भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों आईपीओ (IPO) की बहार है, और इसी कड़ी में एक और बड़े नाम ने दलाल स्ट्रीट पर अपनी धाक जमा ली है। फिनटेक सेक्टर की प्रमुख कंपनी 'मनीव्यू' (Moneyview) ने आज शेयर बाजार में एक बेहद मजबूत और धमाकेदार एंट्री दर्ज की है। हमारी ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन और बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार, मनीव्यू के शेयरों ने निवेशकों को पहले ही दिन 64 प्रतिशत तक का बंपर रिटर्न दिया है। इस लिस्टिंग ने न केवल खुदरा निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, बल्कि बाजार के जानकारों को भी चौंका दिया है।
दलाल स्ट्रीट पर मनीव्यू की तूफानी शुरुआत
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर मनीव्यू की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक बेहद आक्रामक रही। ए-वन स्टील्स के साथ मार्केट में उतरी इस नई कंपनी ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी। ग्रे मार्केट (GMP) में जिस जोरदार उछाल और हलचल का अनुमान लगाया जा रहा था, नतीजों ने उस पर पूरी तरह मुहर लगा दी। निवेशकों को शुरुआती कारोबार में ही प्रति शेयर पर भारी मुनाफा देखने को मिला, जिससे सेकेंडरी मार्केट में भी इस शेयर को लेकर जबरदस्त खरीदारी का रुझान देखा गया।
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ग्रे मार्केट से लेकर मेनबोर्ड तक का सफर
विश्लेषण करने पर यह बात सामने आती है कि मनीव्यू के आईपीओ को लेकर निवेशकों में पहले दिन से ही गजब का उत्साह था। सब्सक्रिप्शन पीरियड के दौरान ही इस इश्यू को लेकर बाजार में चर्चा गर्म थी, और अंतिम दिनों में इसे धड़ाधड़ सब्सक्राइब किया गया था। ग्रे मार्केट में जो प्रीमियम 38 प्रतिशत से शुरू हुआ था, उसने लिस्टिंग के दिन निवेशकों की झोली में सीधे 64 प्रतिशत तक का भारी-भरकम मुनाफा डाल दिया। यह इस बात का प्रमाण है कि फिनटेक और डिजिटल क्रेडिट प्लेटफॉर्म्स पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
अब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल: बेच दें या होल्ड करें?
"किसी भी ब्लॉकबस्टर आईपीओ की लिस्टिंग के बाद सबसे बड़ी दुविधा यह होती है कि मुनाफावसूली (Book Profit) की जाए या लंबी अवधि के लिए शेयर को होल्ड (Hold) किया जाए।"
मनीव्यू के मामले में भी यही स्थिति है। जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला था, वे अब असमंजस में हैं। वित्तीय विशेषज्ञों की राय इस मामले में बंटी हुई है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि पहले दिन का बंपर मुनाफा देखकर शॉर्ट-टर्म निवेशकों को अपनी पूंजी सुरक्षित कर लेनी चाहिए, जबकि फंडामेंटल मजबूत होने के कारण लंबी अवधि के निवेशक इसे पोर्टफोलियो में बनाए रख सकते हैं।
फिनटेक सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर
मनीव्यू की यह सफल लिस्टिंग केवल एक कंपनी की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारतीय फिनटेक इकोसिस्टम की परिपक्वता को भी दर्शाती है। जिस प्रकार से देश में डिजिटल लेंडिंग और वित्तीय सेवाओं की मांग बढ़ी है, उसका सीधा असर कंपनियों के वैल्यूएशन और निवेशकों के भरोसे पर दिख रहा है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मनीव्यू बाजार के इस शुरुआती जोश को बनाए रखने में कामयाब हो पाती है या नहीं। हमारी पैनी नजर इस पूरे घटनाक्रम और बाजार के रुख पर बनी रहेगी।








