छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचीं केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर
देश की राजनीति में इन दिनों कई अहम मुद्दों पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। इसी बीच केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर अपने आधिकारिक छत्तीसगढ़ दौरे के तहत स्टील सिटी कहे जाने वाले दुर्ग और भिलाई क्षेत्र में पहुंचीं। इस दौरे के दौरान उन्होंने विभिन्न राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनके इस प्रवास ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक गलियारों में भी खासी सुर्खियां बटोरी हैं, क्योंकि उन्होंने कुछ ऐसे मुद्दों पर खुलकर बात की जिन पर सियासी हलकों में लगातार कयास लगाए जा रहे थे।
अपने इस व्यस्त दौरे की शुरुआत में मंत्री महोदया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को स्थानीय नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सुना। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण जगहों का औचक और निर्धारित निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ स्थानीय प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें क्षेत्र की विकास योजनाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी दी।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोलीं केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर
दुर्ग प्रवास के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मामले पर चुप्पी तोड़ी और एक बड़ा बयान सामने रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में बताया कि आखिर किन परिस्थितियों के चलते धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से हटना पड़ा। मंत्री ठाकुर के अनुसार, हाल ही में जंतर-मंतर पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ संदिग्ध और असामाजिक तत्व घुस आए थे, जिससे वहां एक बड़ा सुरक्षा संकट खड़ा हो गया था।
उन्होंने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि इस तरह के तत्वों के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने से बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका बढ़ गई थी। देश विरोधी ताकतों को किसी भी प्रकार का बढ़ावा न मिले और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे, इसी नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने अपना इस्तीफा सौंपा। सावित्री ठाकुर के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां विश्लेषक इसके विभिन्न राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं।
"जंतर-मंतर पर हुए प्रोटेस्ट में कई ऐसे असामाजिक तत्व और संदिग्ध लोग घुस आए थे, जो देश विरोधी ताकतों को बढ़ावा दे सकते थे। बच्चों और आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी अनहोनी की आशंका को टालने के लिए ही पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह बड़ा कदम उठाया।" — सावित्री ठाकुर, केंद्रीय राज्य मंत्री
सखी वन स्टॉप सेंटर और महिला थाने का कड़ा निरीक्षण
राजनीतिक बयानों से इतर, अपने मंत्रालय से जुड़े विभागों की जमीनी हकीकत परखने के लिए केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने दुर्ग के सेक्टर-6 स्थित महिला थाने और सखी वन स्टॉप सेंटर का भी दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर संकटग्रस्त महिलाओं को दी जाने वाली कानूनी सहायता, पुलिस सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि पीड़ित महिलाओं को किसी भी स्तर पर असुविधा का सामना न करना पड़े।
सखी वन स्टॉप सेंटर में घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों से पीड़ित महिलाओं के मामलों की फाइलें खंगालते हुए उन्होंने वहां के स्टाफ से अब तक दर्ज हुए मामलों का पूरा ब्योरा मांगा। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर आश्रय और विधिक सहायता मिलनी चाहिए। सेंटर की साफ-सफाई और कार्यप्रणाली से संतुष्ट नजर आईं मंत्री ने वहां तैनात कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की और प्रशासनिक कसावट बनाए रखने के निर्देश दिए।
शासकीय स्कूल में बच्चों के बीच पहुंचकर बांटा पोषाहार
निरीक्षण के इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर दुर्ग के सेक्टर-6 स्थित एक शासकीय स्कूल में पहुंचीं, जहां 'आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम' का आयोजन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर को सुधारना और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों को प्रोत्साहित करना था। मंत्री महोदया ने वहां पहुंचकर बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे मील और पोषाहार की गुणवत्ता की खुद जांच की और बच्चों के साथ कुछ पल बिताए।
इतना ही नहीं, उन्होंने अपने हाथों से छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को भोजन परोसा, जिससे वहां मौजूद बच्चों और शिक्षकों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार देश के नौनिहालों के स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। कार्यक्रम के अंत में बेहतर और निष्ठावान सेवाएं देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया, जिससे ग्रामीण और शहरी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं का मनोबल ऊंचा हो सके।
सेवा संकल्प अभियान और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा
अपने दौरे के समापन पर पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनहित अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देश भर में 'सेवा संकल्प' अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक विशेष तौर पर 'आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम' का संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला और बाल विकास मंत्रालय जमीनी स्तर पर महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कड़े कदम उठा रहा है। इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य न केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, बल्कि धरातल पर आ रही कमियों को दूर कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाना भी है। छत्तीसगढ़ का यह दौरा राजनीतिक बयानों और सामाजिक सरोकारों दोनों ही दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है।








