नोएडा में डेंगू का प्रकोप: पांच दिनों में मिले 47 नए मरीज
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा में डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार सामने आ रहे नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक डेंगू के कुल 201 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। खास बात यह है कि इनमें से 47 मरीज सिर्फ पिछले पांच दिनों के भीतर ही सामने आए हैं, जो इस बात का संकेत है कि संक्रमण की रफ्तार काफी तेज हो चुकी है। हालांकि राहत की बात यह है कि सभी संक्रमित मरीज निजी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर और सामान्य बनी हुई है।
संक्रमण की इस अचानक आई तेजी के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिन इलाकों से मरीजों के पॉजिटिव होने की सूचना मिल रही है, वहां तुरंत मेडिकल टीमों को भेजा जा रहा है। ये टीमें मरीजों के घरों के आसपास जाकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि संक्रमण आगे न फैले। इसके साथ ही लार्वा की जांच करने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है ताकि मच्छरों के पनपने के रास्तों को पूरी तरह से बंद किया जा सके।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में उमड़ी भीड़, 60 प्रतिशत से ज्यादा बुखार के मरीज
बदलते मौसम और मानसून के प्रभाव के कारण सरकारी जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, रोजाना लगभग 3 से 4 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक लोग ऐसे हैं जो वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित होकर आ रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि मौसम में हो रहे लगातार बदलाव और तापमान के उतार-चढ़ाव की वजह से वायरल संक्रमण के मामलों में भारी इजाफा हुआ है।
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि इस समय जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। बुखार के लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते समय मास्क का प्रयोग करें और अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। जलभराव की स्थिति बिल्कुल न बनने दें, क्योंकि यही वह मुख्य वजह है जिससे डेंगू फैलाने वाले मच्छर पनपते हैं।
नोएडा प्राधिकरण का बड़ा कदम: युद्ध स्तर पर शुरू हुआ फॉगिंग और लार्वा रोधी अभियान
डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए अब नोएडा प्राधिकरण भी मैदान में उतर आया है। प्राधिकरण की ओर से शहर के विभिन्न सेक्टरों, सोसाइटियों और ग्रामीण इलाकों के लिए एक विशेष रोस्टर तैयार किया गया है। इस योजना के तहत गुरुवार से पूरे जिले में बड़े पैमाने पर एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग का अभियान शुरू कर दिया गया है। प्राधिकरण के तमाम अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विशेष टीमों को मैदान में तैनात किया गया है जो कॉलोनियों और खुले प्लॉटों के गड्ढों तथा नालियों में जमा पानी पर लगातार एंटी लार्वा का छिड़काव कर रही हैं। इसके साथ ही शाम के समय मच्छरों के खात्मा के लिए चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर फॉगिंग कराई जा रही है। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य यह है कि मच्छरों का लार्वा बड़ा होने से पहले ही नष्ट कर दिया जाए।
जलभराव और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, 50 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि डेंगू के खिलाफ लड़ाई में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मलेरिया विभाग की टीमों ने शहरभर में औचक निरीक्षण तेज कर दिया है। इस दौरान जिन आवासीय सोसाइटियों, निर्माण स्थलों, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में पानी भरा हुआ मिला या जहां मच्छरों का लार्वा पनपता हुआ पाया गया, उनके खिलाफ तुरंत कड़े कदम उठाए गए हैं। विभाग की तरफ से अब तक 50 से अधिक ऐसे संस्थानों और व्यक्तियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा ने मीडिया को बताया कि डेंगू के सभी पॉजिटिव मरीजों की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनके घरों के आसपास सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
"मौसम में बदलाव के इस दौर में जरा सी भी सावधानी से डेंगू और वायरल जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है। हम लगातार फॉगिंग और लार्वा रोधी रसायनों का छिड़काव करवा रहे हैं, लेकिन नागरिकों का सहयोग सबसे ज्यादा जरूरी है ताकि पानी जमा न होने पाए।" — एसपी सिंह, महाप्रबंधक, नोएडा प्राधिकरण
आम नागरिकों के लिए जरूरी गाइडलाइंस: कैसे करें अपनी और परिवार की सुरक्षा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आम नागरिकों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। घरों की छतों पर रखे कूलरों, गमलों, पुराने टायरों और टूटे-फूट बर्तनों में पानी बिल्कुल इकट्ठा न होने दें। कूलर का पानी हफ्ते में कम से कम एक बार पूरी तरह खाली करके उसे सुखा लें। इसके अलावा सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें ताकि मच्छरों के काटने की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
यदि किसी भी व्यक्ति को लगातार तेज बुखार, बदन दर्द, जोड़ों में जकड़न या कमजोरी महसूस हो तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या किसी योग्य चिकित्सक से संपर्क करें। डेंगू की समय पर जांच और सही इलाज से बीमारी पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग घबराएं नहीं बल्कि सतर्कता और सावधानी के साथ इस चुनौती का सामना करें।







