रेलवे का बड़ा कदम: सुरक्षा कारणों से कई रूटों पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित
भारतीय रेलवे लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में बिहार के मोकामा क्षेत्र में गंगा नदी पर बने नए रेल पुल को मुख्य रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस बड़े तकनीकी और इंजीनियरिंग कार्य के कारण दानापुर और सोनपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआइ) और प्री-इंटरलॉकिंग का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के बड़े तकनीकी बदलावों के दौरान पटरियों, सिग्नलिंग सिस्टम और अत्याधुनिक ऑपरेटिंग पॉइंट्स में व्यापक फेरबदल किया जाता है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि होने के कारण इन व्यस्त पटरियों पर सामान्य ट्रेनों का संचालन एक साथ जारी रखना संभव नहीं होता है। यही वजह है कि रेलवे प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मंगलवार को कुल 14 प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द करने और लगभग 30 ट्रेनों के रूट में बदलाव करने का कड़ा फैसला लिया है।
यह मेगा ब्लॉक मोकामा, राजेंद्र पुल, हथिदह जंक्शन अपर, टाल, रामपुर डुमरा और दिनकर ग्राम सिमरिया जंक्शन जैसे अहम रेल खंडों पर लिया गया है। इन स्थानों पर आधुनिकीकरण के कार्य पूरे होने के बाद आने वाले दिनों में ट्रेनों की रफ्तार और समय-सारणी में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा, जिससे भविष्य में लाखों रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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कौन-कौन सी ट्रेनें हैं रद्द? यात्रा से पहले देखें पूरी सूची
इस मेगा ब्लॉक और तकनीकी कार्यों के कारण उत्तर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ सकता है। रद की गई ट्रेनों में कई बेहद लोकप्रिय और दैनिक आवागमन वाली गाड़ियां शामिल हैं। रेलवे से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 13030 मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, जिससे हावड़ा जाने वाले यात्रियों को परेशानी होगी।
इसके अलावा, मिथिलांचल और राजधानी पटना के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाने वाली 13227 सहरसा-राजेंद्रनगर इंटरसिटी और वापसी में चलने वाली 13228 राजेंद्रनगर-सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन भी इस दिन बंद रहेगा। उत्तर बिहार के प्रमुख शहर जयनगर से पटना के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें 15527 जयनगर-पटना एक्सप्रेस और 15528 पटना-जयनगर एक्सप्रेस भी इस ब्लॉक की चपेट में आई हैं और पूरी तरह रद रहेंगी।
दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा वर्ग की सुविधा के लिए चलने वाली 63275 किऊल-पटना मेमू फास्ट पैसेंजर और 63276 पटना-किऊल मेमू फास्ट पैसेंजर का पहिया भी मंगलवार को थमा रहेगा। साथ ही, 63204 मोकामा-किऊल मेमू और 63229 आरा-बनारस मेमू जैसी पैसेंजर ट्रेनें भी इस दौरान नहीं चलाई जाएंगी, जिससे लोकल रूट के यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
इन महत्वपूर्ण ट्रेनों के बदले गए रूट, सफर करने से पहले जान लें नया रास्ता
केवल ट्रेनें रद्द ही नहीं की गई हैं, बल्कि लंबी दूरी की लगभग 30 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों के मार्ग भी डायवर्ट किए गए हैं। इसका मतलब यह है कि ये ट्रेनें अपने तयशुदा रास्ते के बजाय वैकल्पिक और बदले हुए मार्गों से अपनी मंजिल तक पहुंचेंगी। इससे इन ट्रेनों के सफर के समय में कुछ घंटों की बढ़ोतरी हो सकती है।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन के लिए रवाना होने से पहले अपने गंतव्य की ओर जाने वाली ट्रेनों के बारे में पूरी जानकारी जुटा लें। हावड़ा से मोकामा और जयनगर जाने वाली गाड़ियां जैसे 13029 हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, 13031 हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, और 13032 जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस के परिचालन में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इसके अलावा कोलकाता टर्मिनल से आरा जाने वाली लोकप्रिय गरीब रथ एक्सप्रेस यानी 13127 कोलकाता टर्मिनल-आरा गरीब रथ एक्सप्रेस को भी इस दिन के लिए रद्द कर दिया गया है।
दूरदराज के राज्यों को जोड़ने वाली 14003 मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस भी इस अवधि के दौरान प्रभावित रहेगी। इन तमाम बदलावों के पीछे रेलवे का मुख्य उद्देश्य आने वाले समय में यात्रियों को और अधिक सुरक्षित, आधुनिक और समयबद्ध रेल सेवाएं प्रदान करना है।
दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा वर्ग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की चुनौती
इस अचानक आए बड़े रेल ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर उन दैनिक यात्रियों पर पड़ा है जो हर, दिन मोकामा, किऊल, पटना, आरा और बाढ़ के बीच सफर करते हैं। इन यात्रियों की आजीविका और कामकाज इन मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के नियमित संचालन पर निर्भर करती है। अचानक ट्रेनें रद्द होने से उन्हें सड़क मार्ग या अन्य महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्यों की सूचना यदि थोड़ा पहले मिल जाए तो वे अपनी व्यावसायिक और व्यक्तिगत यात्राओं की योजना उसी हिसाब से तैयार कर सकते हैं। हालांकि, रेलवे ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के बड़े तकनीकी कार्य भविष्य के सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए बेहद जरूरी हैं।
"यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन के लिए राजेंद्र पुल और आसपास के जंक्शनों पर महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। इसके चलते कुछ ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए रेलवे के आधिकारिक ऐप या हेल्पलाइन नंबर की मदद से अपनी ट्रेन की लाइव स्टेटस की जांच करने के बाद ही घर से निकलें।" — मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्व मध्य रेल
घर से निकलने से पहले ऐसे जांचें अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस
यदि आपने भी मंगलवार या इसके आसपास के दिनों में पटना, मोकामा, किऊल, जयनगर, सहरसा, हावड़ा, आरा या बनारस रूट पर यात्रा करने का प्लान बनाया है, तो रेलवे की सलाह को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। स्टेशन की लंबी लाइनों में खड़े होकर परेशान होने से बेहतर है कि आप घर बैठे ही डिजिटल माध्यमों से अपनी ट्रेन की सही स्थिति का पता लगा लें।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए हैं:
- NTES (National Train Enquiry System) ऐप: इस ऐप के जरिए आपको अपनी ट्रेन की पल-पल की सटीक जानकारी मिल जाएगी।
- रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139: किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए आप कभी भी 139 डायल करके ट्रेन के रद या डायवर्ट होने की जानकारी ले सकते हैं।
- आधिकारिक वेबसाइट: आप भारतीय रेलवे की आधिकारिक पूछताछ वेबसाइट पर जाकर भी अपनी ट्रेन का पीएनआर स्टेटस या रनिंग स्टेटस चेक कर सकते हैं।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यात्रा से जुड़ी आधिकारिक जानकारियों पर ही भरोसा करें, ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके।




