इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में टाटा मोटर्स का क्रांतिकारी कदम
भारतीय वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की स्वीकार्यता को बढ़ाने के लिए देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने एक बड़ा और बेहद अहम फैसला लिया है। आमतौर पर आम आदमी के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदना एक खर्चीला सौदा साबित होता है, जिसकी सबसे बड़ी वजह गाड़ी में इस्तेमाल होने वाली भारी-भरकम बैटरी की ऊंची लागत होती है। किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन की कुल लागत का लगभग 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा केवल उसकी बैटरी पर खर्च होता है। इसी वित्तीय चुनौती से पार पाने के लिए वाहन उद्योग में 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' यानी BaaS मॉडल को एक गेम-चेंजर उपाय के रूप में देखा जा रहा है।
इस नई व्यवस्था के तहत अब ग्राहकों को कार खरीदते वक्त उसकी पूरी कीमत एकमुश्त या एक साथ नहीं चुकानी पड़ती है। कार और बैटरी की लागत को अलग-अलग विभाजित कर दिया जाता है, जिससे गाड़ी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत भारी गिरावट के साथ सामने आती है। टाटा मोटर्स ने अपनी एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक गाड़ियों से लेकर प्रीमियम फ्लैगशिप कारों तक अपने पोर्टफोलियो के सभी मॉडल्स को इस सब्सक्रिप्शन मॉडल के अंतर्गत उपलब्ध करा दिया है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन मध्यमवर्गीय परिवारों का सपना बहुत आसानी से पूरा हो सकेगा जो बजट के अभाव में अब तक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से दूर थे.
संबंधित खबरें
कैसे काम करता है BaaS सब्सक्रिप्शन मॉडल और इसके फायदे
बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) मॉडल मूल रूप से एक ड्यूल-लोन फाइनेंस प्रोडक्ट की तरह कार्य करता है। जब कोई ग्राहक इस मॉडल के तहत गाड़ी खरीदता है, तो उसे केवल वाहन के ढांचे (बॉडी और मोटर) की कीमत चुकानी होती है, जबकि बैटरी के लिए उसे एक अलग सब्सक्रिप्शन या मंथली रेंटल प्लान चुनना पड़ता है। टाटा मोटर्स ने इसके लिए देश के प्रमुख वित्तीय संस्थानों और बैंकों के साथ मजबूत साझेदारियां की हैं, जो खरीदारों को आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराते हैं।
इस प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इलेक्ट्रिक कार की शुरुआती अपफ्रंट कॉस्ट बहुत कम हो जाती है। खरीदार को गाड़ी की मूल कीमत का एक छोटा हिस्सा ही शुरुआत में देना होता है। हालांकि, बैटरी के इस्तेमाल के एवज में ग्राहकों को तय नियमों के मुताबिक प्रति किलोमीटर के हिसाब से या मासिक किस्त चुकानी होती है। इसमें यह बात भी ध्यान देने योग्य है कि बैटरी के इस किराए में गाड़ी की सामान्य सर्विसिंग, रिपेयरिंग या चार्जिंग का खर्च शामिल नहीं होता है, जिनका भुगतान वाहन मालिक को अपने नियमित इस्तेमाल के अनुसार अलग से करना होता है.
टियागो ईवी से लेकर हैरियर ईवी तक नई कीमतें और विकल्प
टाटा मोटर्स के इस व्यापक प्लान के बाद अब ग्राहकों के पास अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से वाहन चुनने के ढेरों विकल्प मौजूद हैं। कंपनी की सबसे लोकप्रिय और किफायती इलेक्ट्रिक हैचबैक टाटा टियागो ईवी की सामान्य शुरुआती कीमत बाजार में 6.99 लाख रुपये है, लेकिन BaaS मॉडल के तहत इसकी शुरुआती कीमत घटकर महज 4.69 लाख रुपये रह जाती है। इसके साथ आने वाली 19kWh क्षमता की बैटरी के लिए ग्राहकों को उपयोग के आधार पर 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा।
ठीक इसी तरह, बहुप्रतीक्षित कॉम्पैक्ट एसयूवी टाटा पंच ईवी, जिसकी सामान्य कीमत 9.79 लाख रुपये है, अब BaaS विकल्प के साथ 6.59 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर घर लाई जा सकती है। इसमें मिलने वाली 30kWh की बैटरी के लिए भी 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया तय किया गया है। टाटा की बेस्ट-सेलिंग नेक्सन ईवी की मूल कीमत 14.34 लाख रुपये से शुरू होती है, जिसे इस प्लान के जरिए 8.99 लाख रुपये में खरीदा जा सकता है, और इसके लिए बैटरी का उपयोग शुल्क 4.4 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है.
प्रीमियम रेंज की कारों पर भी मिल रहा है विशेष सब्सक्रिप्शन का लाभ
केवल छोटी गाड़ियां ही नहीं, बल्कि टाटा मोटर्स ने अपनी प्रीमियम और आधुनिक डिजाइन वाली बड़ी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को भी इस दायरे में शामिल किया है। कूपे डिजाइन वाली टाटा कर्व ईवी की सामान्य कीमत 17.19 लाख रुपये है, लेकिन BaaS मॉडल के तहत इसे 10.99 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर खरीदा जा सकता है, जहां बैटरी का उपयोग शुल्क 5.0 रुपये प्रति किलोमीटर है।
कंपनी की आगामी और स्टाइलिश सिएरा ईवी की सामान्य कीमत 18.79 लाख रुपये से शुरू होती है, जिसे BaaS के तहत केवल 11.99 लाख रुपये में प्राप्त किया जा सकता है, और इसके लिए बैटरी का किराया 5.5 रुपये प्रति किलोमीटर देना होगा। इसके अलावा, टाटा की फ्लैगशिप और सबसे दमदार इलेक्ट्रिक एसयूवी हैरियर ईवी, जिसकी सामान्य कीमत 21.79 लाख रुपये है, अब इस प्लान के माध्यम से 14.49 लाख रुपये की आकर्षक शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है। इसके बैटरी उपयोग के लिए 5.9 रुपये प्रति किलोमीटर का रेंटल तय किया गया है.
ग्राहकों को किन बातों का रखना होगा विशेष ध्यान
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की सलाह है कि BaaS मॉडल का लाभ उठाने से पहले हर ग्राहक को अपने रोजाना के ड्राइविंग पैटर्न और सफर की दूरी का सटीक आकलन जरूर कर लेना चाहिए। जो ग्राहक रोजाना कम दूरी तय करते हैं और अपनी गाड़ी का इस्तेमाल सीमित रखते हैं, उनके लिए कम शुरुआती कीमत वाला यह मॉडल बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके विपरीत, जो लोग रोजाना बहुत लंबी यात्राएं करते हैं और अपनी गाड़ी को बहुत ज्यादा किलोमीटर चलाते हैं, उन्हें लंबी अवधि में बैटरी के कुल किराए का गणित अवश्य समझ लेना चाहिए।
"टाटा मोटर्स का बैटरी-एज-ए-सर्विस मॉडल भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। यह उन अनगिनत उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा अवसर है जो ऊंची शुरुआती लागत के कारण ईवी सेगमेंट में कदम रखने से हिचकिचा रहे थे। इससे देश में हरित गतिशीलता को अभूतपूर्व गति मिलेगी।" — ऑटोमोबाइल उद्योग विशेषज्ञ
कुल मिलाकर देखा जाए तो टाटा मोटर्स का यह कदम देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक बेहद ठोस प्रयास है। सही वित्तीय नियोजन और अपनी ड्राइविंग जरूरतों को समझकर यदि ग्राहक इस मॉडल को अपनाते हैं, तो पर्यावरण के अनुकूल सफर करना अब आम आदमी के बजट में बेहद आसान हो गया है। आने वाले समय में अन्य वाहन निर्माता कंपनियां भी अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए इस प्रकार के अभिनव वित्तीय विकल्पों को बाजार में उतार सकती हैं।





