उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों का नया दौर: पारदर्शी प्रक्रिया से बदले युवाओं के दिन
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक बार फिर रोजगार के मोर्चे पर बड़ा दिन आया। राज्य सरकार की निष्पक्ष और पारदर्शी नीतियों के चलते शिक्षकों के पदों पर चयनित हुए नए अभ्यर्थियों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब उन्हें सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र प्राप्त हुए। राजधानी लखनऊ में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए सफल अभ्यर्थियों ने शिरकत की। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त, तेज और पारदर्शी रही है, जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है।
लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा था। जिन अभ्यर्थियों ने वर्षों तक कड़ा संघर्ष किया, वे आज बिना किसी सिफारिश या रिश्वतखोरी के अपनी मेहनत के दम पर सरकारी सेवा में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। राज्य सरकार का दावा है कि युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी विजन के साथ राज्य का शिक्षा विभाग तेजी से काम कर रहा है।
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महिला अभ्यर्थियों ने साझा किए अपने अनुभव: बिना भेदभाव मिल रहे आगे बढ़ने के अवसर
इस चयन प्रक्रिया में महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में सफलता हासिल की है। वाराणसी के अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज में कला विषय की प्रवक्ता (पीजीटी) के रूप में चयनित आंचल शुक्ला ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाना उनके जीवन का सबसे बड़ा क्षण है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ने के समान अवसर मिल रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षा का जो मजबूत माहौल बना है, उससे विभिन्न क्षेत्रों में उनकी भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
आंचल शुक्ला की तरह ही मऊ की रहने वाली ममता मौर्या का चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। ममता ने बताया कि उन्होंने साल 2005 में एमए पूरा किया था और उसके बाद से लगातार सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रही थीं। पूर्व के वर्षों में अक्सर परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या फिर परिणाम आने में कई-कई साल लग जाते थे। लेकिन इस बार आयोग की पारदर्शी व्यवस्था के चलते न केवल परीक्षा समय पर हुई, बल्कि सफलता मिलते ही तुरंत नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद यह सफलता उनके पूरे परिवार के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है।
"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर मैं और मेरा परिवार बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मैं पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करूंगी।" — कुमारी ऊषा सिंह, चयनित सहायक अध्यापक, गोरखपुर
पुरानी सरकारों की अव्यवस्था पर विराम: युवाओं ने की त्वरित प्रक्रिया की सराहना
चयनित अभ्यर्थियों ने पिछली सरकारों के दौर की अव्यवस्थाओं को याद करते हुए वर्तमान व्यवस्था की जमकर तारीफ की। आजमगढ़ के श्रीवैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता (पीजीटी) के रूप में चयनित गोपाल प्रजापति ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में परीक्षाओं की कोई निश्चितता नहीं होती थी। धांधली और भ्रष्टाचार के कारण योग्य युवा अक्सर मायूस रह जाते थे। लेकिन वर्तमान सरकार ने इन सभी कमियों को दूर करके एक बेहद मजबूत और पारदर्शी सिस्टम तैयार किया है।
मऊ से टीजीटी गणित के पद पर चयनित शिवम बरनवाल का कहना है कि आज की चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद के लिए कोई जगह नहीं है। बिना किसी सिफारिश या रिश्वतखोरी के युवाओं को सीधे उनकी योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। इसी तरह गोरखपुर में गृह विज्ञान की सहायक अध्यापक (टीजीटी) चुनी गई कुमारी ऊषा सिंह और अमेठी से टीजीटी संस्कृत के लिए चयनित शिव प्रसाद मिश्रा ने भी सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप वे अपने सेवाकाल में पूरी ईमानदारी से बच्चों का भविष्य संवारेंगे।
शिक्षा व्यवस्था को मिल रही नई ऊर्जा: पारदर्शी आयोग की बड़ी सफलता
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से हो रही इन भर्तियों से न केवल योग्य शिक्षकों की कमी पूरी हो रही है, बल्कि सरकारी तंत्र के प्रति युवाओं का भरोसा भी मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी राज्य में चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होती है, तो इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ता है। युवा अब बिना किसी मानसिक तनाव के पूरी लगन के साथ अपनी पढ़ाई और परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।
राज्य सरकार का यह कदम आने वाले समय में अन्य विभागों के लिए भी एक मिसाल बनता जा रहा है। जिस प्रकार से युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश का युवा वर्ग देश के विकास में और अधिक सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी दर्ज कराएगा। चयनित शिक्षकों ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ प्रदेश के नौनिहालों का भविष्य उज्जवल बनाएंगे।






