छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सनसनीखेज वीडियो
देशभर में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक नाबालिग छात्र-छात्रा को रास्ते में रोककर कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और छेड़खानी किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही आम नागरिकों और युवाओं में भारी रोष व्याप्त है।
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस प्रकार कुछ असामाजिक तत्व कानून और व्यवस्था को ताक पर रखकर नाबालिगों के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। इस घटना के तूल पकड़ने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। अभिभावकों में इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि यदि इस तरह की घटनाएं खुलेआम होती रहेंगी, तो बच्चे बाहर निकलने से भी डरेंगे।
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पर संज्ञान लेना शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए यह साफ हो गया था कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। यही वजह रही कि वीडियो सामने आने के अगले ही दिन विरोध के स्वर सड़कों पर गूंजने लगे।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का बड़ा विरोध प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे सैकड़ों छात्र
वायरल वीडियो में दिख रहे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बैनर तले बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। शहर की सड़कों पर मंगलवार को सुबह से ही गहमागहमी का माहौल था। बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए और आरोपियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं का गुस्सा साफ झलक रहा था। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाएं समाज के माथे पर कलंक हैं और इन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हाथों में न्याय की मांग वाली तख्तियां लिए छात्र विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए मार्च करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल भी तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके, लेकिन छात्रों का आक्रोश पूरी तरह से शांतिपूर्ण लेकिन मुखर था।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि बेटियों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तो उनका यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा। प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं का जोश और आक्रोश इस बात का गवाह था कि वे इस मामले में किसी भी प्रकार की हीला-हवाली बर्दाश्त करने के मूड में नहीं थे।
समाहरणालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
शहरी मार्गों से मार्च करते हुए अभाविप कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं सीधे समाहरणालय पहुंचे। समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वायरल वीडियो में सामने आई घटना अत्यंत गंभीर है और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत पुलिस कार्रवाई होनी चाहिए।
समाहरणालय के मुख्य गेट के सामने कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। छात्रों का आरोप था कि प्रशासन इस मामले में सुस्त रवैया अपना रहा है और आरोपियों को पकड़ने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
"वायरल वीडियो में सामने आया कृत्य बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। इस घटना में शामिल एक-एक आरोपी की पहचान कर प्रशासन को त्वरित और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न जुटा सके। छात्र समाज अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा।"— छात्र संगठन प्रतिनिधि
इस दौरान प्रदर्शनकारियों में इस बात को लेकर भी गहरी नाराजगी थी कि एक घंटे तक लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी बात सुनने के लिए मौके पर नहीं आया। इस प्रशासनिक उदासीनता ने छात्रों के गुस्से को और अधिक भड़का दिया, जिसके बाद उन्होंने एक बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया।
कचहरी चौक पर चक्काजाम: यातायात हुआ ठप, आमजन को हुई भारी परेशानी
समाहरणालय पर अधिकारियों के नहीं पहुंचने से आक्रोशित छात्र नेताओं ने विरोध के अगले चरण के तहत कचहरी चौक की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारी सीधे कचहरी चौक पहुंचे और सड़क के बीचों-बीच बैठकर यातायात पूरी तरह से जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण चौक के चारों ओर वाहनों लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
सड़क जाम के कारण अपने दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि आपातकालीन वाहनों को निकालने के लिए छात्रों ने संवेदनशीलता दिखाई, लेकिन सामान्य यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। जाम की स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
यातायात बाधित होने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी हरकत में आए। घटना की गंभीरता को भांपते हुए सदर बीडीओ और अन्य प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांत कराने का प्रयास शुरू किया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ जाम, पुलिस जांच में जुटी
कचहरी चौक पर जाम की स्थिति देख मौके पर पहुंचे सदर बीडीओ और अन्य अधिकारियों ने अभाविप के नेताओं और प्रदर्शनकारी छात्रों से लंबी बातचीत की। अधिकारियों ने छात्रों को आश्वस्त किया कि वायरल वीडियो की सत्यता की पूरी जांच की जा रही है और उसमें दिख रहे सभी आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई है।
पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और बहुत जल्द उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। प्रशासन की ओर से की जा रही इस सख्त कार्रवाई के आश्वासन और बीडीओ द्वारा दिए गए ठोस भरोसे के बाद छात्रों ने अपना जाम समाप्त कर दिया।
जाम खुलने के करीब एक घंटे बाद शहर का यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका और लोगों ने राहत की सांस ली। इस प्रदर्शन में प्रदेश मंत्री सुमित सिंह, प्रांत एसएफडी सहसंयोजक अभिनय दुबे, जिला संयोजक अखिलेश सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शांतनु सिंह, अमन सिंह चंदेल समेत 500 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल रहे। बहरहाल, पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है और सभी आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।





