शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली घटना
देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों के बीच का रिश्ता हमेशा से गुरु और शिष्य की पारंपरिक गरिमा से जुड़ा रहा है। हालांकि, आधुनिक दौर में कई बार ऐसे वादे और वाकये सामने आ जाते हैं जो इस पवित्र रिश्ते को तार-तार कर देते हैं। ताजा मामला देश के नामी शिक्षण संस्थानों में शुमार होने वाली निरमा यूनिवर्सिटी से जुड़ा है, जहां का एक वीडियो इन दिनों इंटरनेट की दुनिया में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस वीडियो को देखने के बाद हर कोई हैरान है कि आखिर एक शिक्षक अपने गुस्से पर इस तरह से कैसे नियंत्रण खो सकता है।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लेक्चर के दौरान या किसी सांस्कृतिक-शैक्षणिक कार्यक्रम के मंच पर छात्र अक्सर हंसी-मजाक या अनौपचारिक बातें कर लेते हैं। कई बार छात्र अपनी मस्ती में कुछ ऐसा कह जाते हैं जिस पर शिक्षक या तो मुस्कुराकर आगे बढ़ जाते हैं या फिर हल्की-फुल्की डांट लगाकर मामले को शांत कर देते हैं। लेकिन इस मामले में स्थिति बिल्कुल उलट नजर आई। एक छात्र की सामान्य सी टिप्पणी ने प्रोफेसर को इतना आक्रामक बना दिया कि उन्होंने सभी मर्यादाओं को ताक पर रख दिया।
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'जल्दी कर पनवेल निकलना है' टिप्पणी पर भड़का गुस्सा
वायरल हो रहे वीडियो के पीछे की जो कहानी सामने आ रही है, उसके मुताबिक एक कार्यक्रम या सत्र के दौरान छात्र की तरफ से एक लोकप्रिय मीम या कॉमिक अंदाज में टिप्पणी की गई। छात्र ने मजाकिया लहजे में कहा कि 'जल्दी कर पनवेल निकलना है'। यह एक चर्चित फिल्मी डायलॉग है जो अक्सर अनौपचारिक बातचीत या दोस्तों के बीच जल्दी में कहीं जाने के संदर्भ में बोला जाता है। छात्र ने शायद यह बात हल्के-फुल्की मस्ती के मूड में कही होगी, जिसका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था।
लेकिन यह बात मंच पर मौजूद प्रोफेसर साहब के दिल पर तीर की तरह चुभ गई। प्रोफेसर महोदय को लगा कि छात्र ने सरेआम उनकी बेइज्जती की है या उनके लेक्चर का मजाक उड़ाया है। बस फिर क्या था, प्रोफेसर का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तुरंत अपनी शालीनता और शिक्षक होने की गरिमा को दरकिनार कर दिया और उस छात्र को सबके सामने अपनी भड़ास निकालने का निशाना बना डाला।
मंच पर बुलाकर पकड़ा कॉलर, मची अफरा-तफरी
गुस्से में सुधबुध खो चुके प्रोफेसर ने अपनी मर्यादा की सीमा लांघते हुए उस छात्र को अपने पास मंच पर आने का निर्देश दिया। जैसे ही छात्र मंच के करीब पहुंचा या स्टेज पर चढ़कर सामने आया, प्रोफेसर ने गुस्से मेंा आकर उसका कॉलर पकड़ लिया। इस अप्रत्याशित और आक्रामक हरकत को देखकर सभागार में मौजूद अन्य छात्र और शिक्षक सन्न रह गए। किसी को समझ ही नहीं आया कि चंद सेकेंड पहले तक सामान्य चल रहे माहौल में अचानक यह तूफान कैसे आ गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हुआ, यह जंगल की आग की तरह फैल गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह एक शिक्षक गुस्से में आपा खो बैठा और छात्र के साथ शारीरिक आक्रामकता पर उतर आया। इस घटना के बाद से शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और छात्रों के साथ उनके व्यवहार को लेकर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है।
सोशल मीडिया पर भड़के लोग, विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठे सवाल
जब से यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ है, तब से आम जनता, पूर्व छात्रों और शिक्षाविदों की तरफ से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि एक शिक्षक को इस तरह का हिंसक और आक्रामक रवैया कतई शोभा नहीं देता। अगर छात्र ने अनुशासनहीनता की थी या कोई अनुचित टिप्पणी की थी, तो उसके खिलाफ यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए थी, न कि सड़क छाप गुंडों की तरह सरेआम कॉलर पकड़ा जाना चाहिए था।
"शिक्षण संस्थानों का माहौल ज्ञान और बौद्धिक विकास के लिए होता है, न कि इस तरह की व्यक्तिगत आक्रामकता और शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा। शिक्षकों से हमेशा संयम की उम्मीद की जाती है।" — शिक्षा विशेषज्ञ और समाज विश्लेषक
आगे क्या हो सकता है और क्या है सबक
इस पूरी घटना ने देश भर के विश्वविद्यालयों के प्रबंधन को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या परिसरों में शिक्षकों के लिए किसी प्रकार की काउंसलिंग या स्ट्रेस मैनेजमेंट ट्रेनिंग की जरूरत है। आज के समय में युवा छात्र कई बार पॉप कल्चर और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स के हिसाब से बातें करते हैं, जिन्हें शिक्षकों को परिपक्वता के साथ हैंडल करना चाहिए। यदि हर छोटी बात पर इस तरह से हिंसक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगेंगी, तो छात्र और शिक्षक के बीच का पवित्र विश्वास हमेशा के लिए टूट जाएगा। अब देखना यह होगा कि निरमा यूनिवर्सिटी का प्रशासन इस मामले में क्या आधिकारिक कदम उठाता है और आरोपी प्रोफेसर पर क्या कार्रवाई की जाती है।







