यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में गूंज रहा है आत्मनिर्भरता और लोक संस्कृति का संदेश
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित हो रहे भव्य इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार आगंतुकों के लिए एक ऐसा अनोखा अनुभव देखने को मिल रहा है, जो पारंपरिक सरकारी प्रदर्शनियों से पूरी तरह अलग है। समाज कल्याण विभाग की ओर से बनाए गए इस खास आउटलेट में कदम रखते ही लोग अचंभित रह जाते हैं। यहां फाइलों और भारी-भरकम दस्तावेजों के जरिए योजनाओं को समझाने के बजाय, जीवंत मॉडलों और आधुनिक तकनीक के माध्यम से जनता को जागरूक किया जा रहा है। प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक हर एक कोना किसी न किसी कल्याणकारी योजना की कहानी बयां करता नजर आता है।
इस अनूठी प्रदर्शनी को देखने के लिए हर उम्र के लोग पहुंच रहे हैं। छात्रों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस बात की सराहना कर रहा है कि कैसे जटिल सरकारी प्रक्रियाओं को आसान विजुअल्स और मॉडल्स में तब्दील कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की इन जनकल्याणकारी पहलों को एक ही छत के नीचे देखना लोगों के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ एक बेहतरीन अनुभव भी साबित हो रहा है।
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डिजिटल सेल्फी प्वाइंट और आधुनिक तकनीक से जुड़ाव
आउटलेट के बिल्कुल शुरुआती हिस्से में एक अत्याधुनिक डिजिटल सेल्फी प्वाइंट स्थापित किया गया है, जो युवाओं और परिवारों को अपनी ओर आकर्षित करने में सबसे आगे है। यहां आने वाले लोग एक विशेष क्यूसेक मशीन की मदद से अपनी खूबसूरत तस्वीरें क्लिक करवा रहे हैं। तस्वीर खींचने के पल भर बाद ही वह सीधे उनके निजी मोबाइल फोन पर डिजिटल रूप में पहुंच जाती है। तकनीक के इस अनूठे इस्तेमाल से न केवल युवा वर्ग बल्कि हर आगंतुक इस प्रदर्शनी से तुरंत जुड़ महसूस करता है।
सेल्फी प्वाइंट के बाद जब लोग आगे बढ़ते हैं, तो उन्हें समाज कल्याण विभाग की अन्य डिजिटल सेवाओं और पोर्टलों की जानकारी मिलती है। आज के दौर में तकनीकी समावेश के जरिए कैसे आम आदमी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है, इसका सजीव उदाहरण इस काउंटर पर देखने को मिलता है। अधिकारी और कर्मचारी आगंतुकों को इन डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करना भी बड़े सरल तरीके से सिखा रहे हैं।
विवाह मंडप और हवन कुंड का जीवंत मॉडल
इस आउटलेट का सबसे भावुक और आकर्षक हिस्सा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को समर्पित मॉडल है। दो सजे-धजे विवाह मंडपों के भीतर कटआउट के माध्यम से दूल्हा-दुल्हन को सात फेरे लेते हुए बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया है। इन मंडपों में इलेक्ट्रॉनिक हवन कुंड भी लगाए गए हैं, जिससे पूरा दृश्य किसी असली विवाह समारोह जैसा आभास कराता है। यह मॉडल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता और उसके महत्व को बिना किसी लंबे भाषण के सीधे दिल तक पहुंचा देता है。
इस मॉडल को देखकर लोग रुकते हैं और इसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करते हैं। कई आगंतुकों का कहना है कि इस प्रकार के सजीव प्रदर्शन से योजनाओं की गहराई और उनकी उपयोगिता को समझने में बहुत आसानी होती है। यह उन गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी उम्मीद की किरण है जो अपनी बेटियों के हाथ पीले करने की चिंता में रहते हैं।
ज्योति टेलर और किराना स्टोर से आत्मनिर्भरता की उड़ान
महिलाओं के सशक्तिकरण और उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों को 'ज्योति टेलर' काउंटर के जरिए बहुत ही शानदार ढंग से पेश किया गया है। ग्रामीण परिवेश की एक महिला को घर पर ही सिलाई का काम करते हुए दिखाया गया है, जिससे यह संदेश मिलता है कि सरकारी मदद और थोड़े से प्रशिक्षण से महिलाएं कैसे अपने हुनर को कमाई का जरिया बना सकती हैं। इसके ठीक पास में दीपक किराना स्टोर का एक छोटा सा मॉडल रखा गया है, जो छोटे व्यवसायों के जरिए ग्रामीण परिवारों की आर्थिक रीढ़ मजबूत करने की कहानी कहता है।
"सरकार की कोशिश है कि योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें धरातल पर जीवंत रूप में दिखाया जाए ताकि हर जरूरतमंद तक इसकी सही जानकारी पहुंच सके।"— समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
इन मॉडलों के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। ट्रेड शो में आने वाले लोग न केवल इन उत्पादों की सराहना कर रहे हैं, बल्कि दिल खोलकर इनकी खरीदारी भी कर रहे हैं। इससे महिला उद्यमियों का हौसला और अधिक बढ़ रहा है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और लोक कलाओं का अद्भुत संगम
योजनाओं के इस सफर से आगे बढ़ते ही मंच पर पहुंचते ही नजारा पूरी तरह सांस्कृतिक उत्सव में बदल जाता है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों की पारंपरिक लोककलाओं और मनमोहक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां इस पूरे आयोजन में चार चांद लगा रही हैं। कलाकारों के थिरकते कदमों और पारंपरिक संगीत की धुनों पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता है। दर्शक अपने मोबाइल कैमरों में इन पलों को कैद करने से नहीं चूकते और कई लोग कलाकारों के साथ सेल्फी लेते नजर आते हैं।
यह आउटलेट केवल एक सूचना केंद्र न बनकर शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और संस्कृति का एक अनूठा संगम बन चुका है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस तरह की नवीन प्रस्तुति ने साबित कर दिया है कि यदि सरकार अपनी योजनाओं को रचनात्मकता के साथ जनता के सामने रखे, तो आम नागरिक भी उसमें गहरी रुचि लेते हैं। यह आयोजन आने वाले दिनों में और अधिक रिकॉर्ड तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।








