नई दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट — त्योहारी सीजन आते ही देश के लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी खबरें सामने आने लगी हैं। भारतीय रेलवे के करीब ग्यारह लाख चालीस हजार अराजपत्रित कर्मचारियों को इस बार भी अठहत्तर दिन का उत्पादकता से जुड़ा बोनस यानी पीएएलबी मिलने जा रहा है। सरकार के इस फैसले से रेलवे कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है और दिवाली से पहले उनका यह तोहफा पक्का हो गया है। इस बोनस पर आने वाला खर्च सरकार उठाएगी ताकि कर्मचारियों का त्योहारी उत्साह फीका न पड़े।
इस बीच केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी तीन प्रमुख पेंशन योजनाओं में बड़ा बदलाव किया है। इन योजनाओं के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम हटा दिया गया है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत चलने वाली इन योजनाओं का प्रशासनिक सरलीकरण और नामकरण में बदलाव हालिया प्रशासनिक फैसलों का हिस्सा है। विपक्षी दलों ने इस बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है, हालांकि सरकार का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक सुधार का मामला है।
दिव्यांगों के लिए नया नियम और जन्म से पेंशन का प्रावधान
पेंशन योजनाओं में हुए बदलाव के साथ ही दिव्यांगजन कल्याण को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। अब जन्म से ही दिव्यांगता का शिकार लोगों के लिए पेंशन प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया गया है। प्रशासनिक दांवपेंच और कागजी कार्रवाई के चक्कर में पहले जो लोग भटकते थे, उन्हें अब सीधे तौर पर लाभ देने की तैयारी है। सामाजिक न्याय मंत्रालय की इस नई पहल से जमीनी स्तर पर जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दूसरी तरफ देश के दूसरे हिस्सों से भी कुछ अलग और रोचक खबरें सुर्खियों में बनी हुई हैं। कोलकाता की सड़कों पर सुरक्षा और सुंदरता बढ़ाने के लिए विशेष रंग-रोगन किया गया है, जिसके बाद बाइकर्स के फिसलने की खबरें सामने आई हैं। इस मामले पर राज्य की मंत्री ने सफाई देते हुए कहा है कि इस तरह के रंग का इस्तेमाल अमेरिका और आइसलैंड जैसे देशों में भी होता है। नगर निगम और यातायात विभाग अब इस सड़क पेंटिंग के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं ताकि हादसों को रोका जा सके।
चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार
राजनीतिक गलियारों और कानूनी मोर्चे पर भी आज का दिन काफी हलचल भरा रहा है। देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब किसी भी तरह के बहाने नहीं चलेंगे। अदालत ने दो हजार तेईस के कर्नाटक चुनाव से जुड़े मामलों में काउंटिंग यानी मतों की गिनती की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह आदेश बेहद अहम माना जा रहा है।
उड़ान सुरक्षा से जुड़ा एक अन्य मामला भी आज चर्चा का विषय बना रहा। हैदराबाद से श्रीनगर जा रही इंडिगो की एक उड़ान को टेकऑफ से ठीक पहले वापस पार्किंग बे में लौटना पड़ा। विमान के भीतर एक यात्री के पास पावर बैंक मिलने के बाद सुरक्षा नियमों के तहत यह कदम उठाया गया। विमानन सुरक्षा नियमों की कड़ाई के चलते चालक दल ने तुरंत एहतियात बरती और विमान को वापस बुलाकर पूरी जांच पड़ताल की गई, जिससे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
रेलवे बोनस और पेंशन बदलाव पर जमीनी प्रतिक्रियाएं
द फ्रीलान्स की टीम ने जब रेलवे कर्मचारियों और आम जनता से इस पूरे घटनाक्रम पर बात की तो मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। रेलवे यूनियन के सदस्यों ने अठहत्तर दिन के बोनस के फैसले का स्वागत किया है, वहीं पेंशन योजनाओं के नाम बदलने को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी महंगाई के इस दौर में त्योहारी बोनस को बड़ी राहत मान रहा है, लेकिन प्रशासनिक बदलावों पर हर किसी की अपनी अलग राय है।












