सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की तीन नए जजों के नामों की सिफारिश
देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट को जल्द ही तीन नए न्यायाधीश मिलने जा रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने एक अहम बैठक के बाद देश के तीन प्रमुख उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को सर्वोच्च अदालत में पदोन्नत करने की संस्तुति की है। इस प्रस्ताव के केंद्र सरकार के पास पहुंचने के बाद अब आगे की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके तहत जल्द ही इन नियुक्तियों पर मुहर लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यायिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कॉलेजियम ने जिन नामों पर मुहर लगाई है, उनमें देश के अलग-अलग राज्यों के अहम हाईकोर्ट्स की कमान संभाल रहे अनुभवी और वरिष्ठ मुख्य न्यायाधीश शामिल हैं। इस कदम से शीर्ष अदालत में लंबित मामलों के तेजी से निपटारे और न्यायिक कामकाज की दक्षता में और अधिक मजबूती आने की पूरी संभावना है।
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किन दिग्गजों के नामों पर लगी कॉलेजियम की मुहर?
सोमवार को आयोजित हुई कॉलेजियम की उच्चस्तरीय बैठक में कई न्यायिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद जिन तीन नामों की अनुशंसा की गई है, उनमें गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के नाम शामिल हैं। इन सभी जजों का न्यायिक करियर बेहद शानदार और बेदाग रहा है।
न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय देश के सबसे व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले उच्च न्यायालयों की अगुवाई कर रहे हैं। वहीं, जस्टिस अपरेश कुमार सिंह भी अपने फैसलों और कानून की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। कॉलेजियम के इस फैसले के बाद इन सभी जजों के पैतृक आवासों और संबंधित राज्यों के कानूनी हलकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कौन-कौन शामिल है पांच सदस्यीय कॉलेजियम में?
भारतीय न्यायपालिका की व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम देश में जजों की नियुक्ति और उनके तबादलों का सबसे बड़ा निर्णय लेने वाला निकाय है। इस महत्वपूर्ण कॉलेजियम में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के अलावा शीर्ष अदालत के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल हैं। इस पैनल में जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीएस नरसिम्हा अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इन पांचों दिग्गजों की समिति ने देश भर के उच्च न्यायालयों के वरिष्ठ न्यायाधीशों के कामकाज, उनके फैसलों के रिकॉर्ड और उनकी कार्यकुशलता का बारीकी से आकलन करने के बाद इन तीन नामों पर सर्वसम्मति से सहमति बनाई। कॉलेजियम की यह सिफारिश अब कानून मंत्रालय के माध्यम से राष्ट्रपति के पास भेजी जाएगी, जहां से वारंट जारी होने के बाद वे शपथ ग्रहण करेंगे।
दिल्ली और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों का सफर
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय का जन्म उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के मुस्कुराई गांव में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में वकालत की लंबी पारी खेली। वे उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता भी रहे और बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट तथा दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उनके सुप्रीम कोर्ट जाने की खबर से उनके पैतृक गांव में जश्न का माहौल है।
दूसरी ओर, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह का भी विधिक जगत में बड़ा नाम रहा है। झारखंड हाईकोर्ट से जुड़े रहने के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले दिए। झारखंड स्टेट बार काउंसिल और वहां के वरिष्ठ वकीलों ने उनकी इस संभावित पदोन्नति को राज्य के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
सर्वोच्च अदालत में अब बढ़ जाएगी जजों की संख्या
मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में जजों के स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्तियां चल रही थीं, जिसके कारण मामलों की सुनवाई का दबाव लगातार बना हुआ था। इन तीनों नए जजों के शपथ लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो जाएगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मुकदमों के त्वरित निस्तारण में काफी मदद मिलेगी और न्याय प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।
"न्यायपालिका में वरिष्ठ और अनुभवी जजों के आने से मुकदमों के बोझ को कम करने में सीधी मदद मिलती है। कॉलेजियम का यह निर्णय देश की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सक्षम बनाएगा।" — विधिक विशेषज्ञ
देशभर के न्यायविदों और आम नागरिकों की निगाहें अब केंद्र सरकार की ओर से इन नियुक्तियों पर अंतिम मोहर लगने और राष्ट्रपति भवन से अधिसूचना जारी होने पर टिकी हुई हैं। उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ये सभी नए जज सुप्रीम कोर्ट में पदभार ग्रहण कर लेंगे।








