नई दिल्ली/रियाद — पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ गया है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद और देश के अन्य महत्वपूर्ण हवाई अड्डों को निशाना बनाकर हूती विद्रोहियों ने ड्रोन और मिसाइल से बड़े हमले किए हैं। इन हमलों में तीन विदेशी नागरिकों की जान चली गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता की लहर दौड़ गई है। इस गंभीर सुरक्षा संकट के बीच भारत सरकार ने इन हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में अपनी आपत्ति दर्ज कराई है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है।
घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने सक्रियता दिखाई और स्थिति पर गहरी नजर रखनी शुरू कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने रियाद के मुख्य हवाई अड्डों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं, जिसके कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस हमले के बाद हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन काफी देर तक पूरी तरह बाधित रहा। यात्रियों को अपनी यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी और सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हाई अलर्ट पर कर दिया गया ताकि किसी भी बड़े नुकसान को टाला जा सके।
रियाद एयरपोर्ट पर हमलों से अफरा-तफरी
हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए इन हमलों की गूंज सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर भारत समेत कई अन्य देशों की विमान सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सुरक्षा के हालात को देखते हुए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी प्रमुख विमानन कंपनियों ने एहतियात के तौर पर दस अक्टूबर तक रियाद जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। विमानन कंपनियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए सबसे ऊपर है और मौजूदा हालात में वहां उड़ान भरना जोखिम भरा हो सकता है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के रास्ते रियाद के लिए नई कम कीमत वाली विमान सेवा यानी लो बजट फ्लाइट शुरू करने की जो योजनाएं बनाई जा रही थीं, उन पर भी इस ताजा घटनाक्रम का असर पड़ सकता है। हाल ही में अरब देशों के साथ भारत की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कई नए रूटों पर काम चल रहा था। लेकिन मध्य पूर्व में अचानक बिगड़े इन सुरक्षा समीकरणों के बाद अब एयरलाइंस कंपनियों और यात्रियों दोनों को अपनी आगामी योजनाओं पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।
विमान कंपनियों ने दस अक्टूबर तक उड़ानों पर लगाई रोक
जमीनी हालात का जायजा ले रहे सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हूती विद्रोहियों द्वारा नागरिक ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है। रियाद जैसे व्यस्त शहर में इस तरह के हमलों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा बाजार पर भी बुरा असर पड़ने की पूरी आशंका बनी हुई है। खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी भारत सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है और वहां के स्थानीय दूतावास लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आम नागरिकों और काम के सिलसिले में रियाद जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय काफी परेशानी भरा साबित हो रहा है। एयरलाइंस द्वारा उड़ानें रद्द किए जाने के कारण यात्रियों को अपने टिकट रिफंड कराने या यात्रा की तारीखें आगे बढ़ाने के लिए लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी कर रियाद जाने वाले यात्रियों को ताजा अपडेट लेते रहने की सलाह दी है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या असुविधा से बचा जा सके।
भारत का कड़ा रुख और आगे की स्थिति
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने आतंकवाद और हिंसक हमलों के खिलाफ अपनी पुरानी और स्पष्ट नीति को दोहराया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और नागरिक ठिकानों पर इस तरह के कायराना हमले क्षेत्रीय शांति के प्रयासों को बड़ा झटका देते हैं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे ऐसे हमलों को रोकने के लिए मिलकर ठोस कदम उठाएं, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके और आम नागरिकों की जान जोखिम में न पड़े।









