पंजाब नेशनल बैंक की स्पेशल एफडी स्कीम का बढ़ रहा है क्रेज
ग्राहकों की संख्या के लिहाज से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB) देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक है। सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न चाहने वाले करोड़ों निवेशकों के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी हमेशा से ही पहली पसंद रहा है। इसी कड़ी में बैंक अपने ग्राहकों को एफडी खातों पर आकर्षित करने के लिए कई तरह की विशेष योजनाएं चला रहा है। वर्तमान में बैंक की ओर से सामान्य ग्राहकों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों को लुभावने ब्याज ऑफर किए जा रहे हैं, जिससे लोग अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखते हुए उस पर बेहतर मुनाफा कमा सकें।
देश का यह प्रमुख सरकारी बैंक एफडी खातों पर 3.00 प्रतिशत से लेकर 7.40 प्रतिशत तक का अलग-अलग अवधियों के लिए ब्याज दे रहा है। अगर आप भी आने वाले दिनों में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो पंजाब नेशनल बैंक की यह खास योजना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि की झंझट में न पड़कर मध्यम अवधि में अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं, उनके लिए 666 दिनों की मियाद वाली यह एफडी स्कीम एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आई है।
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कितने दिनों तक खुलवा सकते हैं खाता और क्या है नियम?
पंजाब नेशनल बैंक में ग्राहकों को अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से निवेश करने की पूरी छूट मिलती है। इस बैंक में कम-से-कम 7 दिनों की सबसे छोटी अवधि के लिए एफडी खाता खुलवाया जा सकता है। इसके अलावा, जो लोग लंबी अवधि के लिए अपनी बचत को लॉक करना चाहते हैं, वे अधिकतम 10 सालों की लंबी अवधि के लिए भी एफडी खाता खुलवा सकते हैं। बैंक की इन अलग-अलग अवधियों पर ब्याज दरें भी उसी हिसाब से तय की जाती हैं ताकि हर वर्ग के निवेशक को उसका पूरा लाभ मिल सके।
हाल ही में बैंक द्वारा शुरू की गई 666 दिनों की विशेष एफडी स्कीम पर निवेशकों का खास ध्यान आकर्षित हो रहा है। इस विशेष अवधि के लिए बैंक अलग-अलग आयु वर्ग के हिसाब से ब्याज दरों का भुगतान कर रहा है। बैंक के आधिकारिक नियमों के अनुसार, यह ब्याज दरें पूरी तरह से पारदर्शी हैं और 3 करोड़ रुपये से कम के कुल डिपॉजिट पर ही लागू होती हैं। ऐसे में खुदरा निवेशकों के लिए यह योजना किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।
विभिन्न आयु वर्ग के निवेशकों के लिए ब्याज दरों का पूरा गणित
पंजाब नेशनल बैंक अपनी 666 दिनों की एफडी स्कीम पर अलग-अलग आयु वर्ग के निवेशकों को अलग-अलग दरों पर लाभ दे रहा है। बैंक 59 साल तक के सभी सामान्य ग्राहकों को 666 दिनों की इस एफडी पर 6.50 प्रतिशत का ब्याज दे रहा है। यह दर उन कामकाजी लोगों और युवाओं के लिए है जो पारंपरिक निवेश में सुरक्षित रिटर्न पसंद करते हैं।
इसके अलावा, जो ग्राहक 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के हैं और जिन्हें सीनियर सिटीजन की श्रेणी में रखा जाता है, उनके लिए बैंक ने बड़ा ऐलान किया है। यह सरकारी बैंक सीनियर सिटीजन्स को 666 दिनों की एफडी स्कीम पर पूरे 7.00 प्रतिशत का शानदार ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं, जो लोग बेहद बुजुर्ग यानी 80 साल या इससे ज्यादा उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन्स की श्रेणी में आते हैं, उन्हें इस योजना के तहत सबसे अधिक 7.30 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है।
"बैंक अपने हर वर्ग के ग्राहकों को उनकी बचत का उचित मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध है। वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए हमारी विशेष दरें उनके वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करती हैं। निवेश से जुड़े सभी नियम और शर्तें आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय की जाती हैं ताकि ग्राहकों का भरोसा हमेशा बना रहे।" — पंजाब नेशनल बैंक, प्रबंधन बयान
वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है अतिरिक्त लाभ का फायदा
सामान्य नागरिकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा से ही बैंकिंग योजनाओं में प्राथमिकता मिलती रही है। पंजाब नेशनल बैंक भी अपने बुजुर्ग खाताधारकों का पूरा ख्याल रखता है। बैंक एफडी खातों पर सीनियर सिटीजन्स को सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत यानी आधा फीसदी ज्यादा ब्याज देता है। यह अतिरिक्त ब्याज उनके जीवनयापन में आर्थिक संबल प्रदान करने का काम करता है।
इतना ही नहीं, इस सरकारी बैंक ने सुपर सीनियर सिटीजन्स यानी 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए और भी बड़ा कदम उठाया है। बैंक सुपर सीनियर सिटीजन्स को एफडी खातों पर सामान्य सीनियर सिटीजन्स की तुलना में भी 0.30 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज दे रहा है। इस तरह से दोहरी छूट के चलते अति वरिष्ठ नागरिकों को कुल मिलाकर काफी लाभ मिल जाता है। बैंक ने अपनी इन ब्याज दरों में आखिरी बार 1 जून, 2026 को संशोधन किया था, जिसके बाद से ये दरें निरंतर लागू हैं।
रेपो रेट और अन्य बैंकों के साथ तुलनात्मक स्थिति
वित्तीय बाजार के जानकारों का मानना है कि किसी भी बैंक द्वारा एफडी खातों पर दी जाने वाली ब्याज दरें हवा में तय नहीं होतीं। पंजाब नेशनल बैंक सहित देश के बाकी सभी कमर्शियल बैंकों द्वारा एफडी पर मिलने वाले रिटर्न सीधे तौर पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय की जाने वाली रेपो रेट पर निर्भर करते हैं। रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी प्रत्येक दो महीने में एक बार अपनी अहम बैठक आयोजित करती है, जिसमें देश की अर्थव्यवस्था, खुदरा महंगाई दर, वैश्विक बाजार के हालात और अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखकर रेपो रेट तय किया जाता है।
जब-जब आरबीआई रेपो रेट में बदलाव करता है, बैंकों पर भी अपनी ब्याज दरों को संशोधित करने का दबाव बनता है। यही कारण है कि देश के तमाम बड़े बैंक समय-समय पर अपनी एफडी दरों में फेरबदल करते रहते हैं। यदि आप भी पंजाब नेशनल बैंक में 666 दिनों की इस स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं, तो बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर या फिर नेट बैंकिंग के जरिए आसानी से एफडी बुक करा सकते हैं। निवेश करने से पहले हमेशा अपनी वित्तीय स्थिति का आकलन जरूर कर लें ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।






