सलमान खान का छलका पुराना दर्द: जब हर अखबार और टीवी पर छपती थीं नकारात्मक खबरें
बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान इन दिनों रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' को होस्ट कर रहे हैं। शो के हालिया 'वीकेंड का वार' एपिसोड में सलमान खान ने अपनी जिंदगी के एक ऐसे दौर का जिक्र किया, जिसे याद कर आज भी उनके फैंस हैरान रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनकी निजी जिंदगी, टूटे रिश्तों और अदालती मामलों को लेकर मीडिया में लगातार नकारात्मक माहौल तैयार किया जा रहा था। जब भी कोई अखबार या टीवी चैनल खोलकर देखा जाता, तो उनके खिलाफ ही खबरें परोसी जाती थीं।
सलमान ने कंटेस्टेंट्स से बातचीत करते हुए यह बात इसलिए साझा की क्योंकि घर के सदस्य गेम में खुलकर खेलने से डर रहे थे। उन्हें लग रहा था कि अपनी असली शख्सियत दिखाने से वीकेंड पर उन्हें डांट पड़ सकती है। इस पर रिएक्ट करते हुए सलमान ने अपनी जिंदगी का उदाहरण दिया और बताया कि कैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों का सामना किया और अपनी छवि को सुधारा। उन्होंने माना कि उस दौर में उनकी आलोचना करने का कोई मौका नहीं छोड़ा जाता था और लोग मजे लेकर उनके बारे में गलत बातें छापते थे।
कंटेस्टेंट्स को समझाते हुए सलमान ने कहा कि जिंदगी में कभी भी अपनी असली पहचान को छुपाना नहीं चाहिए। चाहे हालात कितने भी खराब क्यों न हों, अगर आप अपने आप में सही हैं तो आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है और फैंस उनके इस बेबाक अंदाज की तारीफ कर रहे हैं।
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'दस का दम' शो ऑफर होने पर क्यों झिझक रहे थे भाईजान?
बातचीत के दौरान सलमान खान ने खुलासा किया कि जब उन्हें सोनी टीवी का लोकप्रिय गेम शो '10 का दम' ऑफर हुआ था, तो वह इसे साइन करने को लेकर बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। उनके मन में एक अजीब सा डर था कि चूंकि उनके खिलाफ पहले से ही इतना नकारात्मक माहौल बना हुआ है, ऐसे में इस शो को करने से उन्हें और ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्हें लगा था कि दर्शक शायद उन्हें इस रूप में स्वीकार नहीं करेंगे।
लेकिन वक्त ने करवट ली और यह शो उनके करियर का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। सलमान ने माना कि इस शो ने उनकी किस्मत और पब्लिक इमेज दोनों को बदलकर रख दिया। इससे पहले लोग उन्हें सिर्फ फिल्मों के फिल्मी किरदारों के जरिए जानते थे, लेकिन इस शो ने जनता को उनका असली और याराना अंदाज दिखाया।
"उस समय जब भी मैं अखबार खोलता या टीवी देखता, तो मेरे बारे में नेगेटिव खबरें ही दिखाई देती थीं। इसी दौरान मुझे टीवी शो 10 का दम ऑफर हुआ, लेकिन मैं शुरुआत में इसे करने के लिए तैयार नहीं था क्योंकि मुझे लग रहा था कि मेरे खिलाफ पहले से ही काफी नेगेटिव माहौल बना हुआ है।" — सलमान खान, अभिनेता
पिता सलीम खान की एक सलाह ने कैसे बदल दी पूरी जिंदगी
मुश्किल घड़ी में जब सलमान खान असमंजस में थे कि उन्हें '10 का दम' होस्ट करना चाहिए या नहीं, तब उन्होंने अपने पिता और मशहूर लेखक सलीम खान से सलाह ली। सलमान ने अपने पिता के सामने अपनी सारी चिंताएं रखीं और बताया कि लोग उनके बारे में क्या कुछ कह रहे हैं। इसके बाद सलीम खान ने उनसे एक बहुत ही सीधा और गहरा सवाल पूछा।
सलीम खान ने सलमान से पूछा कि क्या उन्हें अपनी परवरिश, अपने संस्कारों और खुद पर पूरा भरोसा है या नहीं। सलमान ने बिना किसी हिचकिचाहट के 'हां' में जवाब दिया। इसके बाद उनके पिता ने उन्हें सलाह दी कि अगर उन्हें अपनी परवरिश पर भरोसा है, तो उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शो में जाओ और कैमरे के सामने बिल्कुल वैसे ही रहो जैसे तुम असल जिंदगी में हो।
पिता की इस बहुमूल्य सलाह ने सलमान खान में एक नया आत्मविश्वास भर दिया। उन्होंने शो साइन किया और पहले ही एपिसोड से दर्शकों का दिल जीत लिया। इस शो के जरिए जनता को समझ आया कि परदे के पीछे का इंसान और परदे पर दिखने वाला अभिनेता असल जिंदगी में कितना अलग और जमीन से जुड़ा हुआ है।
अमिताभ बच्चन के संघर्ष से की अपने दौर की तुलना
अपने करियर के उतार-चढ़ाव पर बात करते हुए सलमान खान ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के जीवन का भी उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे अमिताभ बच्चन ने भी अपने करियर में एक ऐसा दौर देखा था जब उन्हें भारी मुश्किलों और नकारात्मकता का सामना करना पड़ा था। हालांकि, बिग बी ने हिम्मत नहीं हारी और 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) के जरिए धमाकेदार वापसी की।
सलमान ने कहा कि बड़े से बड़े कलाकारों को अपने जीवन में कठिन दौर से गुजरना पड़ता है, लेकिन असली इंसान वही है जो हार मानने के बजाय डटकर मुकाबला करे। अमिताभ बच्चन की तरह ही '10 का दम' ने सलमान के जीवन में एक नई सुबह की शुरुआत की और उनकी पब्लिक इमेज को एक सकारात्मक दिशा दी।
निष्कर्ष: मुश्किलों से घबराने के बजाय खुद पर रखें भरोसा
सलमान खान का यह अनुभव इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि किसी भी इंसान की असली पहचान उसके काम और उसकी सच्चाई से तय होती है, न कि उसके खिलाफ फैलाई गई अफवाहों से। चाहे मीडिया का रुख आपके खिलाफ क्यों न हो, यदि आप अपनी नजरों में साफ हैं और अपनी परवरिश पर भरोसा रखते हैं, तो वक्त अपने आप हर जख्म भर देता है और सच्चाई सामने आ ही जाती है।






