क्रिकेट के मैदान पर एक बार फिर से तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का जलवा पूरी तरह देखने को मिला है। रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में बंगाल की तरफ से खेलते हुए शमी ने अपनी पुरानी लय और धारदार गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। दिल्ली के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से विरोधी टीम के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। मैच के पहले ही दिन से शमी ने अपनी रफ्तार और स्विंग का कमाल दिखाना शुरू कर दिया था।
मैच की शुरुआत में दिल्ली की टीम ने संभलकर खेलने की कोशिश की लेकिन शमी की सटीक लाइन और लेंथ के आगे उनके बल्लेबाज टिक नहीं पाए। देखते ही देखते मोहम्मद शमी ने दिल्ली के चार बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। इस दौरान दिल्ली के बल्लेबाज मैदान पर संघर्ष करते नजर आए और पूरी टीम महज 240 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। दिल्ली की तरफ से यश ढुल कुछ खास कमाल नहीं कर सके जबकि ऋतिक शौकीन ने जरूर एक अर्धशतकीय पारी खेलकर टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।
मोहम्मद शमी की गेंदबाजी से टीम इंडिया में वापसी का रास्ता साफ
चोट की वजह से पिछले काफी समय से क्रिकेट के मैदान से दूर रहे मोहम्मद शमी के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा था। लंबे समय तक नेशनल क्रिकेट अकादमी में रिहैब और फिटनेस पर काम करने के बाद शमी ने सीधे रणजी मैच में उतरकर अपनी फिटनेस का पूरा सबूत दे दिया है। उन्होंने जिस तरह से गेंदबाजी की है, उससे चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी तरफ जरूर गया होगा। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे या आने वाली सीरीज के लिए शमी की टीम इंडिया में वापसी का रास्ता अब काफी हद तक साफ हो गया है।
भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करने के लिए शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की जरूरत हमेशा से महसूस की जाती रही है। खासकर टेस्ट क्रिकेट में जसप्रीत बुमराह के साथ शमी की जोड़ी विरोधी बल्लेबाजों के लिए हमेशा सिरदर्द साबित हुई है। इस मैच में उनके प्रदर्शन को देखने के बाद खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच यही चर्चा है कि शमी अब पूरी तरह फिट हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मैदान पर उतरने को तैयार हैं।
मैच में दिल्ली की बल्लेबाजी का संघर्ष और बंगाल की मजबूत पकड़
अगर मैच के हाल की बात करें तो दिल्ली की टीम टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी। शुरुआत में पिच से मिल रही नमी का फायदा बंगाल के तेज गेंदबाजों ने बखूबी उठाया। मोहम्मद शमी ने अपनी पुरानी धार दिखाते हुए शुरुआती झटके दिए और दिल्ली के शीर्ष क्रम को तहस-नहस कर दिया। दिल्ली के युवा बल्लेबाज यश ढुल इस मैच में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए और सस्ते में आउट होकर लौट गए। हालांकि मध्य क्रम में ऋतिक शौकीन ने सूझबूझ से खेलते हुए एक उपयोगी अर्धशतक लगाया और टीम के स्कोर को 240 रन तक पहुंचाया।
दिल्ली के 240 रनों के जवाब में बंगाल के गेंदबाजों का आत्मविश्वास इस समय सातवें आसमान पर है। मोहम्मद शमी के चार विकेट ने पूरी टीम का जोश हाई कर दिया है। बंगाल की टीम अब अपनी पहली पारी में इस स्कोर को पार करने और मैच पर पूरी तरह पकड़ मजबूत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। घरेलू क्रिकेट का यह मुकाबला न केवल एक सामान्य मैच है बल्कि यह कई खिलाड़ियों के करियर के भविष्य को भी तय करने वाला साबित हो रहा है।
भविष्य की रणनीति और चयनकर्ताओं की नजरें
क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या शमी को तुरंत राष्ट्रीय टीम में मौका मिलेगा या फिर उन्हें कुछ और घरेलू मैच खेलने होंगे। खेल विशेषज्ञ मानते हैं कि शमी का गेंदबाजी का अनुभव और उनका पुराना रिकॉर्ड उनके पक्ष में जाता है। जिस तरह से उन्होंने लंबी चोट के बाद वापसी करके बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी के लंबे स्पेल फेंके हैं, वह उनकी मैच फिटनेस का सबसे बड़ा प्रमाण है।
द फ्रीलान्स की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, इस मैच के हर एक सेशन पर बीसीसीआई के चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। बंगाल और दिल्ली के बीच चल रहे इस मुकाबले का परिणाम चाहे जो भी निकले, लेकिन मोहम्मद शमी की गेंदबाजी ने यह साबित कर दिया है कि वह अभी भी भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े मैच विनर गेंदबाजों में से एक हैं। मैदान पर उनकी यह वापसी देश के तमाम क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ी राहत और खुशी की खबर है।









