होम/देश/मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास को लेकर बड़ा बदलाव: क्या 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम, जानें आपकी जेब पर असर
देशपढ़ने में समय: 6 मिनट

मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास को लेकर बड़ा बदलाव: क्या 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम, जानें आपकी जेब पर असर

केंद्र सरकार ने मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर और टेम्पर्ड ग्लास की गुणवत्ता को सुधारने के लिए नए नियम तय कर दिए हैं। बाजार में बिकने वाले घटिया और साधारण कांच से फोन की स्क्रीन को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है, जो 1 अप्रैल से लागू होगा।
The Freelance ब्यूरो
TheFreelance ब्यूरो
23 सितंबर 2026 • अपडेटेड
🌐Read in English →
शेयर करें:
मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास को लेकर बड़ा बदलाव: क्या 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम, जानें आपकी जेब पर असर
📷 मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास को लेकर बड़ा बदलाव: क्या 1 अप्रैल से बदल जाएंगे नियम, जानें आपकी जेब पर असर — मुख्य घटनाक्रमफोटो साभार: रॉयटर्स / एजेंसीज़ / सोशल मीडिया

खबर की बड़ी बातें (Key Highlights)

  • भारत में बिकने वाले 90% टेम्पर्ड ग्लास ग्रे मार्केट से आते हैं, जिनमें से ज्यादातर चीन से आयात होते हैं।
  • नए नियमों के तहत बिना बीआईएस (BIS) सर्टिफिकेशन के कोई भी स्क्रीन प्रोटेक्टर बेचना गैर-कानूनी होगा।
  • बाजार में साधारण कांच को टेम्पर्ड बताकर बेचने वाले कारोबारियों पर सख्त लगाम लगेगी।

मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास के लिए नए नियमों की तैयारी

स्मार्टफोन आज के समय में हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। फोन खरीदते ही सबसे पहले लोग उसकी स्क्रीन की सुरक्षा के लिए उस पर टेम्पर्ड ग्लास या स्क्रीन गार्ड लगवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस टेम्पर्ड ग्लास पर आप भरोसा कर रहे हैं, वह वाकई आपके फोन की स्क्रीन को सुरक्षित रखता है या नहीं? अब सरकार इस मामले में बेहद सख्त हो गई है और मोबाइल स्क्रीन गार्ड्स को लेकर नए नियम लाने की तैयारी चल रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और संबंधित विभागों की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश स्पष्ट किए गए हैं।

आने वाले दिनों में मोबाइल एक्सेसरीज बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। खासकर उन लोगों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है जो सस्ते दामों पर लोकल और बिना नाम के स्क्रीन गार्ड खरीदकर अपने महंगे स्मार्टफोन पर लगवा लेते हैं। सरकार के इन नए नियमों का सीधा असर बाजार, दुकानदारों और आम मोबाइल यूजर्स की जेब पर पड़ने वाला है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इन नए नियमों का क्या मतलब है और इससे आम जनता को क्या फायदा या नुकसान हो सकता है।

विज्ञापन • ADVERTISEMENT

संबंधित खबरें

फ्लिपकार्ट बिग बिलियन सेल से पहले अर्ली बर्ड डील्स लाइव: सस्ते में मिल रहे हैं धांसू स्मार्टफोन्स, जानिए ऑफर्स की पूरी डिटेल

फ्लिपकार्ट बिग बिलियन सेल से पहले अर्ली बर्ड डील्स लाइव: सस्ते में मिल रहे हैं धांसू स्मार्टफोन्स, जानिए ऑफर्स की पूरी डिटेल

छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की दुनिया में बड़ा धमाका: दमदार रेंज और सुपरफास्ट चार्जिंग वाली नई ईवी लॉन्च

छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की दुनिया में बड़ा धमाका: दमदार रेंज और सुपरफास्ट चार्जिंग वाली नई ईवी लॉन्च

महंगे स्मार्टफोन की सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा: चंद रुपयों वाला सस्ता स्क्रीन गार्ड बिगाड़ रहा फोन का टच और सेंसर

महंगे स्मार्टफोन की सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा: चंद रुपयों वाला सस्ता स्क्रीन गार्ड बिगाड़ रहा फोन का टच और सेंसर

घर बैठे मिलेगा IMAX थिएटर्स का अनुभव: मेटा ने पेश किए स्मार्ट ग्लासेज और खास VR डिवाइस

घर बैठे मिलेगा IMAX थिएटर्स का अनुभव: मेटा ने पेश किए स्मार्ट ग्लासेज और खास VR डिवाइस

ऑटोमैटिक एआई एजेंट ने सरकारी सिस्टम में लगाई सेंध: ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश, दुनिया भर में मचा हड़कंप

ऑटोमैटिक एआई एजेंट ने सरकारी सिस्टम में लगाई सेंध: ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश, दुनिया भर में मचा हड़कंप

बुलेट ट्रेन का कमाल: 320 की रफ्तार पर भी नहीं महसूस होगा झटका, अपनाई जा रही है ये खास तकनीक

बुलेट ट्रेन का कमाल: 320 की रफ्तार पर भी नहीं महसूस होगा झटका, अपनाई जा रही है ये खास तकनीक

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का महाविस्फोट: 2028 तक हर डिजिटल कार्य पर होगा एआई का कब्जा, मस्क की चेतावनी से दुनिया में हलचल

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का महाविस्फोट: 2028 तक हर डिजिटल कार्य पर होगा एआई का कब्जा, मस्क की चेतावनी से दुनिया में हलचल

एप्पल विजन प्रो की छुट्टी करने आ रहे मेटा के नए VR ग्लासेस: वजन 100 ग्राम से कम, पेटीएम फाउंडर भी हुए कायल

एप्पल विजन प्रो की छुट्टी करने आ रहे मेटा के नए VR ग्लासेस: वजन 100 ग्राम से कम, पेटीएम फाउंडर भी हुए कायल

ग्रे मार्केट और चीन से आने वाले सस्ते ग्लास का सच

बाजार के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो भारत में इस्तेमाल होने वाले कुल स्क्रीन प्रोटेक्टर या टेम्पर्ड ग्लास का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा ग्रे मार्केट के नियंत्रण में है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से करीब 98 प्रतिशत प्रोडक्ट्स चीन से आयात किए जाते हैं, जिनकी लागत महज 2 से 3 रुपये के आसपास होती है। भारत में इन्हें भारी मुनाफे के साथ आम ग्राहकों को 100 से 500 रुपये तक में बेचा जाता है।

विशेषज्ञों और एजेंसियों द्वारा हाल ही में टेम्पर्ड ग्लास के कई सैंपलों की टेस्टिंग कराई गई थी। एफएसएम-6000 (FSM-6000) स्ट्रेस मीटर से जब इन सैंपलों की जांच की गई, तो पता चला कि अधिकांश सैंपलों में शून्य कॉम्प्रेसिव स्ट्रेस (Zero Compressive Stress) था। इसका सीधा मतलब यह है कि बाजार में साधारण और घटिया कांच के टुकड़ों को 'टेम्पर्ड ग्लास' बताकर बेचा जा रहा है। ऐसे ग्लास फोन के गिरने पर स्क्रीन को बचाने में पूरी तरह असफल साबित होते हैं, बल्कि कई बार इनसे फोन की टच सेंसिटिविटी पर भी बुरा असर पड़ता है।

बिना बीआईएस सर्टिफिकेशन के नहीं बिकेगा स्क्रीन गार्ड

सरकार के नए नियमों के लागू होने के बाद बिना भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) सर्टिफिकेशन के भारत के बाजार में कोई भी स्क्रीन प्रोटेक्टर बेचना पूरी तरह से गैर-कानूनी माना जाएगा। हालांकि, सरकार ने निर्माताओं और आयातकों को नए मानकों को अपनाने के लिए पर्याप्त समय दिया है, ताकि वे अपनी पुरानी व्यवस्था को नए नियमों के अनुरूप ढाल सकें। इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य बाजार से घटिया क्वालिटी के उत्पादों को पूरी तरह बाहर करना है।

नियमों के लागू होने के बाद बाजार में केवल वही टेम्पर्ड ग्लास बिकेंगे, जिन्हें तयशुदा पैमानों पर परखा गया हो। कंपनियों को अपने उत्पादों की कड़ी टेस्टिंग करवानी होगी, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि फोन के जमीन पर गिरने की स्थिति में डिस्प्ले पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके अलावा, प्राइवेसी टेम्पर्ड ग्लास और अन्य आधुनिक स्क्रीन गार्ड्स के लिए भी मानक तय किए जाएंगे, जिससे यूजर्स को बेहतर अनुभव मिल सके।

क्या महंगे हो जाएंगे टेम्पर्ड ग्लास और क्या होगा जेब पर असर?

आम जनता के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन नए नियमों के आने के बाद टेम्पर्ड ग्लास बहुत महंगे हो जाएंगे? आधिकारिक गजट और रिपोर्ट्स के अनुसार, कीमतों को लेकर अभी कोई फिक्स आंकड़ा सामने नहीं आया है। हालांकि, यह तय है कि जब कंपनियां अपने उत्पादों को बीआईएस सर्टिफिकेशन दिलाएंगी और कड़ी टेस्टिंग प्रक्रियाओं से गुजरेंगी, तो लागत में थोड़ा बदलाव जरूर आएगा।

वर्तमान समय में बाजार में ब्रांडेड टेम्पर्ड ग्लास 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की कीमत में मिलते हैं, जबकि लोकल और बिना नाम वाले ग्लास 50 से 100 रुपये में आसानी से मिल जाते हैं। जानकारों का मानना है कि नए नियमों के बाद शायद आपको 50 रुपये वाले बेहद घटिया क्वालिटी के ग्लास न मिलें, लेकिन जो सर्टिफाइड ग्लास मिलेंगे वे आपके स्मार्टफोन की सुरक्षा की पूरी गारंटी देंगे।

"बाजार में बिकने वाले अधिकांश सस्ते स्क्रीन गार्ड केवल नाम के टेम्पर्ड होते हैं। वे फोन को कोई सुरक्षा नहीं देते। नए मानकों के लागू होने से उपभोक्ताओं को सही और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलेंगे, हालांकि शुरुआती दौर में कीमतों में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है।"— टेक इंडस्ट्री एक्सपर्ट

फोन की सुरक्षा और यूजर एक्सपीरियंस में होगा सुधार

भले ही नए नियमों के आने के बाद टेम्पर्ड ग्लास की कीमतों में थोड़ा इजाफा हो जाए, लेकिन इससे आपके महंगे स्मार्टफोन की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी। आज के समय में लोग 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक के स्मार्टफोन खरीदते हैं, लेकिन स्क्रीन गार्ड के मामले में कंजूसी कर जाते हैं। एक घटिया टेम्पर्ड ग्लास फोन की स्क्रीन को गिरने पर बचाने में नाकाम रहता है, जिससे डिस्प्ले बदलने का हजारों रुपये का खर्च आ जाता है।

सर्टिफाइड टेम्पर्ड ग्लास के इस्तेमाल से न केवल फोन की डिस्प्ले सुरक्षित रहेगी, बल्कि टच करने का अनुभव और स्क्रीन की स्पष्टता (Clarity) भी बेहतर होगी। आने वाले दिनों में जब ये नियम पूरी तरह प्रभावी होंगे, तो ग्राहकों को ठगी से राहत मिलेगी और उन्हें अपनी गाढ़ी कमाई का सही मूल्य मिल सकेगा। मोबाइल यूजर्स के लिए यह एक बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी कदम साबित होने वाला है।

द फ्रीलांस पत्रकारिता नीति (Editorial Commitment):हम निष्पक्ष, सटीक और तथ्यात्मक पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रमाणित समाचार एजेंसियों, आधिकारिक बयानों और स्थानीय संवाददाताओं से प्राप्त इनपुट के आधार पर तैयार की गई है।
विज्ञापन एवं अनुशंसित सामग्री • RECOMMENDED

संबंधित खबरें (Related Articles)

फ्लिपकार्ट बिग बिलियन सेल से पहले अर्ली बर्ड डील्स लाइव: सस्ते में मिल रहे हैं धांसू स्मार्टफोन्स, जानिए ऑफर्स की पूरी डिटेलNATIONAL

फ्लिपकार्ट बिग बिलियन सेल से पहले अर्ली बर्ड डील्स लाइव: सस्ते में मिल रहे हैं धांसू स्मार्टफोन्स, जानिए ऑफर्स की पूरी डिटेल

24 सित॰
छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की दुनिया में बड़ा धमाका: दमदार रेंज और सुपरफास्ट चार्जिंग वाली नई ईवी लॉन्चNATIONAL

छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की दुनिया में बड़ा धमाका: दमदार रेंज और सुपरफास्ट चार्जिंग वाली नई ईवी लॉन्च

24 सित॰
महंगे स्मार्टफोन की सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा: चंद रुपयों वाला सस्ता स्क्रीन गार्ड बिगाड़ रहा फोन का टच और सेंसरNATIONAL

महंगे स्मार्टफोन की सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा: चंद रुपयों वाला सस्ता स्क्रीन गार्ड बिगाड़ रहा फोन का टच और सेंसर

24 सित॰
घर बैठे मिलेगा IMAX थिएटर्स का अनुभव: मेटा ने पेश किए स्मार्ट ग्लासेज और खास VR डिवाइसNATIONAL

घर बैठे मिलेगा IMAX थिएटर्स का अनुभव: मेटा ने पेश किए स्मार्ट ग्लासेज और खास VR डिवाइस

24 सित॰
ऑटोमैटिक एआई एजेंट ने सरकारी सिस्टम में लगाई सेंध: ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश, दुनिया भर में मचा हड़कंपNATIONAL

ऑटोमैटिक एआई एजेंट ने सरकारी सिस्टम में लगाई सेंध: ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश, दुनिया भर में मचा हड़कंप

24 सित॰
बुलेट ट्रेन का कमाल: 320 की रफ्तार पर भी नहीं महसूस होगा झटका, अपनाई जा रही है ये खास तकनीकNATIONAL

बुलेट ट्रेन का कमाल: 320 की रफ्तार पर भी नहीं महसूस होगा झटका, अपनाई जा रही है ये खास तकनीक

24 सित॰
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का महाविस्फोट: 2028 तक हर डिजिटल कार्य पर होगा एआई का कब्जा, मस्क की चेतावनी से दुनिया में हलचलNATIONAL

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का महाविस्फोट: 2028 तक हर डिजिटल कार्य पर होगा एआई का कब्जा, मस्क की चेतावनी से दुनिया में हलचल

24 सित॰
एप्पल विजन प्रो की छुट्टी करने आ रहे मेटा के नए VR ग्लासेस: वजन 100 ग्राम से कम, पेटीएम फाउंडर भी हुए कायलNATIONAL

एप्पल विजन प्रो की छुट्टी करने आ रहे मेटा के नए VR ग्लासेस: वजन 100 ग्राम से कम, पेटीएम फाउंडर भी हुए कायल

24 सित॰