देशभर में टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े के मामलों पर लगाम लगाने के लिए आयकर विभाग ने अपनी जांच तेज कर दी है। पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं जिससे कारोबारियों और संस्थाओं में हड़कंप मच गया है। ताजा मामलों में अस्पतालों से लेकर बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियों तक के ठिकानों को जांच के दायरे में लिया गया है। केंद्रीय और राज्य स्तर की एजेंसियां मिलकर इन मामलों की परतें उधेड़ रही हैं ताकि छिपाई गई आय और फर्जीवाड़े का पूरा सच सामने आ सके।
हरियाणा के एक बड़े अस्पताल समूह पर लगातार चौथे दिन भी आयकर विभाग की कार्रवाई जारी रही। जांच दल ने अस्पताल के एचआर विभाग, अकाउंट्स सेक्शन, रिसेप्शन और फार्मेसी की तमाम फाइलों को खंगाला है। अधिकारियों का मकसद यह पता लगाना है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा वित्तीय लेनदेन में किसी तरह की गड़बड़ी तो नहीं की गई है। इसी तरह उत्तराखंड के रुद्रपुर में भी इनकम टैक्स की टीम ने करीब 40 घंटे तक लगातार कार्रवाई की। इस छापेमारी में लखनऊ और कानपुर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम भी साथ नजर आई।
पंजाब में ट्रांसपोर्ट कंपनी का बड़ा फर्जीवाड़ा
जांच का दायरा सिर्फ अस्पतालों तक सीमित नहीं है बल्कि व्यावसायिक फर्मों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। पंजाब में ट्रांसपोर्ट कंपनियों के वित्तीय लेनदेन की जांच के दौरान करोड़ों का फर्जीवाड़ा सामने आया है। शुरुआती पड़ताल में करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये के टैक्स फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है जिसके बाद विभाग ने अपनी जांच और गहरी कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फर्जी बिलों और कागजी कंपनियों के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है। इस रैकेट से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है और उनके बैंक खातों को भी खंगाला जा रहा है।
दूसरी ओर स्थानीय निकायों में टैक्स वसूली की सुस्त रफ्तार भी एक बड़ा मुद्दा बन गई है। झारखंड के रांची नगर निगम में टैक्स वसूली का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि जहां पचपन दिन में चौदह करोड़ रुपये की वसूली होनी चाहिए थी, वहां महज पचहत्तर लाख रुपये ही आ पाए हैं। काम ठप होने के पीछे प्रशासनिक सुस्ती और कर्मचारियों की समस्याएं बताई जा रही हैं। स्थानीय लोग और पार्षद इस बात से परेशान हैं कि बुनियादी विकास कार्य फंड की कमी के कारण रुक रहे हैं और अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
घर में कितना रख सकते हैं सोना, जानें नियम
इन तमाम छापों और टैक्स कार्रवाइयों के बीच आम जनता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि घर में कैश या सोना रखने के क्या नियम हैं। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार यदि आप अपनी वैध कमाई से सोना या आभूषण खरीदते हैं तो रेड के दौरान आपको कोई परेशानी नहीं होगी। शादीशुदा महिलाओं के पास पांच सौ ग्राम, अविवाहित महिलाओं के पास ढाई सौ ग्राम और पुरुषों के पास सौ ग्राम तक सोना होने पर आमतौर पर् कोई जब्ती नहीं होती है। बशर्ते आपके पास उसकी खरीद का उचित प्रमाण या पारिवारिक विरासत का दस्तावेज होना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई जरूरी है। हालांकि ईमानदार करदाताओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे अपने सभी वित्तीय रिकॉर्ड दुरुस्त रखें ताकि बेवजह की परेशानियों से बचा जा सके। प्रशासनिक अमला अब इन सभी मामलों में कड़े कानूनी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।












