवल मेरठ बल्कि पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था।
फांसी की सजा सुनते ही अदालत में रो पड़े दोनों कातिल
अदालत ने जब दोनों को मौत की सजा सुनाने का आदेश पढ़ा, तो आरोपी मुस्कान और साहिल अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। सुनवाई के दौरान अदालत के कई तीखे सवालों के सामने दोनों एकदम मौन और चुप रहे। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पुख्ता सबूतों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कानूनी जानकारों के मुताबिक, इस मामले में मिले डिजिटल सबूत और फोरेंसिक रिपोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत कड़ी का काम किया।
इस खौफनाक सजा के ऐलान के बाद मृतक सौरभ राजपूत की मां का पहला रिएक्शन सामने आया है। मां ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि उनके बेटे को आखिरकार न्याय मिल गया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पाप करने वालों को ऐसी ही कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई दूसरा परिवार इस तरह की त्रासदी न झेले। वहीं दूसरी तरफ, कातिल परिवार के सदस्यों ने इस फैसले पर गहरा दुख जताया है और वे अब इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं।
आपसी अफेयर से शुरू हुई थी खौफनाक साजिश की दास्तान
जांच एजेंसियों की चार्जशीट के मुताबिक मुस्कान और साहिल के बीच अवैध संबंध थे। सौरभ राजपूत इन रिश्तों के बीच एक बड़ी रुकावट बन रहा था। इसी रास्ते के कांटे को हटाने के लिए दोनों ने मिलकर उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक योजना बनाई। योजना के तहत पहले सौरभ को घर पर बुलाया गया और फिर बेहद बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। वारदात को छिपाने के लिए जो तरीका अपनाया गया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस ने अपनी तकनीकी जांच और कॉल डिटेल्स के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को महज कुछ ही दिनों में पूरी तरह सुलझा लिया था।
स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में अब भी भारी गुस्सा और खौफ का माहौल बना हुआ है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि कोई इस तरह की नीच हरकत को अंजाम दे सकता है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि इस तरह के मामलों में स्पीडी ट्रायल यानी तेजी से सुनवाई होना बेहद जरूरी है। अदालतों के ऐसे सख्त फैसलों से अपराधियों के मन में डर पैदा होता है और कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा मजबूत होता है।
न्यायपालिका का कड़ा संदेश और आगे की कानूनी प्रक्रिया
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि निचली अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद अब इस मामले को उच्च न्यायालय में कन्फर्मेशन के लिए भेजा जाएगा। आरोपियों के वकीलों के पास सुप्रीम कोर्ट तक अपील करने का विकल्प खुला हुआ है, लेकिन इस मामले की क्रूरता को देखते हुए कानूनी जानकारों का मानना है कि अभियोजन पक्ष का पलड़ा काफी भारी है। 'द फ्रीलान्स' की इस जमीनी पड़ताल से साफ है कि यह मामला क्रूरता, धोखे और न्याय की एक लंबी दास्तान बन चुका है। समाज में नैतिकता के पतन और रिश्तों के कत्ल की यह कहानी आने वाले कई सालों तक एक मिसाल के रूप में याद रखी जाएगी।




